जम्मू-कश्मीर में इस समय सुरक्षा व्यवस्था बेहद कड़ी है और पूरी घाटी हाई अलर्ट पर है। आज (14 फरवरी, 2026) इस अलर्ट के पीछे कई महत्वपूर्ण और संवेदनशील कारण हैं: आज 2019 में हुए पुलवामा आतंकी हमले की 7वीं बरसी है। खुफिया एजेंसियों ने इनपुट दिया है कि आतंकी संगठन इस संवेदनशील तारीख का फायदा उठाकर सुरक्षा बलों या भीड़भाड़ वाले इलाकों को निशाना बनाने की कोशिश कर सकते हैं।
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इसको ध्यान में रखते हुए जम्मू कश्मीर के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) नलिन प्रभात ने शुक्रवार को सांबा जिले का दौरा किया और सीमावर्ती क्षेत्रों में सुरक्षा स्थिति की समीक्षा करने के लिए वरिष्ठ पुलिस एवं नागरिक प्रशासन अधिकारियों के साथ बैठक की।
अधिकारियों ने बताया कि डीजीपी ने समग्र सुरक्षा परिदृश्य का आकलन किया और सीमावर्ती जिलों में पुलिस की सतर्कता एवं तत्परता की समीक्षा की।
उन्होंने कहा कि बैठक में सांबा की उपायुक्त आयुषी सूदन, कठुआ के उपायुक्त राजेश शर्मा, सांबा के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक वीरेंद्र मनहास और कठुआ की वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मोहिता शर्मा सहित अन्य लोग उपस्थित थे।
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सतर्कता और तत्परता पर जोर
डीजीपी नलिन प्रभात ने सीमावर्ती जिलों में तैनात पुलिस बल की सतर्कता और तत्परता की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सीमा पार से होने वाली किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर पैनी नजर रखी जाए।
समग्र सुरक्षा आकलन: बैठक में घुसपैठ की कोशिशों को नाकाम करने और आतंकवाद विरोधी तंत्र को मजबूत करने पर ध्यान केंद्रित किया गया।
सिविल-पुलिस समन्वय: डीजीपी ने बेहतर सुरक्षा प्रबंधन के लिए नागरिक प्रशासन और पुलिस के बीच निरंतर तालमेल बनाए रखने की आवश्यकता पर बल दिया।
स्थानीय प्रशासन की भूमिका
सांबा और कठुआ की उपायुक्तों ने डीजीपी को अपने-अपने जिलों में नागरिक सुरक्षा उपायों और प्रशासनिक तैयारियों के बारे में जानकारी दी। एसएसपी सांबा और कठुआ ने सुरक्षा ग्रिड को मजबूत करने के लिए उठाए गए कदमों का विस्तृत विवरण प्रस्तुत किया।
इससे पहले उत्तरी सेना कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल प्रतीक शर्मा ने आतंकवाद-रोधी ढांचे को मजबूत बनाने के उद्देश्य से जम्मू कश्मीर के उधमपुर जिले में सुरक्षा उपायों की समीक्षा की। अधिकारियों ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। उत्तरी कमान मुख्यालय ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में बताया कि सेना कमांडर ने बृहस्पतिवार को साप्ताहिक संयुक्त नियंत्रण केंद्रों की बैठक की अध्यक्षता वीडियो कांफ्रेंस के जरिये की। बैठक में वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों के अलावा पुलिस, केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) तथा श्रीनगर और जम्मू संभाग के अन्य संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी भी शामिल हुए।
बैठक में, खुफिया जानकारी के आदान-प्रदान, संयुक्त तैयारियों को बढ़ाने, विभिन्न एजेंसियों के बीच समन्वय को और सुदृढ़ करने तथा आतंकवाद-रोधी ढांचे को और मजबूत बनाने पर चर्चा हुई। केंद्र शासित प्रदेश के विभिन्न इलाकों में जारी आतंकवाद-रोधी संयुक्त अभियान के मद्देनजर इस बैठक को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।


