रायपुर। राज्य में पिछले 2 सालों में वन क्षेत्र के दायरे में इजाफा हुआ है। राज्य के कुल भौगोलिक क्षेत्र का करीब 44 फीसदी भाग वन क्षेत्र है। इसमें अत्यंत सघन वनों का दायरा अब 348 वर्ग किलोमीटर का हो गया है। इससे वन्य प्राणियों की संख्या में भी इजाफा हो रहा है।
खास तौर पर बाघों की संख्या 17 से 35 हो गई है। वन, सहकारिता एवं परिवहन मंत्री केदार कश्यप ने गुरुवार को छत्तीसगढ़ संवाद के ऑडीटोरियम में पत्रकारों से चर्चा करते हुए कहा कि राज्य में वन संरक्षण, हरित आवरण विस्तार, वन्यजीव संवर्धन, इको-टूरिज्म विकास के साथ वनवासियों की आजीविका सशक्तिकरण के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की गई है।
राज्य में बाघ संरक्षण के लिए गुरु घासीदास- तमोर पिंगला टाइगर रिजर्व का गठन किया गया है। 2022 में प्रदेश में 17 बाघ थे, जो अब बढ़कर 35 हो गए हैं। बाघों की संख्या बढ़ाने के लिए अन्य टाइगर रिजर्व से बाघों के स्थानांतरण की अनुमति भी प्राप्त हुई है। भारतीय वन सर्वेक्षण संस्थान द्वारा दिसंबर 2024 में प्रकाशित रिपोर्ट के अनुसार छत्तीसगढ़ के वन एवं वृक्ष आवरण में लगभग 683 वर्ग किलोमीटर की वृद्धि दर्ज की गई है। यह वनों की गुणवत्ता और पारिस्थितिक संतुलन में सुधार का प्रमाण है।
वनभैंसा-पहाड़ी मैना का भी संरक्षण
वन मंत्री ने बताया कि राजकीय पशु वनभैंसा के संरक्षण के लिए विशेष योजना तैयार की गई है। इन्द्रावती टाइगर रिजर्व में 14 से 17 वनभैंसे देखे गए हैं। राज्य पक्षी पहाड़ी मैना के संरक्षण के लिए स्थानीय युवाओं को ‘मैना मित्र’ के रूप में जोड़ा गया है, जिसके परिणामस्वरूप अब लगभग 600 से 700 पहाड़ी मैना देखे जा रहे हैं। इसके साथ ही गिधवा- परसदा में बर्ड इंटरप्रिटेशन सेंटर और बर्ड सफारी का शुभारंभ किया गया है, जहां 270 से अधिक पक्षी प्रजातियां पाई जाती हैं।
इको- टूरिज्म और रोजगार को बढ़ावा
बिलासपुर का कोपरा जलाशय राज्य का पहला और देश का 96 वां रामसर स्थल घोषित हुआ है। प्रदेश में 240 नैसर्गिक पर्यटन केंद्र स्थापित किए गए हैं, जिनमें से 50 से अधिक स्वावलंबी बन चुके हैं। वनवासियों की सुविधा के लिए 96 रपटा-पुलिया का निर्माण किया गया है।
मनेन्द्रगढ-चिरमिरी- भरतपुर जिला का मरीन फ़ासिल पार्क एशिया महाद्वीप का सबसे बड़ा समुद्रीय जीवाश्म पार्क है। यह जीवाश्म हसदेव नदी के किनारे लगभग एक किलोमीटर क्षेत्र में फैला हुआ है। यहां 29 करोड़ वर्ष पूर्व के जीवाश्म मिले हैं। देश में ऐसे 4 जगह समुद्रीय जीवाश्म मिले हैं l
मानव-हाथी द्वंद पर नियंत्रण
वन मंत्री ने बताया कि हाथी प्रभावित क्षेत्रों में ‘गज संकेत’ ऐप के माध्यम से हाथियों की निगरानी कर ग्रामीणों को समय पर सूचना दी जा रही है। राज्य में 90 हाथी मित्र दल गठित किए गए हैं। वर्तमान में प्रदेश में कुल 355 हाथी दर्ज किए गए हैं। विभागीय अमले की सतर्कता के चलते हाथी-मानव द्वंद में कमी आई है।


