सीएम तक शिकायत पहुंचने के बाद भी धड़ल्ले से अवैध रेत उत्खनन, पूर्व विधायक के रिश्तेदार होने का ‘कवच’, रोज ढाई लाख की रेत लूट

सीएम तक शिकायत पहुंचने के बाद भी धड़ल्ले से अवैध रेत उत्खनन, पूर्व विधायक के रिश्तेदार होने का ‘कवच’,  रोज ढाई लाख की रेत लूट

जांजगीर-चांपा। जांजगीर-चांपा के करही का अवैध रेत घाट प्रशासन के लिए अब किसी चुनौती से कम नहीं रह गया है। बिर्रा थाना क्षेत्र में खुलेआम चल रहे रेत के इस गैरकानूनी कारोबार पर कार्रवाई के दावे तो हुए, संयुक्त टीम बनाने की बातें भी हुईं, लेकिन हकीकत में ज़मीन पर आज तक कोई ठोस एक्शन नहीं दिखा।

हालात यह हैं कि शिकायत मुख्यमंत्री और खनिज सचिव तक पहुंचने के बाद भी रेत माफिया बेखौफ होकर दिन-दहाड़े उत्खनन कर रहे हैं, जबकि अफसर हाथ पर हाथ धरे बैठे हैं।बिर्रा थाना क्षेत्र के करही के अवैध रेत घाट में कार्रवाई के लिए पुलिस व राजस्व विभाग की टीम ने संयुक्त टीम बनाकर कार्रवाई करने की बात कही थी। लेकिन नहीं हुई। अब इसकी आशय की शिकायत सीएम व खनिज सचिव तक जा पहुंची है। दरअसल, माफिया पूर्व विधायक के रिश्तेदार हैं। यही वजह है कि उन पर कार्रवाई के लिए अधिकारियों को हाथ पांव फूलने लगे हैं।

करही के अवैध रेत घाट में पहले रात-रात भर रेत की अवैध तस्करी हो रही थी लेकिन अब दिन को भी रेत की तस्करी शुरू हो चुकी है। यहां हर रोज 50 हाइवा रेत निकाली जा रही है। जिसकी अनुमानित कीमत तकरीबन ढाई लाख रुपए हो रही है। यानी हर रोज ढाई लाख रुपए तक की आय रेत माफिया को हर रोज हो रही है। वहीं, अधिकारी हाथ में हाथ धरे बैठे हैं।

यहां है उच्च क्वालिटी की रेत का भंडारगौरतलब है कि, जांजगीर-चांपा जिला व सक्ती जिले के बार्डर पर स्थित गांव करही में रेत का भंडार है। जिसमें रेत माफियाओं की गिद्ध दृष्टि बनी हुई है। आज से २० दिन पहले पत्रिका ने इसकी आधी रात को लाईव रिपोर्टिंग की थी। इसके बाद दोनों जिलों के अधिकारियों ने संयुक्त टीम बनाकर कार्रवाई करने की बात कही थी। प्रशासन की इस एक्शन की भनत लगते ही रेत माफियायों में हड़कंप मचा था।

लेकिन जब जिला प्रशासन ने कार्रवाई नहीं तो माफिया फिर से अवैध रेत उत्खनन शुरू कर दिया। तीन जिलों में रेत की सप्लाईदरअसल, यहां की रेत की क्वालिटी बेहतर किस्म की है। इसकी डिमांड बिलासपुर, रायगढ़, कोरबा सहित सीमावर्ती जिलों में है। इसके चलते आसपास के जिले के लोग यहां से रेत की डिमांड करते हैं। जिसका फायदा रेत तस्करों को मिलता है।

इसका साइड इफैक्ट यह देखने को मिला है कि जो लाइसेंसधारी रेत घाट संचालक हैं उनकी रेत नहीं बिक पा रही है और वे हायर लेवल पर शिकायत कर इन पर कार्रवाई करने की गुजारिश राजधानी के अफसरों से की है।वर्जनकरही रेत घाट में कार्रवाई करने के लिए योजना बना रहे हैं। उक्त रेत घाट में कार्रवाई कर जरूर रेत घाट बंद कराने की कोशिश जारी है।-

पवन कोसमा, एसडीएम, चांपा

वर्जन

अवैध रेत खदान संचालन होने की सूचना मिली है। सूचना यह भी है कि अवैध रेत घाट का संचालक भाजपा नेता का रिश्तेदार भी है। चाहे कोई भी हो, उन्हें बख्शा नहीं जाएगा। कार्रवाई के लिए अधिकारियों को निर्देशित किया जाएगा।

सौरभ सिंह, अध्यक्ष, खनिज विकास निगम

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