मोतिहारी में मुख्यमंत्री उद्यमी योजना का सकारात्मक प्रभाव दिख रहा है। जिलाधिकारी सौरभ जोरवाल ने योजना के लाभार्थी युवा उद्यमी राकेश कुमार की कूलर निर्माण इकाई का निरीक्षण किया। उन्होंने इस दौरान राकेश के व्यावसायिक मॉडल की जानकारी ली। मशीनों की कार्यक्षमता और उपलब्ध स्टॉक का लिया जायजा राकेश कुमार ने मुख्यमंत्री उद्यमी योजना के तहत वित्तीय सहायता प्राप्त कर यह कूलर निर्माण इकाई स्थापित की है। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने निर्माण प्रक्रिया, मशीनों की कार्यक्षमता, उत्पादों की गुणवत्ता और उपलब्ध स्टॉक का जायजा लिया। उन्होंने यह समझने का प्रयास किया कि सरकारी सहयोग से एक स्थानीय युवा ने कैसे औद्योगिक इकाई खड़ी कर स्वयं को आत्मनिर्भर बनाया और दूसरों को भी रोजगार दिया। गर्मी को देखते हुए कूलर का निर्माण पर जोर राकेश कुमार ने बताया कि योजना से मिली आर्थिक सहायता से उन्होंने आधुनिक मशीनें लगाईं और विभिन्न मॉडलों के ऊर्जा दक्ष कूलरों का उत्पादन शुरू किया। उन्होंने कहा कि आगामी गर्मी के मौसम को देखते हुए बड़े पैमाने पर कूलर का निर्माण कर स्टॉक तैयार किया जा रहा है, ताकि मांग बढ़ने पर बाजार में आपूर्ति सुनिश्चित की जा सके। राकेश ने अपने व्यावसायिक मॉडल की विशेषता बताते हुए कहा कि सर्दियों में जब कूलर की मांग कम होती है, तब उनकी इकाई में स्टील बॉक्स और स्टील ड्रम का निर्माण किया जाता है। इस रणनीति से पूरे साल उत्पादन गतिविधियां जारी रहती हैं और श्रमिकों को लगातार रोजगार मिलता है। प्रशासन उद्यमियों को हरसंभव सहयोग प्रदान करेगा जिलाधिकारी ने राकेश कुमार की पहल की सराहना की और कहा कि ऐसे युवा उद्यमी अन्य युवाओं के लिए प्रेरणा स्रोत हैं। उन्होंने जोर दिया कि सरकार की योजनाओं का सही उपयोग कर युवा न केवल आत्मनिर्भर बन सकते हैं, बल्कि स्थानीय औद्योगिक विकास को भी गति दे सकते हैं। प्रशासन ऐसे उद्यमियों को हरसंभव सहयोग प्रदान करेगा। मोतिहारी में मुख्यमंत्री उद्यमी योजना का सकारात्मक प्रभाव दिख रहा है। जिलाधिकारी सौरभ जोरवाल ने योजना के लाभार्थी युवा उद्यमी राकेश कुमार की कूलर निर्माण इकाई का निरीक्षण किया। उन्होंने इस दौरान राकेश के व्यावसायिक मॉडल की जानकारी ली। मशीनों की कार्यक्षमता और उपलब्ध स्टॉक का लिया जायजा राकेश कुमार ने मुख्यमंत्री उद्यमी योजना के तहत वित्तीय सहायता प्राप्त कर यह कूलर निर्माण इकाई स्थापित की है। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने निर्माण प्रक्रिया, मशीनों की कार्यक्षमता, उत्पादों की गुणवत्ता और उपलब्ध स्टॉक का जायजा लिया। उन्होंने यह समझने का प्रयास किया कि सरकारी सहयोग से एक स्थानीय युवा ने कैसे औद्योगिक इकाई खड़ी कर स्वयं को आत्मनिर्भर बनाया और दूसरों को भी रोजगार दिया। गर्मी को देखते हुए कूलर का निर्माण पर जोर राकेश कुमार ने बताया कि योजना से मिली आर्थिक सहायता से उन्होंने आधुनिक मशीनें लगाईं और विभिन्न मॉडलों के ऊर्जा दक्ष कूलरों का उत्पादन शुरू किया। उन्होंने कहा कि आगामी गर्मी के मौसम को देखते हुए बड़े पैमाने पर कूलर का निर्माण कर स्टॉक तैयार किया जा रहा है, ताकि मांग बढ़ने पर बाजार में आपूर्ति सुनिश्चित की जा सके। राकेश ने अपने व्यावसायिक मॉडल की विशेषता बताते हुए कहा कि सर्दियों में जब कूलर की मांग कम होती है, तब उनकी इकाई में स्टील बॉक्स और स्टील ड्रम का निर्माण किया जाता है। इस रणनीति से पूरे साल उत्पादन गतिविधियां जारी रहती हैं और श्रमिकों को लगातार रोजगार मिलता है। प्रशासन उद्यमियों को हरसंभव सहयोग प्रदान करेगा जिलाधिकारी ने राकेश कुमार की पहल की सराहना की और कहा कि ऐसे युवा उद्यमी अन्य युवाओं के लिए प्रेरणा स्रोत हैं। उन्होंने जोर दिया कि सरकार की योजनाओं का सही उपयोग कर युवा न केवल आत्मनिर्भर बन सकते हैं, बल्कि स्थानीय औद्योगिक विकास को भी गति दे सकते हैं। प्रशासन ऐसे उद्यमियों को हरसंभव सहयोग प्रदान करेगा।


