पूर्णिया के धमदाहा एसडीओ अनुपम कुमार ने बच्चों के बीच मिड-डे मील का खाना खाया। गुरवार को अचानक सरकारी स्कूल पहुंच गए। किचन का मुआयना किया और बच्चों संग मिड डे मील के खाने का स्वाद चखा। SDO के खाना चखने का ये वीडियो अब सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है। एसडीओ अनुपम कुमार सबसे पहले क्लास रूम पहुंचे। वे अलग-अलग कक्षाओं में गए और बच्चों से सवाल पूछकर उनका स्तर परखा। बच्चों से ये भी पूछा कि शिक्षक रोज समय पर आते हैं या नहीं और पढ़ाई में कोई परेशानी तो नहीं होती। इसके साथ ही शिक्षकों की अटेंडेंस रजिस्टर की जांच की और बच्चों की हाजिरी की जांच की। लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी निरीक्षण के दौरान एसडीओ ने मिड-डे मील पर खास ध्यान दिया। बच्चों को जो खाना परोसा जा रहा था, उसे उन्होंने खुद चखकर देखा। भोजन ठीक से पका है या नहीं, उसमें पोषण का ध्यान रखा गया है या नहीं। बच्चों को पर्याप्त मात्रा में खाना मिल रहा है या नहीं। जांच के बाद एसडीओ रसोईघर भी पहुंचे। वहां बर्तनों की सफाई, अनाज रखने की व्यवस्था और खाना बनाने की का तरीका देखा। रसोइयों को साफ-सफाई बनाए रखने और तय नियमों के अनुसार भोजन बनाने का निर्देश दिया गया। उन्होंने साफ कहा कि बच्चों के स्वास्थ्य के साथ किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। एसडीओ ने स्कूल परिसर, शौचालय और पेयजल व्यवस्था की भी जांच की। जहां-जहां कमी मिली, वहां तुरंत सुधार के निर्देश दिए गए। संबंधित अधिकारियों को नियमित निगरानी करने को कहा गया
गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं होगा एसडीओ अनुपम कुमार ने कहा कि सरकार की योजनाओं का पूरा लाभ बच्चों तक पहुंचना चाहिए। मिड-डे मील योजना बच्चों के पोषण और उनकी स्कूल में नियमित उपस्थिति के लिए बहुत जरूरी है। इसलिए इसकी गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं होगा। अंत में स्कूल प्रबंधन ने भरोसा दिलाया कि प्रशासन के सभी निर्देशों का पालन किया जाएगा और जल्द ही जरूरी सुधार कर लिए जाएंगे। पूर्णिया के धमदाहा एसडीओ अनुपम कुमार ने बच्चों के बीच मिड-डे मील का खाना खाया। गुरवार को अचानक सरकारी स्कूल पहुंच गए। किचन का मुआयना किया और बच्चों संग मिड डे मील के खाने का स्वाद चखा। SDO के खाना चखने का ये वीडियो अब सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है। एसडीओ अनुपम कुमार सबसे पहले क्लास रूम पहुंचे। वे अलग-अलग कक्षाओं में गए और बच्चों से सवाल पूछकर उनका स्तर परखा। बच्चों से ये भी पूछा कि शिक्षक रोज समय पर आते हैं या नहीं और पढ़ाई में कोई परेशानी तो नहीं होती। इसके साथ ही शिक्षकों की अटेंडेंस रजिस्टर की जांच की और बच्चों की हाजिरी की जांच की। लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी निरीक्षण के दौरान एसडीओ ने मिड-डे मील पर खास ध्यान दिया। बच्चों को जो खाना परोसा जा रहा था, उसे उन्होंने खुद चखकर देखा। भोजन ठीक से पका है या नहीं, उसमें पोषण का ध्यान रखा गया है या नहीं। बच्चों को पर्याप्त मात्रा में खाना मिल रहा है या नहीं। जांच के बाद एसडीओ रसोईघर भी पहुंचे। वहां बर्तनों की सफाई, अनाज रखने की व्यवस्था और खाना बनाने की का तरीका देखा। रसोइयों को साफ-सफाई बनाए रखने और तय नियमों के अनुसार भोजन बनाने का निर्देश दिया गया। उन्होंने साफ कहा कि बच्चों के स्वास्थ्य के साथ किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। एसडीओ ने स्कूल परिसर, शौचालय और पेयजल व्यवस्था की भी जांच की। जहां-जहां कमी मिली, वहां तुरंत सुधार के निर्देश दिए गए। संबंधित अधिकारियों को नियमित निगरानी करने को कहा गया
गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं होगा एसडीओ अनुपम कुमार ने कहा कि सरकार की योजनाओं का पूरा लाभ बच्चों तक पहुंचना चाहिए। मिड-डे मील योजना बच्चों के पोषण और उनकी स्कूल में नियमित उपस्थिति के लिए बहुत जरूरी है। इसलिए इसकी गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं होगा। अंत में स्कूल प्रबंधन ने भरोसा दिलाया कि प्रशासन के सभी निर्देशों का पालन किया जाएगा और जल्द ही जरूरी सुधार कर लिए जाएंगे।


