भीलवाड़ा के भादू गांव में शनिवार को अवैध बजरी खनन के विरोध में ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा।गांव के बाहर से बजरी भरकर निकल रहे करीब आधा दर्जन ट्रैक्टरों को ग्रामीणों ने रोक लिया और मौके पर जमकर विरोध प्रदर्शन किया। ग्रामीणों का आरोप है कि लंबे समय से क्षेत्र में अवैध बजरी खनन जारी है, जिससे हादसों का खतरा बना हुआ है। ट्रेक्टर की चपेट में आने से युवक हुआ था घायल मामला मांडल थाना क्षेत्र के भादू गांव का है, दो दिन पहले गुरुवार को गांव के एक युवक को अवैध बजरी खनन में लगे ट्रैक्टर ने चपेट में ले लिया था,घटना के बाद से ग्रामीणों में भारी आक्रोश था और इसी के विरोध को लेकर आज शनिवार सुबह कुछ ग्रामीण रेकी के लिए गांव के बाहर एकत्र हुए, जहां बजरी से भरे ट्रैक्टर निकलते देख उन्हें रोक दिया गया। सूचना देने के एक घंटे बाद भी नहीं पहुंची पुलिस-प्रशासन ग्रामीणों ने तुरंत पुलिस और संबंधित विभाग को सूचना दी, लेकिन आरोप है कि सूचना देने के करीब एक घंटे बाद भी कोई अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा। इससे ग्रामीणों में और रोष बढ़ गया। ग्रामीणों का कहना है कि प्रशासन की ढिलाई के कारण अवैध खनन माफिया बेखौफ होकर गतिविधियां चला रहे हैं।ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि अवैध बजरी खनन पर शीघ्र रोक नहीं लगाई गई तो वे बड़ा आंदोलन करने को मजबूर होंगे। फिलहाल ट्रैक्टरों को रोककर ग्रामीण कार्रवाई की मांग पर अड़े रहे। कंटेंट: जितेंद्र सिंह गौड़, मांडल


