पनोरमा के ठिकानों पर 70 घंटे तक आईटी की रेड:1 करोड़ कैश, सोने का बेलन-चकला जब्त, 400 दस्तावेज बरामद

पनोरमा के ठिकानों पर 70 घंटे तक आईटी की रेड:1 करोड़ कैश, सोने का बेलन-चकला जब्त, 400 दस्तावेज बरामद

पूर्णिया में पनोरमा ग्रुप के ठिकानों पर 70 घंटे तक आईटी की रेड चलती रही। रेड मंगलवार तड़के सुबह करीब 5 बजे शुरू हुई और गुरुवार देर रात तक चलती रही। आईटी के अधिकारी कोना-कोना खंगालते रहे। रेड में एक करोड़ रुपये से अधिक कैश, सोने का बेलन और चकला, चांदी की कढ़ाई समेत करोड़ों के कीमती आभूषण और 400 से अधिक कीमती दस्तावेज मिले। जब्त कागजातों में 100 करोड़ रुपये से अधिक कीमत की लैंड और रियल एस्टेट संपत्तियों से जुड़े दस्तावेज बताए जा रहे हैं। आईटी की टीम ने कंपनी के बैंक खातों, जमीन खरीद-बिक्री के पुराने रजिस्टर, निवेश से जुड़े कागजात और लैपटॉप, डिजिटल डाटा भी खंगाला है और जांच के घेरे में रखा है। स्कूल, हॉस्पिटल पर छापेमारी की 10 जनवरी की अहले सुबह करीब 5 बजे आईटी के 200 अधिकारियों ने फोर्स के साथ 20 से अधिक ठिकानों पर एक साथ रेड किया। सुबह-सुबह अलग-अलग टीमों ने एक साथ ग्रुप के दफ्तर, ई होम्स के ठिकाने और स्कूल, हॉस्पिटल पर छापेमारी की। इसके बाद से लगातार 70 घंटे तक आईटी की रेड चलती रही। इस रेड से जिले के कारोबारियों में हड़कंप मची रही। आईटी के अधिकारियों ने नाम न लिखने के शर्त पर बताया कि ये रेड पटना, झारखंड और भागलपुर की ज्वाइंट टीम ने की थी। रेड पूर्णिया के अलावा अररिया, सहरसा, सुपौल, छातापुर, पटना और सिलीगुड़ी समेत 20 ठिकानों पर एक साथ चलती रही। जहां-जहां रेड हुई, वहां सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए और किसी भी बाहरी को अंदर जाने की अनुमति नहीं थी। जिला स्कूल रोड के ऑफिस से एक करोड़ कैश मिला छापेमारी के दौरान जिला स्कूल रोड स्थित मुख्य कार्यालय से एक करोड़ रुपये से अधिक कैद बरामद की गई। आईटी के अधिकारी जब्त कैश को बक्से में रखकर बैंक में जमा कराने जाते दिखे। इसके अलावा आईटी की रेड में सोने का बेलन और चकला, चांदी की कढ़ाई, करोड़ों के कीमती जेवरात और 400 से अधिक अहम डॉक्यूमेंट हाथ लगे। जब्त कागजातों में 100 करोड़ रुपये से अधिक की जमीन और रियल एस्टेट कारोबार से जुड़े दस्तावेज शामिल हैं। आईटी ने कंपनी के बैंक खातों, जमीन खरीद-बिक्री के पुराने रजिस्टर, निवेश से जुड़े कागजात और लैपटॉप की बारीकी से जांच की है। डिजिटल डाटा भी खंगाला है और आगे की कार्रवाई के लिए जांच के दायरे में रखा है। अधिकारियों का ध्यान इस बात पर रहा कि बड़े प्रोजेक्ट्स में लगाया गया पैसा किस स्रोत से आया और क्या उसमें टैक्स से जुड़ी कोई गड़बड़ी है। 3 दिनों तक बाहरी कनेक्शन बंद रहा कार्रवाई के दौरान कंपनी के सीएमडी संजीव मिश्रा और कई प्रमुख कर्मचारियों के मोबाइल फोन और लैपटॉप अपने कब्जे में ले लिए गए। तीन दिनों तक उनका बाहरी कनेक्शन पूरी तरह बंद रहा। आईटी पिछले करीब 6 महीनों से ग्रुप की एक्टिविटी पर नजर रखे हुए था। रेकी और दस्तावेजी जानकारी जुटाने के बाद ही एक साथ 20 ठिकानों पर इतनी बड़ी कार्रवाई की गई। हालांकि, अब तक आयकर विभाग की ओर से कोई आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति जारी नहीं की गई है। लेकिन माना जा रहा है कि जब्त दस्तावेजों और डिजिटल रिकॉर्ड की जांच पूरी होने के बाद टैक्स चोरी से जुड़ा बड़ा मामला