ऐश्वर्या से तलाक के लिए तेजप्रताप का अनुष्का से किनारा!:24 को दोनों होंगे आमने-सामने, जानिए पत्नी की लालू के बड़े बेटे से क्या डिमांड

ऐश्वर्या से तलाक के लिए तेजप्रताप का अनुष्का से किनारा!:24 को दोनों होंगे आमने-सामने, जानिए पत्नी की लालू के बड़े बेटे से क्या डिमांड

क्या ऐश्वर्या राय से तलाक की जंग में RJD सुप्रीमो लालू यादव के बड़े बेटे तेज प्रताप यादव ने अनुष्का यादव से किनारा किया है? यह सवाल बीते 3 दिन से बिहार के सियासी गलियारे में उठ रहा है। चूंकि 24 फरवरी को कोर्ट ने तेज प्रताप और ऐश्वर्या को सुलह के लिए बुलाया है। पहले से चल रहे कानूनी पचड़े के बीच अनुष्का यादव को बेटी होने की खबर आ गई। सोशल मीडिया पर जैसे ही नाम जुड़ा तुरंत तेज प्रताप एक्टिव हो गए। प्रेस कॉन्फ्रेंस कर सिरे से खारिज किया और विरोधियों की साजिश बताया। क्या यह सब साजिश है? क्या अनुष्का को किनारे कर तेज प्रताप अपनी पुरानी जिंदगी बचाने की कोशिश में हैं? ऐश्वर्या लालू के बड़े बेटे से क्या-क्या मांग रही हैं? जानेंगे, इस एक्सक्लूसिव रिपोर्ट में…। 24 फरवरी को फैमिली कोर्ट में तेज प्रताप-ऐश्वर्या के तलाक मामले की सुनवाई होनी है। फैमिली कोर्ट के प्रिंसिपल जज सुनील दत्त पांडेय के समक्ष दोनों पक्षों के बीच तीसरी बार मध्यस्थता की कोशिश की जाएगी। कोर्ट ने दोनों पक्षों को मध्यस्थता में सहयोग करने को कहा है। पहले डायवोर्स से जुड़ा यह मामला फैमिली कोर्ट में चला, उसके बाद हाईकोर्ट तक गया और अब फिर केस फैमिली कोर्ट में है। इस मामले में पटना हाईकोर्ट ऐश्वर्या के रिव्यू पीटिशन को खारिज कर चुका है। कोर्ट ने कहा है कि हम मामले में इंटरफेयर नहीं करेंगे। दोनों पक्ष मध्यस्थता में सहयोग करें। ऐश्वर्या ने हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ दिया था रिव्यू पीटिशन पटना हाईकोर्ट ने फैमिली कोर्ट को 11 जुलाई 2024 को छह माह के अंदर डायवोर्स मामले के निपटारे का निर्देश दिया था, लेकिन ऐश्वर्या ने इसके खिलाफ रिव्यू पीटिशन दिया था। ऐश्वर्या ने कहा कि इसको लेकर समय सीमा का निर्धारण नहीं किया जा सकता है। इसके लिए उन्होंने सुप्रीम कोर्ट का वह जजमेंट सामने रखा था, जो उत्तरप्रदेश बार एसो. को लेकर दिया गया था। उस समय कोर्ट में ऐश्वर्या राय की ओर से अभिनव श्रीवास्तव और नीलांजन चटर्जी कोर्ट में मौजूद थे और तेजप्रताप यादव की तरफ से वकील जगन्नाथ सिंह। कोर्ट में बहस हुई और दोनों ने अपने-अपने तर्क रखे। तेजप्रताप यादव के वकील ने सेक्शन 24 का हवाला दिया। बहस सुनने के बाद जस्टिस अरुण कुमार झा ने कहा कि, छह माह का समय फैमिली कोर्ट को दिया गया था, लेकिन नौ माह का समय बीत चुका है। सेक्शन 24 में स्पष्ट है कि डायवोर्स मामले का निपटारा छह माह में कर देना है। उन्होंने कहा कि कोर्ट मामले में इंटरफेयर नहीं