मध्यप्रदेश के बालाघाट जिले में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां एक गरीब पिता ने अपनी विधवा बेटी की दोबारा शादी कराई तो समाज के पंचों ने पूरे परिवार को 10 साल के लिए बहिष्कृत कर दिया। इतना ही नहीं, परिवार पर 25 हजार रुपए का जुर्माना भी लगा दिया गया।
पंचों का तुगलकी फरमान
मामला लांजी ब्लॉक के मंडई टेकरी गांव का है, जहां पिता मानिक सोनवाने ने अपनी बेटी की जिंदगी दोबारा संवारने की कोशिश की, लेकिन समाज के तुगलकी फरमान ने उनके परिवार को मुश्किल में डाल दिया। सामाजिक दबाव और बहिष्कार से परेशान मानिक सोनवाने अपनी पीड़ा लेकर सीधे कलेक्टर दफ्तर पहुंचे। उन्होंने कलेक्टर मृणाल मीना को पूरे मामले की जानकारी दी और न्याय की गुहार लगाई। कलेक्टर ने तुरंत इस गंभीर मामले को संज्ञान में लेते हुए एसडीएम कमलचंद्र सिंहसार को जांच के आदेश दे दिए हैं। पिता का कहना है कि समाज द्वारा दिए गए इस कठोर दंड ने उनके परिवार को मानसिक और सामाजिक तौर पर तोड़कर रख दिया है। अब पूरा परिवार प्रशासन से न्याय की उम्मीद लगाए बैठा है।
शिकायत में पिता ने बताई आपबीती
मानिक ने कलेक्टर को दी शिकायत में बताया, बेटी की शादी पहले हुई थी। चार साल पहले 2022 में गंभीर बीमारी से दामाद की मौत हो गई। महज 22 साल की बेटी का विधवा रूप देखा नहीं जा रहा था। सामाजिक रीति रिवाज और कोर्ट मैरिज के जरिए बेटी की दोबारा शादी महाराष्ट्र के रामटेक से इसी साल कराई। जाति-समाज के पंचों को यह नागवार गुजरी। 16 जनवरी 2026 को जाति समाज की बैठक में गैर बिरादरी में शादी करने पर परिवार को बहिष्कृत करने का फैसला सुनाया। 10 साल तक सामाजिक प्रतिबंध लगाया है। 25 हजार रुपए जुर्माना भी लगा दिया। इस फैसले के बाद वे मानसिक पीड़ा से जूझ रहे हैं।


