रायपुर। नक्सलियों के मूवमेंट और सुरक्षा कारणों के चलते उदंती सीतानदी टाइगर रिजर्व में सीआरपीएफ का एक कैंप जल्दी ही खोला जाएगा। ओडिशा सीमा से लगे ओड़ में खुलने वाले कैंप में एक बटालियन की तैनाती होगी। ओडिशा से सटे हुए यूएसटीआर के वन क्षेत्रों में नक्सली गतिविधियों को देखते हुए राज्य के वन्यजीव बोर्ड ने टाइगर रिजर्व और जंगलों में संरक्षण और संवर्धन के लिए कई अहम फैसले लिए हैैं।
सीएम विष्णु देव साय की अध्यक्षता में शुक्रवार को सीएम हाउस कार्यालय में राज्य वन्यजीव बोर्ड की 16वीं बैठक हुई। इस दौरान वन्यजीव बोर्ड की स्थायी समिति के गठन को मंजूरी दी गई। इसका गठन वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री की अध्यक्षता में किया जाएगा, जिसमें 11 अन्य सदस्य होंगे। बोर्ड की बैठक में सीएम साय ने कहा कि वन्यजीव हमारी प्रकृति की अमूल्य धरोहर हैं और उनके संरक्षण-संवर्धन के लिए सामूहिक प्रयास आवश्यक हैं। उन्होंने वन्यजीवों की सुरक्षा के लिए सतत निगरानी, अवैध गतिविधियों पर रोक तथा उनकी सुरक्षा के लिए जनभागीदारी को बढ़ावा देने पर जोर दिया।
साथ ही वनों के आसपास रहने वाले ग्रामीणों में जागरुकता बढ़ाने और युवाओं की सक्रिय भूमिका सुनिश्चित करने की आवश्यकता बताई। मुख्यमंत्री ने न्यूनतम हस्तक्षेप के सिद्धांत को अपनाते हुए अत्यावश्यक कार्यों को ही वन्यजीवों के प्राकृतिक आवास में बिना किसी छेड़छाड़ के पूर्ण करने पर बल दिया। उन्होंने सह-अस्तित्व के सिद्धांतों के अनुरूप सभी गतिविधियों के संचालन की बात कही। बोर्ड की बैठक में वन मंत्री केदार कश्यप, विधायक धरमजीत सिंह, मुख्य सचिव विकास शील, अपर मुख्य सचिव ऋचा शर्मा, वन बल प्रमुख व्ही. श्रीनिवास राव, पीसीसीएफ वाइल्ड लाइफ अरुण कुमार पाण्डेय सहित बोर्ड के सदस्य एवं अधिकारी उपस्थित थे।
वनक्षेत्रों में आप्टिकल फाइबर को मंजूरी
वाइल्ड लाइफ बोर्ड की बैठक में कवर्धा समेत कई वनक्षेत्रों, रिजर्व फारेस्ट में बांध, नहरें और आप्टिकल फाइबर बिछाने को मंजूरी दी गई है। इसे गुरु घासीदास राष्ट्रीय उद्यान क्षेत्र में ऑप्टिकल फाइबर बिछाने के 6 प्रस्ताव, सेमरसोत अभयारण्य के लिए प्रस्तावों को अनुमोदित किया गया है। कबीरधाम जिले के कवर्धा वनमंडल में पंडरीपानी मेन रोड से सौरु तक सड़क, यूएसटीआर के बरबांधा जलाशय में बांध एवं नहरों के जीर्णोद्धार एवं निर्माण सहित अन्य प्रस्तावों को अनुमोदित कर राष्ट्रीय वन्यजीव बोर्ड को मंजूरी के लिए भेजने की सहमति दी गई।


