Fake IAS Caught in MP Ministry: मध्य प्रदेश मंत्रालय के सामान्य प्रशासन विभाग में शुक्रवार को एक फर्जी आइएएस का वास्तविक से आमना-सामना हो गया। फर्जी आइएएस ने असली आइएएस अफसर के सामने दो वरिष्ठ आइएएस एवं तत्कालीन इंदौर कलेक्टर मनीष सिंह, वर्तमान इंदौर कलेक्टर शिवम वर्मा का नाम लेकर ट्रांसफर का दबाव बनाया। तब तक रियल आइएएस अजय कटेसरिया ने उसकी कुंडली देख पता कर लिया कि यह फर्जी है। उन्होंने तुरंत सुरक्षा अधिकारियों को तलब किया और पुलिस के हवाले कर दिया।
वल्लभ भवन के सुरक्षा अधिकारी अविनाश शर्मा ने बताया कि यदि कोई मंत्रालय में प्रवेश चाहता है तो दस्तावेज दिखाते हैं। इसके बाद प्रवेश पत्र जारी किए जाते हैं। खुद को फर्जी आइएएस बताने वाले युवक के पास कोई ऐसी सामग्री नहीं मिली, जिसके आधार पर प्रवेश से रोकते। उसके परिवार का दावा है कि वह बीमारी से जूझ रहा है, इसलिए उसे छोड़ दिया। (MP News)
इंदौर में एसडीएम होने का किया दावा
एक युवक मंत्रालय में स्थित सामान्य प्रशासन विभाग में उप सचिव अजय कटेसरिया के पास पहुंचा था। उसका दावा था कि वह इंदौर में एसडीएम के पद पर पदस्थ है। वह 2019 बैच का अफसर है, उसने तत्कालीन इंदौर कलेक्टर मनीष सिंह व वर्तमान कलेक्टर शिवम वर्मा के साथ काम किया है। लंबे समय से उसकी पदस्थापना नहीं हुई है इसलिए दूसरी जगह पदस्थापना कराने आया है।
उसने जैसे ही खुद को वर्ष 2019 बैच का आइएएस बताया तो उप सचिव अजय कटेसरिया ने आइएएस अफसरों की वरिष्ठता सूची देखी और पाया कि युवक आइएएस होने के फर्जी दावे कर रहा है। उनकी सूचना पर पहुंचे मंत्रालय सुरक्षा अधिकारियों ने युवक के पास से आधार कार्ड व कुछ दस्तावेज बरामद किए हैं, जिसमें उसका नाम योगेंद्र सिंह चौहान सामने आया है, वह इंदौर के खातीपुरा का रहने वाला है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। (MP News)

जांच करने के बाद दिया प्रवेश
यदि कोई मंत्रालय में प्रवेश चाहते हैं और दस्तावेज दिखाते हैं तो उन्हें प्रवेश पत्र जारी करने होते हैं। खुद को फर्जी आइएएस बताने वाले युवक के पास कोई ऐसी सामग्री नहीं मिली, जिसके आधार पर उसे प्रवेश से रोकते। उसके परिवार के लोगों का दावा है कि वह बीमारी से जूझ रहा है, इसलिए उसे छोड़ दिया। – अविनाश शर्मा, सुरक्षा अधिकारी, वल्लभ भवन


