बलिया में AAP का प्रदर्शन, मोदी-ट्रंप डील का विरोध:पार्टी ने कहा- यह देश विरोधी, किसानों के हित दांव पर

बलिया में AAP का प्रदर्शन, मोदी-ट्रंप डील का विरोध:पार्टी ने कहा- यह देश विरोधी, किसानों के हित दांव पर

बलिया कलक्ट्रेट में शनिवार को आम आदमी पार्टी (AAP) के सदस्यों ने जोरदार प्रदर्शन किया। इस दौरान उन्होंने सरकार और प्रधानमंत्री के खिलाफ नारेबाजी की और मोदी-ट्रंप ट्रेड डील की प्रतीकात्मक प्रतियां जलाईं। AAP सदस्यों ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की मांगों को मान रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस ट्रेड डील को लेकर देशभर में गहरी चिंताएं और आशंकाएं हैं। पार्टी का कहना था कि इस समझौते की शर्तों, संभावित लाभार्थियों और दूरगागामी प्रभावों के बारे में न तो संसद को विश्वास में लिया गया है और न ही जनता के समक्ष पूरी पारदर्शिता बरती गई है। प्रदर्शनकारियों ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कुछ भारतीय उद्योग समूहों (जैसे अडानी) के खिलाफ चल रही जांचों, समन और वित्तीय अनियमितताओं का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि ऐसे समय में जब अडानी को अमेरिका में समन जारी होने और एप्स्टीन प्रकरण में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का नाम आने जैसी घटनाएं सामने आई हैं, तब मोदी-ट्रंप ट्रेड डील की समय-संवेदनशीलता और इसकी प्राथमिकताओं पर स्वाभाविक रूप से सवाल उठते हैं। AAP ने राफेल सौदे का भी उदाहरण दिया, जिसमें अनिल अंबानी की 12 दिन पुरानी कंपनी को ऑफसेट पार्टनर बनाए जाने पर गंभीर सवाल उठे थे। उस समय भी आरोप लगे थे कि सरकारी नीतिगत निर्णयों से चुनिंदा कॉरपोरेट समूहों को लाभ पहुंचाया गया। पार्टी ने मांग की कि मोदी-ट्रंप डील को लेकर यह स्पष्ट किया जाए कि कहीं यह समझौता भी किसी विशेष उद्योग समूह को लाभ पहुंचाने की मंशा से तो नहीं किया गया है। AAP ने मोदी सरकार पर देश के करोड़ों किसानों के हितों को अमेरिका के सामने गिरवी रखने का आरोप लगाया। उन्होंने बताया कि इस समझौते के तहत अमेरिका भारतीय उत्पादों पर 18 प्रतिशत टैक्स लगाएगा, जबकि भारत अमेरिकी उत्पादों पर शून्य प्रतिशत टैक्स वसूलेगा। सबसे गंभीर चिंता यह जताई गई कि भारत का कृषि बाजार अमेरिकी किसानों के लिए खोल दिया गया है, जिन्हें वहां लगभग 80 लाख रुपये तक की सब्सिडी मिलती है। ऐसे में भारतीय किसान बिना किसी ऐसी सब्सिडी के उनसे कैसे प्रतिस्पर्धा करेंगे, यह एक बड़ा सवाल है। यदि यह डील भारतीय बाजार को असंतुलित तरीके से विदेशी हितों के लिए खोलती है,तो इसका सीधा दुष्प्रभाव कृषि,रोजगार और स्थानीय उद्योगों पर पड़ेगा।यह केवल आर्थिक समझौता नहीं बल्कि देश की आत्मनिर्भरता और कृषि संरचना पर सीधा प्रहार है।आप सदस्यों ने राष्ट्रपति से मांग किया कि देश विरोधी मोदी-ट्रंप ट्रेड डील को तत्काल प्रभाव से स्थगित किया जाए जिससे देश के करोड़ों किसानों के हितों की रक्षा की जा सके।

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