AIMIM के बिहार प्रदेश अध्यक्ष और अमौर विधायक अख्तरुल ईमान ने बिहार विधानसभा में बहादुरगंज और अमौर क्षेत्र से जुड़े रेड लाइट एरिया के मुद्दे को उठाया। उन्होंने सदन में इस अवैध गतिविधि पर तत्काल रोक लगाने की मांग की, क्योंकि यह स्थानीय समाज, विशेषकर लड़कियों की शिक्षा और सम्मान को प्रभावित कर रही है। विधायक अख्तरुल ईमान ने सदन में बताया कि इस क्षेत्र में चल रहे देह व्यापार के कारण कई लड़कियां स्कूल जाने से कतराती हैं और शर्मिंदगी महसूस करती हैं। उन्होंने उल्लेख किया कि NH 327E के आसपास ऐसी गतिविधियां खुलेआम जारी हैं, जो युवतियों की सुरक्षा और भविष्य के लिए खतरा पैदा कर रही हैं। सख्त कार्रवाई करने की अपील ईमान ने सरकार से अपील की कि इस समस्या पर सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि लड़कियां बिना किसी झिझक के शिक्षा प्राप्त कर सकें और समाज में सम्मानजनक जीवन जी सकें। उन्होंने पुलिस कार्रवाई के साथ-साथ पुनर्वास और जागरूकता अभियान चलाने की भी मांग की। यह मुद्दा सीमांचल क्षेत्र में लंबे समय से चर्चा में रहा है, जहां बहादुरगंज जैसे इलाकों में समय-समय पर पुलिस छापेमारी भी होती रही है, लेकिन स्थायी समाधान नहीं निकल पाया है। अख्तरुल ईमान की इस पहल की स्थानीय लोगों द्वारा सराहना की जा रही है, क्योंकि उन्होंने एक संवेदनशील सामाजिक समस्या को विधानसभा के मंच पर उठाया है। AIMIM के बिहार प्रदेश अध्यक्ष और अमौर विधायक अख्तरुल ईमान ने बिहार विधानसभा में बहादुरगंज और अमौर क्षेत्र से जुड़े रेड लाइट एरिया के मुद्दे को उठाया। उन्होंने सदन में इस अवैध गतिविधि पर तत्काल रोक लगाने की मांग की, क्योंकि यह स्थानीय समाज, विशेषकर लड़कियों की शिक्षा और सम्मान को प्रभावित कर रही है। विधायक अख्तरुल ईमान ने सदन में बताया कि इस क्षेत्र में चल रहे देह व्यापार के कारण कई लड़कियां स्कूल जाने से कतराती हैं और शर्मिंदगी महसूस करती हैं। उन्होंने उल्लेख किया कि NH 327E के आसपास ऐसी गतिविधियां खुलेआम जारी हैं, जो युवतियों की सुरक्षा और भविष्य के लिए खतरा पैदा कर रही हैं। सख्त कार्रवाई करने की अपील ईमान ने सरकार से अपील की कि इस समस्या पर सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि लड़कियां बिना किसी झिझक के शिक्षा प्राप्त कर सकें और समाज में सम्मानजनक जीवन जी सकें। उन्होंने पुलिस कार्रवाई के साथ-साथ पुनर्वास और जागरूकता अभियान चलाने की भी मांग की। यह मुद्दा सीमांचल क्षेत्र में लंबे समय से चर्चा में रहा है, जहां बहादुरगंज जैसे इलाकों में समय-समय पर पुलिस छापेमारी भी होती रही है, लेकिन स्थायी समाधान नहीं निकल पाया है। अख्तरुल ईमान की इस पहल की स्थानीय लोगों द्वारा सराहना की जा रही है, क्योंकि उन्होंने एक संवेदनशील सामाजिक समस्या को विधानसभा के मंच पर उठाया है।


