निकाय चुनाव को देखकर बिजली कर्मचारियों ने हड़ताल से दूरी बनाई चार नए श्रम कानूनों के खिलाफ संयुक्त ट्रेड यूनियनों की हड़ताल को गुरुवार को झारखंड में भी असर दिखा। बैंक, कोलियरी और सार्वजनिक उपक्रमों में कामकाज बुरी तरह से प्रभावित हुआ। यूनियनों का दावा है कि राज्यभर के करीब 10 लाख मजदूर इस हड़ताल में शामिल हुए। हड़ताल का सबसे ज्यादा असर कोयला और बैंकिंग सेक्टर पर दिखा। बैंक एम्पलाइज फेडरेशन झारखंड के महासचिव एमएल सिंह के अनुसार इस हड़ताल से राज्यभर में करीब 5300 करोड़ रुपए का बैंकिंग कारोबार प्रभावित रहा। अकेले रांची में ही 700 करोड़ का कारोबार प्रभावित हुआ। हड़ताल में झारखंड के करीब सात हजार कर्मचारी शामिल हुए। कर्मचारियों ने बैंकों के बाहर प्रदर्शन कर नए श्रम कानूनों का विरोध जताया। सीटू के आरपी सिंह ने बताया कि सीसीएल की दो दर्जन से अधिक खदानों में रोजाना करीब 3.50 लाख टन कोयले का उत्पादन होता है। हड़ताल के कारण करीब 2.40 टन उत्पादन प्रभावित हुआ, जिससे करीब 16 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ। बीसीसीएल में भी उत्पादन पर असर पड़ा। हालांकि नगर निकाय चुनाव के कारण बिजली कर्मचारी हड़ताल में शामिल नहीं हुए। जानिए…झारखंड में हड़ताल का कहां कैसा रहा असर जमशेदपुर : औद्योगिक उत्पादन आंशिक प्रभावित, बस-ट्रक चले मजदूर संगठन इंटक, सीटू, एटक, एचएमएस के कार्यकर्ता सुबह ही सड़क पर उतर गए। औद्योगिक क्षेत्र में कर्मचारियों की उपस्थिति कम रही। उत्पादन आंशिक रूप से प्रभावित हुआ। हालांकि जमशेदपुर ट्रक-ट्रेलर ओनर्स एसोसिएशन और बस ओनर्स एसोसिएशन ने बंद से दूरी बनाई। चतरा: मगध परियोजना पूरी तरह ठप, कोई मजदूर ही नहीं पहुंचा चतरा में मगध कोल परियोजना पूरी तरह से ठप रही। यहां कोई मजदूर नहीं पहुंचा। यहां से रोजाना करीब 75 हजार टन कोयले का डिस्पैच होता है। वहीं आम्रपाली परियोजना में हड़ताल का आंशिक असर देखने को मिला। कोडरमा थर्मल पावर प्लांट के मेंटेनेंस का काम भी बंद रहा। धनबाद : बीसीसीएल में कोयला उत्पादन 65%, डिस्पैच 87% कम बीसीसीएल में कोयला उत्पादन व डिस्पैच प्रभावित हुआ। यहां रोजाना एक लाख टन कोयले का उत्पादन और डिस्पैच होता हे। लेकिन हड़ताल के दौरान सर्फ 35,172 टन उत्पादन और 12,833 टन डिस्पैच किया जा सका। यानी उत्पादन 65% और डिस्पैच 87% कम हुआ। रामगढ़: बिजली-पानी भी बंद रहा, लातेहार में 200 लोग हिरासत में रामगढ़ में चार सीसीएल प्रक्षेत्र में कोयला उत्पादन व ढलाई ठप रहीं। बिजली-पानी भी बंद रहा। भाकपा माले ने दो सड़कों को तीन घंटे जाम रखा। वहीं लातेहार के बरवाडीह में एक घंटे सड़क जाम रहा। यहां करीब 200 प्रदर्शनकारियों को पुलिस ने हिरासत में लिया। निकाय