सामने आ सकता है। फिलहाल जांच जारी है और आने वाले दिनों में और खुलासे होंगे। पूर्णिया में पनोरमा ग्रुप के ठिकानों पर 70 घंटे तक आईटी की रेड चलती रही। रेड मंगलवार तड़के सुबह करीब 5 बजे शुरू हुई और गुरुवार देर रात तक चलती रही। आईटी के अधिकारी कोना-कोना खंगालते रहे। रेड में एक करोड़ रुपये से अधिक कैश, सोने का बेलन और चकला, चांदी की कढ़ाई समेत करोड़ों के कीमती आभूषण और 400 से अधिक कीमती दस्तावेज मिले। जब्त कागजातों में 100 करोड़ रुपये से अधिक कीमत की लैंड और रियल एस्टेट संपत्तियों से जुड़े दस्तावेज बताए जा रहे हैं। आईटी की टीम ने कंपनी के बैंक खातों, जमीन खरीद-बिक्री के पुराने रजिस्टर, निवेश से जुड़े कागजात और लैपटॉप, डिजिटल डाटा भी खंगाला है और जांच के घेरे में रखा है। स्कूल, हॉस्पिटल पर छापेमारी की 10 जनवरी की अहले सुबह करीब 5 बजे आईटी के 200 अधिकारियों ने फोर्स के साथ 20 से अधिक ठिकानों पर एक साथ रेड किया। सुबह-सुबह अलग-अलग टीमों ने एक साथ ग्रुप के दफ्तर, ई होम्स के ठिकाने और स्कूल, हॉस्पिटल पर छापेमारी की। इसके बाद से लगातार 70 घंटे तक आईटी की रेड चलती रही। इस रेड से जिले के कारोबारियों में हड़कंप मची रही। आईटी के अधिकारियों ने नाम न लिखने के शर्त पर बताया कि ये रेड पटना, झारखंड और भागलपुर की ज्वाइंट टीम ने की थी। रेड पूर्णिया के अलावा अररिया, सहरसा, सुपौल, छातापुर, पटना और सिलीगुड़ी समेत 20 ठिकानों पर एक साथ चलती रही। जहां-जहां रेड हुई, वहां सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए और किसी भी बाहरी को अंदर जाने की अनुमति नहीं थी। जिला स्कूल रोड के ऑफिस से एक करोड़ कैश मिला छापेमारी के दौरान जिला स्कूल रोड स्थित मुख्य कार्यालय से एक करोड़ रुपये से अधिक कैद बरामद की गई। आईटी के अधिकारी जब्त कैश को बक्से में रखकर बैंक में जमा कराने जाते दिखे। इसके अलावा आईटी की रेड में सोने का बेलन और चकला, चांदी की कढ़ाई, करोड़ों के कीमती जेवरात और 400 से अधिक अहम डॉक्यूमेंट हाथ लगे। जब्त कागजातों में 100 करोड़ रुपये से अधिक की जमीन और रियल एस्टेट कारोबार से जुड़े दस्तावेज शामिल हैं। आईटी ने कंपनी के बैंक खातों, जमीन खरीद-बिक्री के पुराने रजिस्टर, निवेश से जुड़े कागजात और लैपटॉप की बारीकी से जांच की है। डिजिटल डाटा भी खंगाला है और आगे की कार्रवाई के लिए जांच के दायरे में रखा है। अधिकारियों का ध्यान इस बात पर रहा कि बड़े प्रोजेक्ट्स में लगाया गया पैसा किस स्रोत से आया और क्या उसमें टैक्स से जुड़ी कोई गड़बड़ी है। 3 दिनों तक बाहरी कनेक्शन बंद रहा कार्रवाई के दौरान कंपनी के सीएमडी संजीव मिश्रा और कई प्रमुख कर्मचारियों के मोबाइल फोन और लैपटॉप अपने कब्जे में ले लिए गए। तीन दिनों तक उनका बाहरी कनेक्शन पूरी तरह बंद रहा। आईटी पिछले करीब 6 महीनों से ग्रुप की एक्टिविटी पर नजर रखे हुए था। रेकी और दस्तावेजी जानकारी जुटाने के बाद ही एक साथ 20 ठिकानों पर इतनी बड़ी कार्रवाई की गई। हालांकि, अब तक आयकर विभाग की ओर से कोई आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति जारी नहीं की गई है। लेकिन माना जा रहा है कि जब्त दस्तावेजों और डिजिटल रिकॉर्ड की जांच पूरी होने के बाद टैक्स चोरी से जुड़ा बड़ा मामला सामने आ सकता है। फिलहाल जांच जारी है और आने वाले दिनों में और खुलासे होंगे।  

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