करेगा और आगे सुनवाई फैमिली कोर्ट में होगा, दोनों पक्ष फैमिली कोर्ट को सहयोग करें। पटना जू और एक होटल में भी हो चुकी है मीटिंग यह मामला पहले से फैमिली कोर्ट में चल रहा था। इस डायवोर्स मामले में फैमिली कोर्ट पहले भी मध्यस्थता की कोशिश कर चुका है। एक मीटिंग तो पटना चिड़ियाघर में कोर्ट के निर्देश के बाद हो चुकी है। इसमें तेज प्रताप की तरफ से मां राबड़ी देवी भी आईं थीं और उन्होंने साफ कह दिया था कि तेज प्रताप ऐश्वर्या के साथ नहीं रहना चाहते हैं। एक मीटिंग पटना के बड़े होटल में हुई थी, जिसमें लालू प्रसाद मौजूद थे। हालांकि इस मीटिंग में भी कोई हल नहीं निकल सका। पूरे मामले की सबसे खास बात यह है कि तेज प्रताप यादव डायवोर्स चाहते हैं और ऐश्वर्या डायवोर्स नहीं चाहती हैं। मध्यस्थता नहीं होने पर कोर्ट क्या फैसला ले सकती है? 24 फरवरी को तेज प्रताप और ऐश्वर्या मामले को लेकर फैमिली कोर्ट में मध्यस्थता की फिर से कोशिश होगी। पटना हाईकोर्ट के सीनियर वकील सर्वदेव सिंह के मुताबिक, राजनीतिक परिवार के चलते मामला हाईप्रोफाइल एक तरफ जहां तेज प्रताप यादव बिहार के दो पूर्व मुख्यमंत्रियों लालू प्रसाद और राबड़ी देवी के बड़े बेटे हैं। वहीं, दूसरी तरफ ऐश्वर्या राय के दादा दारोगा प्रसाद राय बिहार के भूतपूर्व मुख्यमंत्री हैं और पिता चंद्रिका राय कई बार विधायक-मंत्री रहे हैं। मां पूर्णिमा राय पटना कॉलेज में प्रोफेसर हैं। ऐश्वर्या ने पटना के नोट्रेडम स्कूल से पढ़ाई करने के बाद दिल्ली यूनिवर्सिटी के मिरांडा हाउस से ग्रेजुएशन और एमिटी यूनिवर्सिटी से एमबीए की डिग्री ली है। 12 मई, 2018 को तेज प्रताप यादव और ऐश्वर्या राय की शादी हुई थी। छह माह बाद ही 2018 के नवंबर माह में तेज प्रताप ने ऐश्वर्या के साथ डिवोर्स की अर्जी दे दी। ऐश्वर्या अपनी सास राबड़ी देवी पर भी घरेलू हिंसा का आरोप लगा चुकी हैं। तब राबड़ी आवास से रोते निकलते हुए ऐश्वर्या ने कहा था कि राबड़ी देवी ने मुझे बाल खींचकर मारा है। राबड़ी आवास में गार्ड ने भी मुझे मारा है। मेरा फोन छीन लिया गया, जिसमें एवीडेंस थे। मेरे मां-बाप को जलील कर रहे हैं। इसके बाद चंद्रिका राय, उनकी पत्नी दल-बल के साथ राबड़ी आवास पहुंच गए थे। ऐश्वर्या ने थ्री बीएचके फ्लैट लेने से किया था इनकार, हर माह डेढ़ लाख मांगा भत्ता 27 सितंबर 2018 को कोर्ट ने ऑर्डर देते हुए कहा कि, एक माह के अंदर ऐश्वर्या के रहने की व्यवस्था तेज प्रताप करें, किराया पर आवास उपलब्ध कराएं और बिजली आदि का बिल भी भरें। कोर्ट ने यह भी निर्देश दिया कि किसी तरह की घरेलू हिंसा उनके साथ न हो। तेज प्रताप द्वारा ऐश्वर्या को पटना के गोला रोड के पास मां मछरिया देवी कॉम्पलेक्स में थ्री बीएचके का फ्लैट दिया गया। 31 अक्टूबर 2023 को इसकी चाभी और एग्रीमेंट पेपर फैमिली कोर्ट को सौंपे गए। इसका किराया 20 हजार रुपए महीना था, लेकिन ऐश्वर्या उस फ्लैट में नहीं गईं। 