चुनाव को देखकर बिजली कर्मचारियों ने हड़ताल से दूरी बनाई चार नए श्रम कानूनों के खिलाफ संयुक्त ट्रेड यूनियनों की हड़ताल को गुरुवार को झारखंड में भी असर दिखा। बैंक, कोलियरी और सार्वजनिक उपक्रमों में कामकाज बुरी तरह से प्रभावित हुआ। यूनियनों का दावा है कि राज्यभर के करीब 10 लाख मजदूर इस हड़ताल में शामिल हुए। हड़ताल का सबसे ज्यादा असर कोयला और बैंकिंग सेक्टर पर दिखा। बैंक एम्पलाइज फेडरेशन झारखंड के महासचिव एमएल सिंह के अनुसार इस हड़ताल से राज्यभर में करीब 5300 करोड़ रुपए का बैंकिंग कारोबार प्रभावित रहा। अकेले रांची में ही 700 करोड़ का कारोबार प्रभावित हुआ। हड़ताल में झारखंड के करीब सात हजार कर्मचारी शामिल हुए। कर्मचारियों ने बैंकों के बाहर प्रदर्शन कर नए श्रम कानूनों का विरोध जताया। सीटू के आरपी सिंह ने बताया कि सीसीएल की दो दर्जन से अधिक खदानों में रोजाना करीब 3.50 लाख टन कोयले का उत्पादन होता है। हड़ताल के कारण करीब 2.40 टन उत्पादन प्रभावित हुआ, जिससे करीब 16 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ। बीसीसीएल में भी उत्पादन पर असर पड़ा। हालांकि नगर निकाय चुनाव के कारण बिजली कर्मचारी हड़ताल में शामिल नहीं हुए। जानिए…झारखंड में हड़ताल का कहां कैसा रहा असर जमशेदपुर : औद्योगिक उत्पादन आंशिक प्रभावित, बस-ट्रक चले मजदूर संगठन इंटक, सीटू, एटक, एचएमएस के कार्यकर्ता सुबह ही सड़क पर उतर गए। औद्योगिक क्षेत्र में कर्मचारियों की उपस्थिति कम रही। उत्पादन आंशिक रूप से प्रभावित हुआ। हालांकि जमशेदपुर ट्रक-ट्रेलर ओनर्स एसोसिएशन और बस ओनर्स एसोसिएशन ने बंद से दूरी बनाई। चतरा: मगध परियोजना पूरी तरह ठप, कोई मजदूर ही नहीं पहुंचा चतरा में मगध कोल परियोजना पूरी तरह से ठप रही। यहां कोई मजदूर नहीं पहुंचा। यहां से रोजाना करीब 75 हजार टन कोयले का डिस्पैच होता है। वहीं आम्रपाली परियोजना में हड़ताल का आंशिक असर देखने को मिला। कोडरमा थर्मल पावर प्लांट के मेंटेनेंस का काम भी बंद रहा। धनबाद : बीसीसीएल में कोयला उत्पादन 65%, डिस्पैच 87% कम बीसीसीएल में कोयला उत्पादन व डिस्पैच प्रभावित हुआ। यहां रोजाना एक लाख टन कोयले का उत्पादन और डिस्पैच होता हे। लेकिन हड़ताल के दौरान सर्फ 35,172 टन उत्पादन और 12,833 टन डिस्पैच किया जा सका। यानी उत्पादन 65% और डिस्पैच 87% कम हुआ। रामगढ़: बिजली-पानी भी बंद रहा, लातेहार में 200 लोग हिरासत में रामगढ़ में चार सीसीएल प्रक्षेत्र में कोयला उत्पादन व ढलाई ठप रहीं। बिजली-पानी भी बंद रहा। भाकपा माले ने दो सड़कों को तीन घंटे जाम रखा। वहीं लातेहार के बरवाडीह में एक घंटे सड़क जाम रहा। यहां करीब 200 प्रदर्शनकारियों को पुलिस ने हिरासत में लिया।


