विराट कोहली नहीं, इन दो दिग्गजों के नाम पर रखे गए चिन्नास्वामी स्टेडियम के स्टैंड के नाम

विराट कोहली नहीं, इन दो दिग्गजों के नाम पर रखे गए चिन्नास्वामी स्टेडियम के स्टैंड के नाम

भारत के दो पूर्व महान खिलाड़ी राहुल द्रविड़ और अनिल कुंबले को बेंगलुरु के चिन्नास्वामी स्टेडियम में खास सम्मान मिला है। कर्नाटक राज्य क्रिकेट संघ (KSCA) ने अध्यक्ष वेंकटेश प्रसाद की अगुवाई में इन दोनों दिग्गजों के नाम पर बेंगलुरु के एम. चिन्नास्वामी स्टेडियम के दो स्टैंड रखे हैं। यह सम्मान भारतीय और कर्नाटक क्रिकेट में उनके अमूल्य योगदान की पहचान के रूप में दिया गया है।

अनिल कुंबले और द्रविड़ के नाम हुए स्टैंड

अनिल कुंबले भारत के लिए टेस्ट और वनडे में सर्वाधिक विकेट लेने वाले गेंदबाज़ हैं। उन्होंने 401 अंतरराष्ट्रीय मैचों में कुल 953 विकेट हासिल किए हैं। वहीं पूर्व कप्तान राहुल द्रविड़ टेस्ट क्रिकेट में सचिन तेंदुलकर के बाद भारत के दूसरे सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज़ हैं। टेस्ट में उन्होंने 164 मैचों में 52.31 के शानदार औसत से 13288 रन बनाए हैं। वहीं अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में द्रविड़ ने 504 मैचों में 24,064 रन बनाए हैं, जिसमें 48 शतक शामिल हैं। दोनों दिग्गज अपने शानदार करियर के दौरान भारतीय टीम की कप्तानी भी कर चुके हैं।

कुंबले ने दिया यह बयान

इस सम्मान पर प्रतिक्रिया देते हुए कुंबले ने कहा कि यह पहचान दरअसल कर्नाटक क्रिकेट के सामूहिक प्रयासों का प्रतिबिंब है। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ स्टैंड पर नाम लिखे जाने तक सीमित नहीं है, बल्कि उन योगदानों का प्रतीक है जो हमेशा के लिए स्टेडियम की विरासत में दर्ज हो गए हैं।

कुंबले ने कहा, “मुझे लगता है कि ये कहना गलत नहीं होगा कि कर्नाटक क्रिकेट को हम सभी ने एक बड़ा मुकाम दिलाया है। ठीक उसी तरह कर्नाटक क्रिकेट ने हम सभी को बनाया है। ये मायने नहीं रखता है कि स्टैंड को किसके नाम पर बनाया गया है बल्कि खास बात ये है कि सभी के योगदान को मान्यता दी गई है। इससे अब सभ के नाम स्टेडियम में अंकित हो गए हैं।”

शांता रंगास्वामी को भी सम्मान

कुंबले और द्रविड़ के अलावा चिन्नास्वामी स्टेडियम में पूर्व भारतीय महिला कप्तान शांता रंगास्वामी के नाम पर भी एक स्टैंड रखा जाएगा। यह भारतीय महिला क्रिकेट में उनके ऐतिहासिक योगदान को सम्मान देने की दिशा में अहम कदम है। कुंबले ने कहा, “यह बेहद सुखद है कि मेरे क्रिकेट साथी राहुल द्रविड़ और शांता रंगास्वामी को भी कर्नाटक और भारतीय क्रिकेट में उनके विशाल योगदान के लिए सम्मानित किया जा रहा है। आप सभी को बधाई।”

शांता रंगास्वामी टेस्ट शतक लगाने वाली पहली भारतीय महिला क्रिकेटर थीं और देश में महिला क्रिकेट के विकास की अग्रदूत मानी जाती हैं। 1976 से 1991 के बीच खेले गए 16 टेस्ट और 19 महिला वनडे मुकाबलों में उन्होंने 1,037 रन बनाए, जिसमें एक शतक और सात अर्धशतक शामिल हैं। पिछले अक्टूबर में उन्हें इंडियन क्रिकेटर्स एसोसिएशन (ICA) का अध्यक्ष चुना गया था, जिससे क्रिकेट में उनकी सक्रिय और प्रभावशाली भूमिका और मजबूत हुई है।

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