बचने के लिए कूदी या नीचे फेंकी गई? पीठ और कमर पर गहरे जख्म के निशान, पटना में छात्रा की मौत का रहस्य गहराया

बचने के लिए कूदी या नीचे फेंकी गई? पीठ और कमर पर गहरे जख्म के निशान, पटना में छात्रा की मौत का रहस्य गहराया

Bihar News: फुलवारी शरीफ में एक कोचिंग सेंटर की बिल्डिंग से गिरने से एक छात्रा की मौत हो गई। पहले तो ये हादसा समझा गया लेकिन छात्रा के शरीर पर मिले निशान और CCTV फुटेज ने पूरा मामला ही बदल दिया। पुलिस अब सभी एंगल से जांच कर रही है। 

Bihar News: राजधानी पटना से सटे फुलवारीशरीफ थाना इलाके के हरिनगर इलाके में एक 16 साल की छात्रा की संदिग्ध हालात में मौत हो गई। 11वीं की छात्रा रोज की तरह अपनी कोचिंग क्लास के लिए निकली थी। करीब एक घंटे बाद उसके परिवार को उसकी मौत की खबर मिली। कोचिंग इंस्टीट्यूट ने शुरू में इस घटना की वजह ‘चक्कर खाकर गिरना’ बताया, लेकिन उसके शरीर पर मिले निशान अलग ही कहानी बयां कर रहे हैं।

अंतिम संस्कार के दौरान खुला राज

शुरू में, परेशान परिवार ने इसे एक हादसा माना। वे अंतिम संस्कार के लिए बॉडी लेकर दीघा घाट भी पहुंच गए। लेकिन जैसे ही अंतिम संस्कार के दौरान परिवार की महिलाओं ने छात्रा की पीठ देखी, वहां मौजूद सभी लोग हैरान रह गए। छात्रा की पीठ और कमर पर घसीटने के गहरे निशान थे। उसके शरीर पर धारदार हथियार से दो गंभीर जख्म थे और दोनों पैर टूटे हुए थे।

परिवार का आरोप है कि ये चोटें ऊंचाई से गिरने की वजह से नहीं, बल्कि संघर्ष और हिंसा की वजह से आई हैं। इसके बाद फौरन पुलिस को सूचना दी गई और शव को घाट से वापस मंगाकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया।

CCTV फूटेज में दिखे 2 युवक

SDPO सुशील कुमार सिंह के नेतृत्व में जब पुलिस ने CCTV फुटेज की जांच की, तो मामला और पेचीदा हो गया। फुटेज में दिख रहा है कि छात्रा सुबह के वक्त काफी हड़बड़ाहट और तेजी में सीढ़ियां चढ़ रही है। हैरानी की बात है कि कोचिंग इंस्टीट्यूट पहली मंजिल पर है, लेकिन छात्रा तेजी से चौथी मंजिल की ओर जाती दिखी। उसके ठीक पीछे एक संदिग्ध युवक भी चढ़ता हुआ दिखा।

लगभग 26 मिनट बाद, फुटेज में स्टूडेंट छत से गिरती हुई दिख रही है। स्टूडेंट के गिरने के 26 सेकंड के अंदर, बिल्डिंग में बढ़ई या पेंटर का काम करने वाले दो युवक भी तेजी से नीचे उतरते और भागते हुए दिखे। उनमें से एक युवक ने गले में लाल रंग का गमछा पहना हुआ था।

क्या दुष्कर्म या छेड़खानी के बाद हुई हत्या?

परिवार का आरोप है कि कोचिंग सेंटर के ऊपरी फ्लोर पर स्टूडेंट के साथ छेड़छाड़ या रेप की कोशिश की गई। जब उसने भागने की कोशिश की होगी, तो उसे चौथी मंजिल पर घसीटा गया और फिर वहां से नीचे फेंक दिया गया। पीठ पर घसीटे जाने के निशान इसी संघर्ष की ओर इशारा कर रहे हैं। परिवार का यह भी दावा है कि जहां छात्रा गिरी, वहां खून की एक बूंद भी नहीं मिली, जबकि इतनी ऊंचाई से गिरने पर बहुत ज्यादा खून बहना चाहिए था। मौके पर सिर्फ छात्रा की चप्पलें मिलीं, जिससे कई शक पैदा होते हैं।

कोचिंग इंस्टीट्यूट की भूमिका पर उठते सवाल

इस पूरी घटना में कोचिंग इंस्टीट्यूट की भूमिका भी शक के घेरे में मानी जा रही है। इस घटना ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। जैसे, इतनी गंभीर घटना के बाद इंस्टीट्यूट ने तुरंत पुलिस को क्यों नहीं बताया? परिवार को फोन पर यह झूठी जानकारी क्यों दी गई कि उसे चक्कर आया और वह गिर गई? जिस आठ मंजिला बिल्डिंग में कंस्ट्रक्शन चल रहा था, वहां सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम क्यों नहीं थे और छात्रा को ऊपरी मंजिल पर जाने से क्यों नहीं रोका गया?

पुलिस ने तीन लोगों को हिरासत में लिया

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तीन कंस्ट्रक्शन वर्कर को हिरासत में लिया है। पटना के AIIMS में एक मेडिकल बोर्ड बनाया गया है और पोस्टमार्टम करवाया गया है। FSL टीम ने मौके से साइंटिफिक सबूत इकट्ठा किए हैं। SDPO सुशील कुमार का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और CCTV फुटेज के टेक्निकल एनालिसिस के बाद ही यह साफ हो पाएगा कि यह मर्डर था या सुसाइड।

पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार

स्टूडेंट अपने परिवार की सबसे छोटी बेटी थी और होनहार स्टूडेंट थी। उसके किसान पिता ने अपनी बेटी के लिए बड़े सपने देखे थे। कोचिंग इंस्टीट्यूट में सिक्योरिटी के इंतजाम और मल्टी-स्टोरी बिल्डिंग में सिक्योरिटी ऑडिट न होने से एक और परिवार का चिराग बुझ गया है। अब सबकी निगाहें पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर टिकी हैं, जो इस ‘मर्डर मिस्ट्री’ से पर्दा उठाएगी।

  

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