गाजीपुर। माफिया मुख्तार अंसारी के चचेरे भाई और रिश्ते के साढ़ू गौस मोहिउद्दीन उर्फ तन्नू ने गुरुवार को एमपी-एमएलए कोर्ट से अपनी जमानत अर्जी वापस ले ली। कोर्ट में सुनवाई के दौरान यह कदम उठाए जाने से जिले के राजनीतिक और आपराधिक गलियारों में चर्चाएं तेज हो गई हैं। सूत्रों के अनुसार, बाराबंकी में मुख्तार अंसारी गैंग से जुड़े शार्प शूटर शोएब किदवई उर्फ बॉबी की हालिया हत्या के बाद तन्नू ने यह फैसला लिया है। माना जा रहा है कि बदलते हालात और सुरक्षा संबंधी आशंकाओं के चलते उसने अपनी जमानत याचिका खुद वापस ले ली। गौस मोहिउद्दीन उर्फ तन्नू मुहम्मदाबाद थाना क्षेत्र का निवासी है। उस पर हत्या के एक मामले में 25 हजार रुपये का इनाम घोषित था। वह पिछले दो वर्षों से फरार चल रहा था। पुलिस ने उसे हाल ही में गिरफ्तार कर जेल भेजा था। तन्नू का नाम 2001 के चर्चित उसरी गैंगवार के गवाह और मनोज राय अपहरण-हत्याकांड में वांछित होने के आरोपों से जुड़ा है। साल 2023 में मोहम्मदाबाद कोतवाली में उसके खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 147, 148, 149, 302 और 34 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था। बक्सर निवासी शैलेंद्र राय ने अपने बेटे मनोज राय के अपहरण और हत्या का मामला दर्ज कराया था। आरोप है कि तन्नू इस वारदात में गैंग के साथ मिलकर शामिल था और लगातार कोर्ट में पेशी से बच रहा था। कोर्ट ने तय किए आरोप, 26 फरवरी को अगली सुनवाई 12 फरवरी 2026 को गाजीपुर की एमपी-एमएलए कोर्ट (न्यायाधीश शक्ति सिंह) में सुनवाई के दौरान कोर्ट ने गौस मोहिउद्दीन के खिलाफ आरोप तय कर दिए। अब मामले की अगली सुनवाई 26 फरवरी 2026 को होगी। इसी केस में उसने जमानत अर्जी दाखिल की थी, जिसे अब वापस ले लिया गया है। इसकी पुष्टि शासकीय अधिवक्ता नीरज श्रीवास्तव ने की है। करीब 55 वर्षीय गौस मोहिउद्दीन उर्फ तन्नू, पुत्र खलील अंसारी उर्फ खालिद, वर्तमान में 207 ग्रैंडर अपार्टमेंट, 6 डॉली बाग, लखनऊ में रह रहा था। उसका स्थायी पता यूसुफपुर, थाना मुहम्मदाबाद, जनपद गाजीपुर बताया गया है।