10 जून 2024 को ऐश्वर्या ने फैमिली कोर्ट में कई डिमांड रखी। हर माह खर्च चलाने के लिए डेढ़ लाख रुपए सहित पटना के एसके पुरी इलाके में घर मांगा था। एसके पुरी इलाके में 10 सर्कुलर रोड की तरह सुविधाओं वाले घर की मांग इसके पहले फैमिली कोर्ट के प्रधान न्यायाधीश अशोक कुमार सिंह ने 2019 में ऐश्वर्या को हर महीने 22 हजार रुपए अंतरिम गुजारा भत्ता देने का आदेश दिया था। आदेश के खिलाफ ऐश्वर्या 2020 में पटना हाईकोर्ट पहुंची थी। उन्होंने कहा था कि हम रुपए नहीं चाहते, बल्कि 10 सर्कुलर रोड की तरह सुविधाओं से सुसज्जित आवास चाहते हैं। गाड़ी, ड्राइवर आदि सुविधाएं भी चाहिए। इसके बाद हाईकोर्ट की जस्टिस वैजन्त्री की अध्यक्षता वाली पीठ ने मामले को फैमिली कोर्ट में ट्रांसफर कर दिया था। तेज प्रताप के वकील जगन्नाथ सिंह ने कहा कि अब तक तेज प्रताप यादव ने जो पैसे दिए हैं, उसे वापस किया जाए। इस पर ऐश्वर्या ने 10 लाख रुपए वापस भी कर दिए थे, लेकिन बाद में उन्होंने तमाम सुविधाओं के साथ डेढ़ लाख रुपए महीने की मांग कर दी थी। इस मामले से एक जज ने खुद को अलग भी कर लिया था। सीनियर जज आशुतोष कुमार ने ऑर्डर दिया कि केस को ऐसी खंडपीठ में भेजा जाए, जिसमें न्यायाधीश जितेन्द्र कुमार नहीं हों। यही वजह है कि यह माना जाता है कि आशुतोष कुमार ने इस मामले से खुद को अलग कर लिया। मुझसे शादी क्यों की, लड़की की इज्जत उछालना बहुत आसान तेज प्रताप यादव और ऐश्वर्या राय का मामला कोर्ट में चल ही रहा था। इस बीच मई 2025 में बिहार विधान सभा चुनाव से पहले तेज प्रताप यादव और अनुष्का यादव की फोटो वीडियो वायरल हो गई। तेज प्रताप, अनुष्का के घर पर भी आते-जाते दिखे। तेज प्रताप ने कहा कि वे 12 वर्षों से अनुष्का से रिलेशन में हैं। चुनाव सामने था और लालू प्रसाद यादव सहित राष्ट्रीय जनता दल बैकफुट पर थी। आनन-फानन में लालू प्रसाद के एक्स हैंडिल से तेज प्रताप यादव को छह वर्षों के लिए आरजेडी और परिवार से बाहर करने की घोषणा की गई। हालांकि, तेज प्रताप बयान बदलते रहे। उन्होंने कहा कि उनको बदनाम करने की साजिश के तहत उनका फोटो-वीडियो वायरल किया गया। मोबाइल हैक करने की बात भी उन्होंने कही। इस स्वीकारने-नकाराने के बीच पत्नी ऐश्वर्या सामने आईं और सवाल दागा कि ‘जब तेज प्रताप यादव किसी और से प्यार करते थे तो मुझसे शादी क्यों की और मेरी जिंदगी क्यों बर्बाद की? लालू परिवार नाटक कर रहा है, सभी मिले हुए हैं। लड़की की इज्जत उछालना बहुत आसान है, बेटे की गलतियों को छिपाने के लिए लड़की पर इल्जाम डाल रहे हैं। मेरे साथ लालू प्रसाद, राबड़ी देवी सामाजिक न्याय कब करेंगे, हम तो कोर्ट में लड़ ही रहे हैं और आगे भी लड़ेंगे। उनसे पूछिए कि मेरी जिंदगी बर्बाद करने की क्या जरूरत थी, मेरे साथ मारपीट की गई, तब सामाजिक न्याय कहां था? उनसे पूछिए कि मेरा क्या होगा?’ चुनाव भी हार गए तेज प्रताप तेज प्रताप यादव ने परिवार से और पार्टी से बेदखल होने के बाद अपनी अलग पार्टी जनशक्ति जनता दल से चुनाव लड़ा और विधान सभा चुनाव में महुआ सीट पर हार गए। नतीजा यह हुआ कि उनका सरकारी बंगला भी छिन गया। अब अनुष्का को बेटी होने के बाद तेज प्रताप ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर इसे अपनी संतान बताने से इनकार ही नहीं किया, बल्कि साजिश करने का आरोप संजय यादव, रमीज, शक्ति यादव और सुनील कुमार सिंह पर लगाते हुए इन सबों को जयचंद कहा। अनुष्का के भाई बोले- घर में लक्ष्मी आई है इधर, इस मामले में अनुष्का यादव के भाई आकाश यादव पहली बार सामने आए हैं। आकाश यादव ने कहा है, हमारे घर में लक्ष्मी आई है। उसका नाम मैंने उज्जैनी रखा है, ये हमारे लिए खुशी की बात है। आकाश यादव ने एक मीडिया हाउस से बातचीत में कहा कि, ‘आज तक मैंने परिवार की बात सार्वजनिक मंच पर नहीं रखी है और ना आगे रखूंगा। ये मामला अनुष्का यादव और तेज प्रताप यादव के बीच का है। इन दो लोगों के मामले में मैं कौन होता हूं बोलने वाला।’ आकाश यादव ने कहा कि ‘तेज प्रताप यादव ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में जो बातें कहीं, मैं उनको परिवार का हिस्सा मानते हुए एक कान से सुनकर दूसरे कान से निकाल देता हूं। लेकिन कोई और कुछ कहेगा तो बर्दाश्त नहीं करूंगा। अगर कोई हमारी बहन या भगिनी पर उंगली उठाएगा मैं उसे नहीं छोडूंगा।’ क्या ऐश्वर्या राय से तलाक की जंग में RJD सुप्रीमो लालू यादव के बड़े बेटे तेज प्रताप यादव ने अनुष्का यादव से किनारा किया है? यह सवाल बीते 3 दिन से बिहार के सियासी गलियारे में उठ रहा है। चूंकि 24 फरवरी को कोर्ट ने तेज प्रताप और ऐश्वर्या को सुलह के लिए बुलाया है। पहले से चल रहे कानूनी पचड़े के बीच अनुष्का यादव को बेटी होने की खबर आ गई। सोशल मीडिया पर जैसे ही नाम जुड़ा तुरंत तेज प्रताप एक्टिव हो गए। प्रेस कॉन्फ्रेंस कर सिरे से खारिज किया और विरोधियों की साजिश बताया। क्या यह सब साजिश है? क्या अनुष्का को किनारे कर तेज प्रताप अपनी पुरानी जिंदगी बचाने की कोशिश में हैं? ऐश्वर्या लालू के बड़े बेटे से क्या-क्या मांग रही हैं? जानेंगे, इस एक्सक्लूसिव रिपोर्ट में…। 24 फरवरी को फैमिली कोर्ट में तेज प्रताप-ऐश्वर्या के तलाक मामले की सुनवाई होनी है। फैमिली कोर्ट के प्रिंसिपल जज सुनील दत्त पांडेय के समक्ष दोनों पक्षों के बीच तीसरी बार मध्यस्थता की कोशिश की जाएगी। कोर्ट ने दोनों पक्षों को मध्यस्थता में सहयोग करने को कहा है। पहले डायवोर्स से जुड़ा यह मामला फैमिली कोर्ट में चला, उसके बाद हाईकोर्ट तक गया और अब फिर केस फैमिली कोर्ट में है। इस मामले में पटना हाईकोर्ट ऐश्वर्या के रिव्यू पीटिशन