पश्चिम चंपारण के बेतिया में जीविका दीदियों ने नगर निगम कार्यालय का घेराव किया। यह विरोध मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की महिला सशक्तिकरण योजना के तहत स्वरोजगार के लिए मिलने वाली सहायता राशि न मिलने के कारण किया गया। राज्य सरकार ने जीविका समूहों से जुड़ी महिलाओं को स्वरोजगार हेतु ₹10,000 की सहायता राशि प्रदान करने की योजना शुरू की थी। इसका उद्देश्य महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना है। हालांकि, ग्रामीण क्षेत्रों में इस योजना का लाभ मिल रहा है, लेकिन शहरी क्षेत्रों में अपेक्षित लाभ न मिलने से महिलाओं में असंतोष है। ”न तो कोई आर्थिक सहायता मिली और न ही किसी सरकारी सुविधा” प्रदर्शनकारी महिलाओं ने बताया कि वे पिछले 4 से 5 सालों से जीविका समूह से जुड़ी हुई हैं। इसके बावजूद उन्हें अब तक न तो कोई आर्थिक सहायता मिली है और न ही किसी सरकारी सुविधा का लाभ दिया गया है। महिलाओं ने मांग की कि शहरी क्षेत्रों में भी जीविका योजना को प्रभावी ढंग से लागू किया जाए, ताकि वे भी स्वरोजगार कर आत्मनिर्भर बन सकें। पश्चिम चंपारण के बेतिया में जीविका दीदियों ने नगर निगम कार्यालय का घेराव किया। यह विरोध मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की महिला सशक्तिकरण योजना के तहत स्वरोजगार के लिए मिलने वाली सहायता राशि न मिलने के कारण किया गया। राज्य सरकार ने जीविका समूहों से जुड़ी महिलाओं को स्वरोजगार हेतु ₹10,000 की सहायता राशि प्रदान करने की योजना शुरू की थी। इसका उद्देश्य महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना है। हालांकि, ग्रामीण क्षेत्रों में इस योजना का लाभ मिल रहा है, लेकिन शहरी क्षेत्रों में अपेक्षित लाभ न मिलने से महिलाओं में असंतोष है। ”न तो कोई आर्थिक सहायता मिली और न ही किसी सरकारी सुविधा” प्रदर्शनकारी महिलाओं ने बताया कि वे पिछले 4 से 5 सालों से जीविका समूह से जुड़ी हुई हैं। इसके बावजूद उन्हें अब तक न तो कोई आर्थिक सहायता मिली है और न ही किसी सरकारी सुविधा का लाभ दिया गया है। महिलाओं ने मांग की कि शहरी क्षेत्रों में भी जीविका योजना को प्रभावी ढंग से लागू किया जाए, ताकि वे भी स्वरोजगार कर आत्मनिर्भर बन सकें।


