लांच क्षेत्र के ग्राम रमगढ़ा स्थित गोविंदनगर रेत खदान पर रेत कंपनी की फ्लाइंग स्क्वाड के कर्मचारियों ने ग्राम टोड़ा निवासी अशोक शर्मा (52) की गोली मारकर हत्या कर दी। विवाद बिना रॉयल्टी ट्रैक्टर-ट्रॉली ले जाने को लेकर हुआ। स्क्वाड पहले रेत से भरी ट्रॉली जब्त कर चुका था, इसके बाद खाली ट्रॉली का बोलेरो-स्कार्पियो से पीछा किया गया। ड्राइवर के शोर मचाने पर अशोक शर्मा बेटे और परिजनों के साथ पहुंचे, जहां कहासुनी के दौरान बाबूजी उर्फ उत्तम ने माउजर से फायरिंग कर दी। बेटे को बचाने दौड़े अशोक के सीने में गोली लगी और मौके पर मौत हो गई। परिजनों ने आरोपी को पकड़कर हथियार पुलिस को सौंप दिया। घायल आरोपी का इलाज ग्वालियर में चल रहा है। पुलिस के अनुसार गांवों के लोग भी रेत कारोबार में शामिल हैं, जिससे टकराव बढ़ रहा है। एसपी सूरज कुमार वर्मा ने कहा कि अवैध खनन रोकने पेट्रोलिंग बढ़ाई जाएगी। 20 दिन में दूसरी हत्या, माफिया सक्रिय 23 जनवरी को ग्राम मुस्तरा में रेत विवाद में अमर सिंह की गोली मारकर हत्या हुई थी। इससे पहले नवंबर 2024 में भी खदान विवाद में मधुराज गुर्जर की जान गई थी। भिंड और मुरैना के हथियारबंद कर्मचारी रॉयल्टी वसूली में लगे हैं, जिससे तनाव बढ़ रहा है। कलेक्टर स्वप्निल वानखड़े ने संयुक्त कार्रवाई जारी रखने की बात कही है, जबकि कमलनाथ सरकार की रेत नीति-2019 के बाद उड़नदस्ते बने थे। रॉयल्टी बढ़ी तो बढ़े विवाद : दतिया में सिंध और पहूज नदी की 30 रेत खदानें मैसर्स रिद्धि सिद्धि कॉर्पोरेशन के पास हैं। नियमानुसार रॉयल्टी 100 रुपए प्रति घनमीटर है, लेकिन पेटी कॉन्ट्रैक्ट पर खदानें देने के बाद इसे बढ़ाकर करीब 450 रुपए तक वसूला जा रहा है। एक ट्रैक्टर-ट्रॉली पर करीब 3100 रुपए रॉयल्टी पड़ने से अवैध परिवहन बढ़ा और फ्लाइंग स्क्वाड व स्थानीय लोगों के बीच लगातार टकराव की स्थिति बन रही है।