को खारिज कर चुका है। कोर्ट ने कहा है कि हम मामले में इंटरफेयर नहीं करेंगे। दोनों पक्ष मध्यस्थता में सहयोग करें। ऐश्वर्या ने हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ दिया था रिव्यू पीटिशन पटना हाईकोर्ट ने फैमिली कोर्ट को 11 जुलाई 2024 को छह माह के अंदर डायवोर्स मामले के निपटारे का निर्देश दिया था, लेकिन ऐश्वर्या ने इसके खिलाफ रिव्यू पीटिशन दिया था। ऐश्वर्या ने कहा कि इसको लेकर समय सीमा का निर्धारण नहीं किया जा सकता है। इसके लिए उन्होंने सुप्रीम कोर्ट का वह जजमेंट सामने रखा था, जो उत्तरप्रदेश बार एसो. को लेकर दिया गया था। उस समय कोर्ट में ऐश्वर्या राय की ओर से अभिनव श्रीवास्तव और नीलांजन चटर्जी कोर्ट में मौजूद थे और तेजप्रताप यादव की तरफ से वकील जगन्नाथ सिंह। कोर्ट में बहस हुई और दोनों ने अपने-अपने तर्क रखे। तेजप्रताप यादव के वकील ने सेक्शन 24 का हवाला दिया। बहस सुनने के बाद जस्टिस अरुण कुमार झा ने कहा कि, छह माह का समय फैमिली कोर्ट को दिया गया था, लेकिन नौ माह का समय बीत चुका है। सेक्शन 24 में स्पष्ट है कि डायवोर्स मामले का निपटारा छह माह में कर देना है। उन्होंने कहा कि कोर्ट मामले में इंटरफेयर नहीं करेगा और आगे सुनवाई फैमिली कोर्ट में होगा, दोनों पक्ष फैमिली कोर्ट को सहयोग करें। पटना जू और एक होटल में भी हो चुकी है मीटिंग यह मामला पहले से फैमिली कोर्ट में चल रहा था। इस डायवोर्स मामले में फैमिली कोर्ट पहले भी मध्यस्थता की कोशिश कर चुका है। एक मीटिंग तो पटना चिड़ियाघर में कोर्ट के निर्देश के बाद हो चुकी है। इसमें तेज प्रताप की तरफ से मां राबड़ी देवी भी आईं थीं और उन्होंने साफ कह दिया था कि तेज प्रताप ऐश्वर्या के साथ नहीं रहना चाहते हैं। एक मीटिंग पटना के बड़े होटल में हुई थी, जिसमें लालू प्रसाद मौजूद थे। हालांकि इस मीटिंग में भी कोई हल नहीं निकल सका। पूरे मामले की सबसे खास बात यह है कि तेज प्रताप यादव डायवोर्स चाहते हैं और ऐश्वर्या डायवोर्स नहीं चाहती हैं। मध्यस्थता नहीं होने पर कोर्ट क्या फैसला ले सकती है? 24 फरवरी को तेज प्रताप और ऐश्वर्या मामले को लेकर फैमिली कोर्ट में मध्यस्थता की फिर से कोशिश होगी। पटना हाईकोर्ट के सीनियर वकील सर्वदेव सिंह के मुताबिक, राजनीतिक परिवार के चलते मामला हाईप्रोफाइल एक तरफ जहां तेज प्रताप यादव बिहार के दो पूर्व मुख्यमंत्रियों लालू प्रसाद और राबड़ी देवी के बड़े बेटे हैं। वहीं, दूसरी तरफ ऐश्वर्या राय के दादा दारोगा प्रसाद राय बिहार के भूतपूर्व मुख्यमंत्री हैं और पिता चंद्रिका राय कई बार विधायक-मंत्री रहे हैं। मां पूर्णिमा राय पटना कॉलेज में प्रोफेसर हैं। ऐश्वर्या ने पटना के नोट्रेडम स्कूल से पढ़ाई करने के बाद दिल्ली यूनिवर्सिटी के मिरांडा हाउस से ग्रेजुएशन और एमिटी यूनिवर्सिटी से एमबीए की डिग्री ली है। 