मथुरा नगर निगम क्षेत्र के वार्ड नंबर 25 छरौरा में अनुसूचित जाति के सार्वजनिक मंदिर, बुजुर्गों के थान और एक प्राचीन कुएं की जमीन पर अवैध कब्जे का मामला सामने आया है। पीड़ित पक्ष ने इस संबंध में जिलाधिकारी को शिकायत देकर अवैध निर्माण पर कार्रवाई की मांग की है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि गांव छरौरा निवासी दबंग सार्वजनिक स्थल पर जबरन बाउंड्री का निर्माण कर कब्जा कर रहे हैं। स्थानीय निवासियों के अनुसार, यह मंदिर, थान और कुआं सैकड़ों वर्ष पुराने धार्मिक एवं सामाजिक महत्व के स्थल हैं, जिनका उपयोग लंबे समय से आम जनता करती आ रही है। गांव की एक महिला शिकायतकर्ता ने बताया कि आरोपी जबरन निर्माण कार्य कर रहे हैं और विरोध करने पर ग्रामीणों को धमकाया जा रहा है। महिला के मुताबिक, यह स्थान उनके समाज की आस्था और परंपरा से जुड़ा हुआ है, जिसे दबंगई के बल पर कब्जाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने यह भी बताया कि कई बार ग्रामीणों ने विरोध किया, लेकिन आरोपियों द्वारा हथियारों का भय दिखाकर उन्हें चुप करा दिया जाता है। शिकायतकर्ताओं के अनुसार, दीपक और प्रमोद ने कई बार अवैध हथियारों से हवा में फायरिंग कर क्षेत्र में दहशत फैलाने की कोशिश की है। इसके अतिरिक्त, शिकायत करने वालों को झूठे मुकदमों में फंसाने और मारपीट की धमकी देने की बात भी सामने आई है। पीड़ित पक्ष का यह भी आरोप है कि ये लोग पहले से ही आबादी की जमीन पर कब्जा कर मकान बना चुके हैं और कथित राजनीतिक संरक्षण के बल पर लगातार अन्य जमीनों पर भी कब्जा करने का प्रयास कर रहे हैं। इस मामले को लेकर क्षेत्र में तनाव का माहौल बताया जा रहा है। शिकायतकर्ताओं ने प्रशासन से मांग की है कि अवैध निर्माण कार्य को तत्काल रुकवाया जाए और आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए। उन्होंने पुलिस से भी इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने का आग्रह किया है।


