छुटि्टयों का वेतन देने के आरोप में जेई के साथ सस्पेंड हुए अकाउंटेंट शुक्रवार को मंत्री के दरबार पहुंच गए। जेई को छुटि्टयों का वेतन देने के आरोप में रेवाड़ी नगर परिषद के जेई हैप्पी सैनी और अकाउंटेंट जितेंद्र को निलंबित कर दिया था। इस मामले में ईओ सुशील कुमार भुक्कल की गर्दन पर भी तलवार लटकी हुई है। गलत काम करने वाले नहीं बचेंगे जनपरिवार समिति की बैठक लेने शुक्रवार को रेवाड़ी पहुंचे निकाय मंत्री विपुल गोयल ने कहा कि गलत काम करने वाले बचेंगे नहीं। यह भाजपा की सरकार है, किसी को नहीं छोड़ेगी। जिस शिकायत पर जेई और अकाउंटेंट को निलंबित किया गया है, उसी शिकायत में ईओ का भी नाम था। ईओ सुशील कुमार भुक्कल पूर्व मंत्री और कांग्रेस विधायक के भतीजे हैं। मंत्री से इसी बात को लेकर सवाल पूछा गया था।
डीएमसी ने भेजी थी शिकायत नगर परिषद द्वारा जब जेई को छुट्टी के दौरान का वेतन देने का पता चला तो डीएमसी ब्रह्मप्रकाश ने मामले की जांच की। जांच के बाद कार्रवाई के लिए एसीएस व निदेशक को पत्र भेजा था। जिसमें जेई के साथ ईओ और अकाउंटेंट को भी जिम्मेदार माना था। जनवरी के अंतिम सप्ताह में भेजे पत्र पर कार्रवाई करते हुए निकाय निदेशक ने 10 फरवरी को जेई और अकाउंटेंट को सस्पेंड करने के आदेश जारी किए थे। चार माह की ली थी छुट्टी जेई हैप्पी ने 18 अगस्त से 18 दिसंबर तक चार माह की अवेतनिक अवकाश लिया था। नगर परिषद ने इस अवधि के दौरान जेई को दो माह को वेतन जारी किया था। जिसके उजागर होने पर यह विवाद खड़ा हुआ। जिसकी गूंज शुक्रवार को रेवाड़ी पहुंचे विभागीय मंत्री के सामने भी सुनाई दी।
बचाव में तर्क दे रहे ईओ ईओ सुशील कुमार भुक्कल का कहना है कि अवकाश अवधि के दौरान जेई हैप्पी सैनी बीच में ड्यूटी पर लौटे और पिता की तबीयत बिगड़ने के बाद फिर छुट्टी पर चले गए। जिससे रूटीन में वेतन जारी हो गया तथा पता चलने पर ब्याज सहित वापस जमा करवा लिया।


