पूर्व राज्यमंत्री एवं सदर विधायक पल्टूराम ने केंद्रीय बजट 2026-27 को “गांव, गरीब, किसान और नौजवान के कल्याण का बजट” बताया है। उन्होंने कहा कि यह बजट देश के समग्र और संतुलित विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। विधायक आवास पर आयोजित एक प्रेस वार्ता में पल्टूराम ने जानकारी दी कि लगभग 53.5 लाख करोड़ रुपये के कुल व्यय और सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) के 4.3 प्रतिशत राजकोषीय घाटे के लक्ष्य के साथ सरकार ने वित्तीय अनुशासन बनाए रखते हुए विकास को प्राथमिकता दी है। उन्होंने बताया कि 12.2 लाख करोड़ रुपये का पूंजीगत व्यय इंफ्रास्ट्रक्चर, रोजगार सृजन और औद्योगिक विकास को नई गति प्रदान करेगा। नई फ्रेट कॉरिडोर, हाई-स्पीड रेल और नेशनल वाटरवे जैसी परियोजनाएं देश में कनेक्टिविटी को मजबूत करेंगी। इसके अतिरिक्त, सेमीकंडक्टर, बायोफार्मा और दुर्लभ खनिज क्षेत्रों में निवेश से भारत की वैश्विक प्रतिस्पर्धा क्षमता में वृद्धि होगी। कर सुधारों पर बोलते हुए पल्टूराम ने कहा कि आयकर कानून 2025 को 1 अप्रैल 2026 से लागू करने तथा टीसीएस (टैक्स कलेक्टेड एट सोर्स) दरों में कमी से मध्यम वर्ग, विद्यार्थियों और छोटे व्यापारियों को राहत मिलेगी। सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (MSME) के लिए विशेष निधि और निवेश प्रोत्साहन योजनाएं युवाओं के लिए रोजगार सृजन में सहायक होंगी। रक्षा क्षेत्र में 7.8 लाख करोड़ रुपये का प्रावधान राष्ट्रीय सुरक्षा को मजबूती देगा। उन्होंने यह भी बताया कि उत्तर प्रदेश के लिए आधारभूत संरचना, कृषि, सिंचाई और ग्रामीण विकास को विशेष प्राथमिकता दी गई है। राष्ट्रीय राजमार्गों के चौड़ीकरण, एक्सप्रेस-वे परियोजनाओं, भंडारण एवं कोल्ड स्टोरेज इकाइयों को बढ़ावा मिलेगा। बलरामपुर जिले में सिंचाई परियोजनाओं, ग्रामीण सड़कों, कृषि आधारित उद्योगों तथा स्वास्थ्य सुविधाओं के उन्नयन से विकास को गति मिलेगी। इस प्रेस वार्ता में डीपी सिंह, पार्टी पदाधिकारी और मीडिया प्रतिनिधि उपस्थित रहे।


