Kissing Health Benefits: जल्दी-जल्दी काम पर जाते समय एक छोटा सा गुडबाय किस देना अच्छा तो लगता है, लेकिन शायद इससे आपको किसिंग के पूरे हेल्थ बेनिफिट्स नहीं मिलते। रिसर्च बताती है कि अगर किस कम से कम 6 सेकंड या उससे ज्यादा समय तक किया जाए, तो शरीर में फील-गुड हार्मोन ज्यादा मात्रा में रिलीज होते हैं, तनाव कम होता है और इमोशनल कनेक्शन भी मजबूत बनता है।
करीब 20 साल से कपल्स और लोगों के साथ काम कर रहीं क्लिनिकल साइकोलॉजिस्ट Dr Ananya Sharma के मुताबिक, किसिंग जितनी हम सोचते हैं उससे कहीं ज्यादा असरदार होती है।
6 सेकंड का किस क्यों खास होता है?
डॉ शर्मा बताती हैं कि हमारा शरीर तुरंत बॉन्डिंग मोड में नहीं जाता। जब किस थोड़ा लंबा होता है, तब दिमाग ऑक्सीटोसिन, डोपामिन और सेरोटोनिन जैसे हार्मोन रिलीज करता है। ऑक्सीटोसिन भरोसा और नजदीकी बढ़ाता है। डोपामिन खुशी और उत्साह का एहसास देता है। सेरोटोनिन मूड को स्थिर रखने में मदद करता है। अगर किस बहुत जल्दी खत्म हो जाए, तो शरीर को पूरी तरह प्रतिक्रिया देने का मौका ही नहीं मिलता।
तनाव भी कम करता है किस
किस सिर्फ रोमांस नहीं बढ़ाता, बल्कि शरीर पर भी असर डालता है। इससे कॉर्टिसोल (तनाव वाला हार्मोन) कम हो सकता है। जब तनाव कम होता है, तो चिंता घटती है और नींद भी बेहतर हो सकती है। छोटी-छोटी प्यार भरी आदतें, जैसे रोज किस करना, दिमाग को सुरक्षा और अपनापन महसूस कराती हैं।
किस सिर्फ पार्टनर के लिए नहीं
किसिंग सिर्फ रोमांटिक रिश्तों तक सीमित नहीं है।
- बच्चे के माथे पर किस
- माता-पिता के गाल पर प्यार
- पालतू जानवर को गले लगाना
ये सब भी शरीर को शांत और सुरक्षित महसूस कराते हैं। परिवार में प्यार भरा स्पर्श भावनात्मक सुरक्षा बढ़ाता है।
इम्युनिटी भी हो सकती है बेहतर
कुछ रिसर्च यह भी कहती हैं कि जब पार्टनर किस करते हैं, तो थोड़ी मात्रा में बैक्टीरिया का आदान-प्रदान होता है। इससे शरीर की इम्युनिटी कुछ हद तक मजबूत हो सकती है। हालांकि यह बीमारी से पूरी सुरक्षा की गारंटी नहीं है, लेकिन शरीर की अनुकूलन क्षमता बढ़ सकती है। लंबे समय तक चलने वाले रिश्तों में छोटी-छोटी चीजें धीरे-धीरे कम हो जाती हैं। लेकिन थोड़ा लंबा किस रिश्ते में फिर से अपनापन और इरादा दोनों ला सकता है।


