वैलेंटाइन डे से ठीक पहले सामने आई एक सनसनीखेज घटना ने रिश्तों, भरोसे और कानून के दायरे पर गंभीर बहस छेड़ दी है। जोधपुर के एमडीएम हॉस्पिटल में कार्यरत 36 वर्षीय नर्सिंग ऑफिसर कैलाश नागौरा ने कथित ब्लैकमेल और झूठे मुकदमे की धमकियों से परेशान होकर जहर खा लिया। उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई।
वीडियो में लगाए आरोप, 40 लाख रुपये देने का दावा
मौत से पहले रिकॉर्ड किए गए वीडियो में उन्होंने एक महिला पर आरोप लगाया कि दोनों के बीच संबंध आपसी सहमति से थे, लेकिन बाद में उन्हें बदनाम करने और दुष्कर्म का केस दर्ज कराने की धमकी दी गई। उन्होंने दावा किया कि मकान निर्माण सहित विभिन्न कारणों से करीब 40 लाख रुपये देने पड़े। वीडियो में उनका सवाल था—“हमारी सहमति से सब कुछ हुआ, फिर मैं ही क्यों गलत? हमेशा लड़के ही क्यों मरते हैं?” पुलिस ने वीडियो को जांच में शामिल किया है और डिजिटल साक्ष्यों की पड़ताल शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि सभी आरोपों की निष्पक्ष जांच की जाएगी और तथ्यों के आधार पर कार्रवाई होगी।
जहर खाने के बाद अस्पताल, रास्ते में तोड़ा दम
बताया जा रहा है कि जहर सेवन के बाद उन्हें पाली के बांगड़ हॉस्पिटल ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद जोधपुर रेफर किया गया। रास्ते में उनकी हालत बिगड़ी और मौत हो गई। शव को पोस्टमार्टम के लिए सुरक्षित रखवाया गया है।
वैलेंटाइन डे से पहले रिश्तों पर बहस
14 फरवरी को जहां एक ओर लोग प्रेम का उत्सव मनाने की तैयारी कर रहे हैं, वहीं यह घटना “प्यार में धोखा” और कानूनी प्रावधानों के कथित दुरुपयोग जैसे मुद्दों को लेकर चर्चा का विषय बन गई है। हालांकि पुलिस ने स्पष्ट किया है कि किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले सभी पक्षों की जांच जरूरी है।
परिजनों और परिचितों में शोक की लहर है। पुलिस का कहना है कि मामले में तकनीकी जांच, कॉल डिटेल और आर्थिक लेनदेन की पड़ताल की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
(यदि आप या आपका कोई परिचित मानसिक तनाव से गुजर रहा है, तो नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र या हेल्पलाइन से संपर्क करना जरूरी है।)


