दरभंगा के बाबा कुशेश्वरनाथ मंदिर में महाशिवरात्रि पर्व को लेकर तैयारियां अंतिम चरण में हैं। मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्रों में भक्ति और उत्साह का माहौल बना हुआ है। इस साल 50 हजार से अधिक श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। मंदिर से सटे बरगांव से भगवान शिव की भव्य बारात निकाली जाएगी। यह बारात नगर भ्रमण करते हुए बाबा कुशेश्वर धाम पहुंचेगी। आकर्षक और मनोहारी झांकियों से शिव-पार्वती विवाह की पौराणिक कथा को जीवंत रूप में प्रस्तुत किया जाएगा। विशेष विवाह झांकी भी निकाली जाएगी, जो श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र रहेगी। भीड़ को देखते हुए प्रशासन-मंदिर न्यास समिति की ओर सुरक्षा और सुविधा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं। मंदिर परिसर के आसपास बैरिकेडिंग की गई है। एंट्री ओर एग्जिट मार्ग सुरक्षा कर्मियों की तैनाती की गई है। साफ-सफाई की उचित व्यवस्था की गई है। मंदिर का रंग-रोगन और सौंदर्यीकरण का काम किया गया है। गंगा आरती का आयोजन भी होगा महाशिवरात्रि के अवसर पर शिवगंगा घाट पर भव्य गंगा आरती का आयोजन होगा। वैदिक मंत्रोच्चारण, शंखनाद और दीपों की रोशनी से पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठेगा। घाट को आकर्षक लाइटिंग से सजाया जा रहा है, जिससे रात के समय पूरा परिसर रोशनी से जगमगाएगा। साथ ही जलाभिषेक, पूजा-अर्चना और विशेष अनुष्ठानों की भी व्यवस्था की जा रही है। मंदिर न्यास समिति के सचिव गोपाल नारायण चौधरी ने श्रद्धालुओं से प्रशासन की ओर से जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की है, ताकि पर्व शांतिपूर्ण एवं व्यवस्थित ढंग से संपन्न हो सके। मंदिर को फूलों से सजाया जा रहा है शिव-पार्वती विवाह महोत्सव को लेकर मंदिर को रंग-बिरंगे फूलों और आकर्षक बिजली लाइटों से सजाया जा रहा है। यात्रियों की सुरक्षा एवं सुविधा के मद्देनजर मंदिर परिसर और शिवगंगा घाट तक पहुंचने वाले निर्धारित रूटों पर महिला और पुरुष श्रद्धालुओं के लिए अलग-अलग बैरिकेडिंग की व्यवस्था की जा रही है। संभावित भीड़ को देखते हुए प्रशासन के साथ-साथ कुशेश्वरनाथ महादेव मंदिर न्यास समिति के पदाधिकारी और सदस्य लगातार तैयारी में जुटे हैं।
राजकीय महोत्सव का दर्जा देने की मांग विधायक अतिरेक कुमार ने विधानसभा में कुशेश्वरस्थान शिव मंदिर के धार्मिक एवं सांस्कृतिक महत्व को रेखांकित करते हुए यहां आयोजित होने वाले श्रावणी मेला को राजकीय महोत्सव का दर्जा देने की मांग की। उन्होंने कहा कि सावन माह में लाखों श्रद्धालु यहां जलाभिषेक और पूजा-अर्चना के लिए पहुंचते हैं। अगर श्रावणी मेला को राजकीय महोत्सव का दर्जा मिलता है तो बेहतर प्रशासनिक व्यवस्था सुनिश्चित होगी। भव्य सांस्कृतिक आयोजन संभव होंगे। क्षेत्रीय पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। इस पर कला एवं संस्कृति विभाग के मंत्री ने सदन में बताया कि वर्तमान वित्तीय वर्ष का सांस्कृतिक कैलेंडर तैयार हो चुका है, हालांकि आगामी वित्तीय वर्ष में इस प्रस्ताव पर विचार किया जाएगा।
महादेव मंदिर में तैयारियों की समीक्षा बाबा कुशेश्वरनाथ महादेव मंदिर में महाशिवरात्रि पर्व को लेकर प्रशासनिक तैयारियों की व्यापक समीक्षा की गई है। पुलिस उप महानिरीक्षक, मिथिला प्रक्षेत्र दरभंगा मनोज कुमार तिवारी, जिलाधिकारी कौशल कुमार, वरीय पुलिस अधीक्षक जगुनाथ रेड्डी जला रेड्डी सहित अन्य वरीय पदाधिकारी मौजूद रहे। अधिकारियों ने मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्रों में की जा रही व्यवस्थाओं का स्थलीय निरीक्षण किया। सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन के निर्देश जिलाधिकारी ने श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए प्रमुख स्थलों पर सीसीटीवी कैमरे लगाने, पुरुष-महिला श्रद्धालुओं के लिए अलग-अलग बैरिकेडिंग की व्यवस्था, समुचित पार्किंग स्थल चिन्हित करने और ड्रॉप गेट की व्यवस्था सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
