Sadhvi Prem Baisa Death Case: जोधपुर के बोरानाडा थानान्तर्गत पाल गांव के आरती नगर स्थित आश्रम में साध्वी प्रेम बाईसा की संदिग्ध हालात में मौत के मामले में एफएसएल की जांच में सभी तरह की आशंकाएं निर्मूल साबित हो गईं। साध्वी के शरीर में कोई भी जहरीला पदार्थ नहीं पाया गया। न ही शरीर पर कोई चोट का निशान था।
यानी इससे यह स्पष्ट हो गया कि साध्वी को किसी ने जहर नहीं दिया था और न ही उन्होंने आत्महत्या के लिए जहरीला पदार्थ खाया था। ऐसे में अब संदिग्ध मौत मामले में नया मोड़ आ गया है। एफएसएल की जांच रिपोर्ट मिलने के बावजूद पुलिस ने अभी तक मौत के कारणों का खुलासा नहीं किया है।
अब मौत के 2 कारण होने की आशंका
ऐसे में मृत्यु के दो कारण होने की आशंका है। साध्वी को अस्थमा था। अस्थमेटिक अटैक अथवा उन्हें लगाए इंजेक्शन के रिएक्शन से मृत्यु होने की आशंका जताई जा रही है। बोर्ड से पोस्टमार्टम करने वाले मेडिकल कॉलेज के डॉक्टर ने एफएसएल व पोस्टमार्टम रिपोर्ट का विश्लेषण करने के बाद रात को मृत्यु के कारण की अंतिम रिपोर्ट पुलिस को सौंप दी, लेकिन पुलिस ने मृत्यु के कारण का खुलासा नहीं किया है।
पुलिस ने जो जांच की, वही एफएसएल रिपोर्ट मिली
गत 28 जनवरी को साध्वी प्रेम बाईसा की संदिग्ध हालात में मृत्यु हो गई थी। 29 जनवरी को पिता बिरमनाथ ने मर्ग दर्ज कराया था। पुलिस ने महात्मा गांधी अस्पताल की मोर्चरी में मेडिकल बोर्ड से पोस्टमार्टम कराकर शव परिजन को सौंपा था। जांच के एसआइटी गठित की गई थी। पुलिस हालांकि सभी पहलूओं पर जांच कर रही थी, लेकिन पुलिस को इंजेक्शन के रिएक्शन से मृत्यु की अधिक आशंका थी। एफएसएल जांच रिपोर्ट भी पुलिस की जांच की दिशा में ही मिली है।
अस्थमा की वजह से पम्प साथ रखती थी साध्वी
साध्वी प्रेम बाईसा को लम्बे समय से अस्थमा था। आश्रम में रहने वाले सेवादारों के बयान में भी इसकी पुष्टि हुई थी। साध्वी अपने साथ अधिकांशत: सांस लेने में परेशानी होने पर काम लिया जाने वाला पम्प साथ रखती थी। जरूरत होने पर वह पम्प काम भी लेती थी।