12 मई, 2018 को तेज प्रताप यादव और ऐश्वर्या राय की शादी हुई थी। छह माह बाद ही 2018 के नवंबर माह में तेज प्रताप ने ऐश्वर्या के साथ डिवोर्स की अर्जी दे दी। ऐश्वर्या अपनी सास राबड़ी देवी पर भी घरेलू हिंसा का आरोप लगा चुकी हैं। तब राबड़ी आवास से रोते निकलते हुए ऐश्वर्या ने कहा था कि राबड़ी देवी ने मुझे बाल खींचकर मारा है। राबड़ी आवास में गार्ड ने भी मुझे मारा है। मेरा फोन छीन लिया गया, जिसमें एवीडेंस थे। मेरे मां-बाप को जलील कर रहे हैं। इसके बाद चंद्रिका राय, उनकी पत्नी दल-बल के साथ राबड़ी आवास पहुंच गए थे। ऐश्वर्या ने थ्री बीएचके फ्लैट लेने से किया था इनकार, हर माह डेढ़ लाख मांगा भत्ता 27 सितंबर 2018 को कोर्ट ने ऑर्डर देते हुए कहा कि, एक माह के अंदर ऐश्वर्या के रहने की व्यवस्था तेज प्रताप करें, किराया पर आवास उपलब्ध कराएं और बिजली आदि का बिल भी भरें। कोर्ट ने यह भी निर्देश दिया कि किसी तरह की घरेलू हिंसा उनके साथ न हो। तेज प्रताप द्वारा ऐश्वर्या को पटना के गोला रोड के पास मां मछरिया देवी कॉम्पलेक्स में थ्री बीएचके का फ्लैट दिया गया। 31 अक्टूबर 2023 को इसकी चाभी और एग्रीमेंट पेपर फैमिली कोर्ट को सौंपे गए। इसका किराया 20 हजार रुपए महीना था, लेकिन ऐश्वर्या उस फ्लैट में नहीं गईं। 10 जून 2024 को ऐश्वर्या ने फैमिली कोर्ट में कई डिमांड रखी। हर माह खर्च चलाने के लिए डेढ़ लाख रुपए सहित पटना के एसके पुरी इलाके में घर मांगा था। एसके पुरी इलाके में 10 सर्कुलर रोड की तरह सुविधाओं वाले घर की मांग इसके पहले फैमिली कोर्ट के प्रधान न्यायाधीश अशोक कुमार सिंह ने 2019 में ऐश्वर्या को हर महीने 22 हजार रुपए अंतरिम गुजारा भत्ता देने का आदेश दिया था। आदेश के खिलाफ ऐश्वर्या 2020 में पटना हाईकोर्ट पहुंची थी। उन्होंने कहा था कि हम रुपए नहीं चाहते, बल्कि 10 सर्कुलर रोड की तरह सुविधाओं से सुसज्जित आवास चाहते हैं। गाड़ी, ड्राइवर आदि सुविधाएं भी चाहिए। इसके बाद हाईकोर्ट की जस्टिस वैजन्त्री की अध्यक्षता वाली पीठ ने मामले को फैमिली कोर्ट में ट्रांसफर कर दिया था। तेज प्रताप के वकील जगन्नाथ सिंह ने कहा कि अब तक तेज प्रताप यादव ने जो पैसे दिए हैं, उसे वापस किया जाए। इस पर ऐश्वर्या ने 10 लाख रुपए वापस भी कर दिए थे, लेकिन बाद में उन्होंने तमाम सुविधाओं के साथ डेढ़ लाख रुपए महीने की मांग कर दी थी। इस मामले से एक जज ने खुद को अलग भी कर लिया था। सीनियर जज आशुतोष कुमार ने ऑर्डर दिया कि केस को ऐसी खंडपीठ में भेजा जाए, जिसमें न्यायाधीश जितेन्द्र कुमार नहीं हों। यही वजह है कि यह माना जाता है कि आशुतोष कुमार ने इस मामले से खुद को अलग कर लिया। मुझसे शादी क्यों की, लड़की की इज्जत उछालना बहुत आसान तेज प्रताप यादव और ऐश्वर्या राय का मामला कोर्ट में चल ही रहा था। इस बीच मई 2025 में बिहार विधान सभा