जमुई में खैरा प्रखंड की अमारी पंचायत में धान खरीद बंद होने से नाराज किसानों ने शुक्रवार को समाहरणालय परिसर के बाहर एकदिवसीय धरना-प्रदर्शन किया। किसानों ने जिलाधिकारी (डीएम) नवीन को आवेदन सौंपकर धान खरीद लक्ष्य बढ़ाने और लंबित खरीद तत्काल शुरू करने की मांग की। धरना का नेतृत्व कर रहे दिनेश कुमार ने बताया कि अमारी पंचायत में धान खरीद का लक्ष्य केवल 6 हजार क्विंटल निर्धारित किया गया है। इसके विपरीत, नवंबर-दिसंबर माह में लगभग 2800 किसानों ने धान बिक्री के लिए ऑनलाइन पंजीकरण कराया था। उन्होंने आरोप लगाया कि लक्ष्य कम होने के कारण आधे से अधिक किसानों का धान अभी तक नहीं खरीदा जा सका है। सरकार द्वारा घोषित समर्थन मूल्य 2369 रुपए प्रति क्विंटल किसानों ने बताया कि धान खरीद न होने के कारण उनका धान खेतों में पड़ा हुआ है, जिससे उसके खराब होने की आशंका बढ़ गई है। मजबूरन, कई किसान अपना धान बाजार में 1700 रुपये प्रति क्विंटल के न्यूनतम दर पर बेच रहे हैं, जबकि सरकार द्वारा घोषित समर्थन मूल्य 2369 रुपए प्रति क्विंटल है। दिनेश कुमार ने यह भी आरोप लगाया कि 27 जनवरी को सहकारिता विभाग में शिकायत दर्ज कराने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हुई। प्रति क्विंटल 200 रुपये कमीशन मांगे जाने का गंभीर आरोप किसानों ने धान खरीद में प्रति क्विंटल 200 रुपये कमीशन मांगे जाने का गंभीर आरोप भी लगाया। इस प्रदर्शन में दासो यादव, सर्वजीत यादव, संजय कुमार सिंह, रामकिशोर यादव, त्रिपुरारी सिंह, भरत यादव, दिनेश पांडे सहित दर्जनों किसान शामिल थे। प्रदर्शनकारियों ने सहकारिता विभाग और पैक्स अध्यक्ष के खिलाफ नारेबाजी करते हुए मामले की पारदर्शी जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की। विभागीय अभिलेख में 226 एकड़ रकबा दर्ज इस संबंध में सहकारिता विभाग के डीसीओ ने बताया कि यह समस्या पंचायत के रकबा में अंतर होने के कारण उत्पन्न हुई है। विभागीय अभिलेख में 226 एकड़ रकबा दर्ज है, जबकि किसानों का दावा है कि पंचायत का कुल रकबा लगभग 5000 एकड़ है। डीसीओ ने कहा कि इस संबंध में सीओ को जांच कर उचित कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। किसानों ने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र समाधान नहीं हुआ तो वे बड़े स्तर पर आंदोलन करने को बाध्य होंगे। जमुई में खैरा प्रखंड की अमारी पंचायत में धान खरीद बंद होने से नाराज किसानों ने शुक्रवार को समाहरणालय परिसर के बाहर एकदिवसीय धरना-प्रदर्शन किया। किसानों ने जिलाधिकारी (डीएम) नवीन को आवेदन सौंपकर धान खरीद लक्ष्य बढ़ाने और लंबित खरीद तत्काल शुरू करने की मांग की। धरना का नेतृत्व कर रहे दिनेश कुमार ने बताया कि अमारी पंचायत में धान खरीद का लक्ष्य केवल 6 हजार क्विंटल निर्धारित किया गया है। इसके विपरीत, नवंबर-दिसंबर माह में लगभग 2800 किसानों ने धान बिक्री के लिए ऑनलाइन पंजीकरण कराया था। उन्होंने आरोप लगाया कि लक्ष्य कम होने के कारण आधे से अधिक किसानों का धान अभी तक नहीं खरीदा जा सका है। सरकार द्वारा घोषित समर्थन मूल्य 2369 रुपए प्रति क्विंटल किसानों ने बताया कि धान खरीद न होने के कारण उनका धान खेतों में पड़ा हुआ है, जिससे उसके खराब होने की आशंका बढ़ गई है। मजबूरन, कई किसान अपना धान बाजार में 1700 रुपये प्रति क्विंटल के न्यूनतम दर पर बेच रहे हैं, जबकि सरकार द्वारा घोषित समर्थन मूल्य 2369 रुपए प्रति क्विंटल है। दिनेश कुमार ने यह भी आरोप लगाया कि 27 जनवरी को सहकारिता विभाग में शिकायत दर्ज कराने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हुई। प्रति क्विंटल 200 रुपये कमीशन मांगे जाने का गंभीर आरोप किसानों ने धान खरीद में प्रति क्विंटल 200 रुपये कमीशन मांगे जाने का गंभीर आरोप भी लगाया। इस प्रदर्शन में दासो यादव, सर्वजीत यादव, संजय कुमार सिंह, रामकिशोर यादव, त्रिपुरारी सिंह, भरत यादव, दिनेश पांडे सहित दर्जनों किसान शामिल थे। प्रदर्शनकारियों ने सहकारिता विभाग और पैक्स अध्यक्ष के खिलाफ नारेबाजी करते हुए मामले की पारदर्शी जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की। विभागीय अभिलेख में 226 एकड़ रकबा दर्ज इस संबंध में सहकारिता विभाग के डीसीओ ने बताया कि यह समस्या पंचायत के रकबा में अंतर होने के कारण उत्पन्न हुई है। विभागीय अभिलेख में 226 एकड़ रकबा दर्ज है, जबकि किसानों का दावा है कि पंचायत का कुल रकबा लगभग 5000 एकड़ है। डीसीओ ने कहा कि इस संबंध में सीओ को जांच कर उचित कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। किसानों ने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र समाधान नहीं हुआ तो वे बड़े स्तर पर आंदोलन करने को बाध्य होंगे।


