Mumbai Marriage Fraud Case: मेट्रिमोनियल वेबसाइट्स के जरिए तलाकशुदा महिलाओं को निशाना बनाकर शादी और सरकारी योजनाओं का झांसा देने वाले 45 वर्षीय विराज भोसले को नवघर पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोपी खुद को आईपीएस अधिकारी का बेटा, एनजीओ ‘स्त्री सूत्रम फाउंडेशन’ का चेयरमैन और प्रभावशाली राजनीतिक संपर्कों वाला बताता था। वह दावा करता था कि वह सीएसआर फंड, निर्भया फंड और अन्य सरकारी योजनाओं के जरिए तलाकशुदा व विधवा महिलाओं की मदद करता है।
17.70 लाख रुपये की ठगी
ताजा मामले में मुलुंड की 42 वर्षीय ग्राफिक डिजाइनर से उसने 17.70 लाख रुपये ठगे। महिला ने चार साल पहले मेट्रिमोनियल साइट पर प्रोफाइल बनाई थी। सितंबर में आए प्रस्ताव को उसने अनदेखा किया, लेकिन अक्टूबर में दोबारा संपर्क पर बातचीत शुरू हुई। आरोपी ने सस्ती आवास सुविधा दिलाने के नाम पर पहले 7 लाख रुपये मांगे और फिर विभिन्न शुल्क बताकर रकम बढ़ाता गया। महिला ने बचत और निजी ऋण से पैसे ट्रांसफर किए, कुछ रकम जी-पे से भेजी। बाद में आरोपी ने कॉल और वॉट्सऐप का जवाब देना बंद कर दिया।
कई नामों से करता था ठगी, 15 फरवरी तक रिमांड
पीड़िता ने 3 फरवरी को नवघर थाने में भारतीय न्याय संहिता की धाराओं 318(4), 352 और 351(2) के तहत मामला दर्ज कराया। मोबाइल लोकेशन के आधार पर आरोपी को वर्सोवा से पकड़ा गया। उसकी मर्सिडीज कार जब्त की गई। उसने बताया कि मुंबई में उसका कोई स्थायी ठिकाना नहीं था और वह कार में रहता था। पुलिस के अनुसार, थाणे, मुंबई और आर्थिक अपराध शाखा में भी उसके खिलाफ मामले दर्ज हैं। वह युराज, राजवीर, सतीश और वीरेंद्र जैसे फर्जी नामों का इस्तेमाल करता था।