चुनाव से पहले तेज प्रताप यादव और अनुष्का यादव की फोटो वीडियो वायरल हो गई। तेज प्रताप, अनुष्का के घर पर भी आते-जाते दिखे। तेज प्रताप ने कहा कि वे 12 वर्षों से अनुष्का से रिलेशन में हैं। चुनाव सामने था और लालू प्रसाद यादव सहित राष्ट्रीय जनता दल बैकफुट पर थी। आनन-फानन में लालू प्रसाद के एक्स हैंडिल से तेज प्रताप यादव को छह वर्षों के लिए आरजेडी और परिवार से बाहर करने की घोषणा की गई। हालांकि, तेज प्रताप बयान बदलते रहे। उन्होंने कहा कि उनको बदनाम करने की साजिश के तहत उनका फोटो-वीडियो वायरल किया गया। मोबाइल हैक करने की बात भी उन्होंने कही। इस स्वीकारने-नकाराने के बीच पत्नी ऐश्वर्या सामने आईं और सवाल दागा कि ‘जब तेज प्रताप यादव किसी और से प्यार करते थे तो मुझसे शादी क्यों की और मेरी जिंदगी क्यों बर्बाद की? लालू परिवार नाटक कर रहा है, सभी मिले हुए हैं। लड़की की इज्जत उछालना बहुत आसान है, बेटे की गलतियों को छिपाने के लिए लड़की पर इल्जाम डाल रहे हैं। मेरे साथ लालू प्रसाद, राबड़ी देवी सामाजिक न्याय कब करेंगे, हम तो कोर्ट में लड़ ही रहे हैं और आगे भी लड़ेंगे। उनसे पूछिए कि मेरी जिंदगी बर्बाद करने की क्या जरूरत थी, मेरे साथ मारपीट की गई, तब सामाजिक न्याय कहां था? उनसे पूछिए कि मेरा क्या होगा?’ चुनाव भी हार गए तेज प्रताप तेज प्रताप यादव ने परिवार से और पार्टी से बेदखल होने के बाद अपनी अलग पार्टी जनशक्ति जनता दल से चुनाव लड़ा और विधान सभा चुनाव में महुआ सीट पर हार गए। नतीजा यह हुआ कि उनका सरकारी बंगला भी छिन गया। अब अनुष्का को बेटी होने के बाद तेज प्रताप ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर इसे अपनी संतान बताने से इनकार ही नहीं किया, बल्कि साजिश करने का आरोप संजय यादव, रमीज, शक्ति यादव और सुनील कुमार सिंह पर लगाते हुए इन सबों को जयचंद कहा। अनुष्का के भाई बोले- घर में लक्ष्मी आई है इधर, इस मामले में अनुष्का यादव के भाई आकाश यादव पहली बार सामने आए हैं। आकाश यादव ने कहा है, हमारे घर में लक्ष्मी आई है। उसका नाम मैंने उज्जैनी रखा है, ये हमारे लिए खुशी की बात है। आकाश यादव ने एक मीडिया हाउस से बातचीत में कहा कि, ‘आज तक मैंने परिवार की बात सार्वजनिक मंच पर नहीं रखी है और ना आगे रखूंगा। ये मामला अनुष्का यादव और तेज प्रताप यादव के बीच का है। इन दो लोगों के मामले में मैं कौन होता हूं बोलने वाला।’ आकाश यादव ने कहा कि ‘तेज प्रताप यादव ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में जो बातें कहीं, मैं उनको परिवार का हिस्सा मानते हुए एक कान से सुनकर दूसरे कान से निकाल देता हूं। लेकिन कोई और कुछ कहेगा तो बर्दाश्त नहीं करूंगा। अगर कोई हमारी बहन या भगिनी पर उंगली उठाएगा मैं उसे नहीं छोडूंगा।’  

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