व्यवस्थाओं का लिया जायजा शुक्रवार को एसडीओ सह समिति अध्यक्ष शशांक राज एवं उपाध्यक्ष सह एसडीपीओ प्रभाकर तिवारी ने मंदिर परिसर और शिवगंगा घाट पर चल रहे कार्यों का जायजा लिया। कर्मियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। शिवगंगा में स्नान करने वाले श्रद्धालुओं के लिए मुख्य मार्ग के अतिरिक्त उच्च विद्यालय मार्ग से वैकल्पिक रास्ते की भी व्यवस्था की गई है। मंदिर में पूजा-अर्चना के बाद श्रद्धालुओं की निकासी पश्चिमी गेट से सुनिश्चित की जा रही है। दरभंगा के बाबा कुशेश्वरनाथ मंदिर में महाशिवरात्रि पर्व को लेकर तैयारियां अंतिम चरण में हैं। मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्रों में भक्ति और उत्साह का माहौल बना हुआ है। इस साल 50 हजार से अधिक श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। मंदिर से सटे बरगांव से भगवान शिव की भव्य बारात निकाली जाएगी। यह बारात नगर भ्रमण करते हुए बाबा कुशेश्वर धाम पहुंचेगी। आकर्षक और मनोहारी झांकियों से शिव-पार्वती विवाह की पौराणिक कथा को जीवंत रूप में प्रस्तुत किया जाएगा। विशेष विवाह झांकी भी निकाली जाएगी, जो श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र रहेगी। भीड़ को देखते हुए प्रशासन-मंदिर न्यास समिति की ओर सुरक्षा और सुविधा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं। मंदिर परिसर के आसपास बैरिकेडिंग की गई है। एंट्री ओर एग्जिट मार्ग सुरक्षा कर्मियों की तैनाती की गई है। साफ-सफाई की उचित व्यवस्था की गई है। मंदिर का रंग-रोगन और सौंदर्यीकरण का काम किया गया है। गंगा आरती का आयोजन भी होगा महाशिवरात्रि के अवसर पर शिवगंगा घाट पर भव्य गंगा आरती का आयोजन होगा। वैदिक मंत्रोच्चारण, शंखनाद और दीपों की रोशनी से पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठेगा। घाट को आकर्षक लाइटिंग से सजाया जा रहा है, जिससे रात के समय पूरा परिसर रोशनी से जगमगाएगा। साथ ही जलाभिषेक, पूजा-अर्चना और विशेष अनुष्ठानों की भी व्यवस्था की जा रही है। मंदिर न्यास समिति के सचिव गोपाल नारायण चौधरी ने श्रद्धालुओं से प्रशासन की ओर से जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की है, ताकि पर्व शांतिपूर्ण एवं व्यवस्थित ढंग से संपन्न हो सके। मंदिर को फूलों से सजाया जा रहा है शिव-पार्वती विवाह महोत्सव को लेकर मंदिर को रंग-बिरंगे फूलों और आकर्षक बिजली लाइटों से सजाया जा रहा है। यात्रियों की सुरक्षा एवं सुविधा के मद्देनजर मंदिर परिसर और शिवगंगा घाट तक पहुंचने वाले निर्धारित रूटों पर महिला और पुरुष श्रद्धालुओं के लिए अलग-अलग बैरिकेडिंग की व्यवस्था की जा रही है। संभावित भीड़ को देखते हुए प्रशासन के साथ-साथ कुशेश्वरनाथ महादेव मंदिर न्यास समिति के पदाधिकारी और सदस्य लगातार तैयारी में जुटे हैं।
राजकीय महोत्सव का दर्जा देने की मांग विधायक अतिरेक कुमार ने विधानसभा में कुशेश्वरस्थान शिव मंदिर के धार्मिक एवं सांस्कृतिक महत्व को रेखांकित करते हुए यहां आयोजित होने वाले श्रावणी मेला को राजकीय महोत्सव का दर्जा देने की मांग की। उन्होंने कहा कि सावन माह में लाखों श्रद्धालु यहां जलाभिषेक और पूजा-अर्चना के लिए पहुंचते हैं। अगर श्रावणी मेला को राजकीय महोत्सव का दर्जा मिलता है तो बेहतर प्रशासनिक व्यवस्था सुनिश्चित होगी। भव्य सांस्कृतिक आयोजन संभव होंगे। क्षेत्रीय पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। इस पर कला एवं संस्कृति विभाग के मंत्री ने सदन में बताया कि वर्तमान वित्तीय वर्ष का सांस्कृतिक कैलेंडर तैयार हो चुका है, हालांकि आगामी वित्तीय वर्ष में इस प्रस्ताव पर विचार किया जाएगा।
महादेव मंदिर में तैयारियों की समीक्षा बाबा कुशेश्वरनाथ महादेव मंदिर में महाशिवरात्रि पर्व को लेकर प्रशासनिक तैयारियों की व्यापक समीक्षा की गई है। पुलिस उप महानिरीक्षक, मिथिला प्रक्षेत्र दरभंगा मनोज कुमार तिवारी, जिलाधिकारी कौशल कुमार, वरीय पुलिस अधीक्षक जगुनाथ रेड्डी जला रेड्डी सहित अन्य वरीय पदाधिकारी मौजूद रहे। अधिकारियों ने मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्रों में की जा रही व्यवस्थाओं का स्थलीय निरीक्षण किया। सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन के निर्देश जिलाधिकारी ने श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए प्रमुख स्थलों पर सीसीटीवी कैमरे लगाने, पुरुष-महिला श्रद्धालुओं के लिए अलग-अलग बैरिकेडिंग की व्यवस्था, समुचित पार्किंग स्थल चिन्हित करने और ड्रॉप गेट की व्यवस्था सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
व्यवस्थाओं का लिया जायजा शुक्रवार को एसडीओ सह समिति अध्यक्ष शशांक राज एवं उपाध्यक्ष सह एसडीपीओ प्रभाकर तिवारी ने मंदिर परिसर और शिवगंगा घाट पर चल रहे कार्यों का जायजा लिया। कर्मियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। शिवगंगा में स्नान करने वाले श्रद्धालुओं के लिए मुख्य मार्ग के अतिरिक्त उच्च विद्यालय मार्ग से वैकल्पिक रास्ते की भी व्यवस्था की गई है। मंदिर में पूजा-अर्चना के बाद श्रद्धालुओं की निकासी पश्चिमी गेट से सुनिश्चित की जा रही है।


