कानपुर में ठगी के दो अलग-अलग मामले सामने आए हैं। एक मामले में एक महिला के बैंक खाते से ऐप डाउनलोड करने के बाद 1.91 लाख रुपये निकाल लिए गए, जबकि दूसरे मामले में कॉलोनी दिलाने का झांसा देकर एक व्यक्ति और उसके पड़ोसी से 3 लाख रुपये हड़प लिए गए। दोनों मामलों में पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पहला मामला जाजमऊ थाना क्षेत्र का है। मानस विहार निवासी बसंत कुमार दीक्षित ने पुलिस को बताया कि वर्ष 2015 में उनकी मुलाकात लाल बगिया तिवारीपुर निवासी अखिलेश कुमार और उनके बेटे राजकुमार से हुई थी। आरोपियों ने उन्हें कांशीराम कॉलोनी, सनिगवां में आसरा आवास योजना के तहत कॉलोनी दिलाने का आश्वासन दिया। इस झांसे में आकर बसंत कुमार ने पांच किस्तों में दो लाख रुपये आरोपियों को दे दिए। आरोपियों ने बसंत कुमार के पड़ोसी संजय पांडे से भी एक लाख रुपये लिए। कॉलोनी का फॉर्म भरवाने की बात पर आरोपी लगातार टालमटोल करते रहे। वर्ष 2020 में जब बसंत कुमार ने अपने पैसे वापस मांगे, तो आरोपियों ने गाली-गलौज कर धमकी दी और अपना मोबाइल बंद कर लिया। दबाव बढ़ने पर 24 मई 2023 को आरोपी पिता-पुत्र ने स्टांप पेपर पर हर महीने 10 हजार रुपये वापस करने का वादा किया, लेकिन कुछ समय बाद फिर से धमकी देने लगे। चौकी थाने में सुनवाई न होने पर पीड़ित ने डीसीपी पूर्वी सत्यजीत गुप्ता से शिकायत की। जिसके बाद जाजमऊ थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई। थाना प्रभारी जितेंद्र सिंह ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है। दूसरा मामला भी जाजमऊ थाना क्षेत्र से संबंधित है। दुर्गा विहार निवासी सुनीता पाल ने अपनी शिकायत में बताया कि 12 फरवरी 2024 को उन्होंने अपने मोबाइल में एक ऐप डाउनलोड किया था। ऐप डाउनलोड करने के कुछ ही देर बाद उनके खाते से दो बार में कुल 1.91 लाख रुपये निकाल लिए गए। बुधवार को जब उन्होंने अपना अकाउंट चेक किया, तो पैसे गायब देखकर उन्हें ठगी का पता चला। सुनीता पाल ने तत्काल साइबर सेल में मामले की शिकायत दर्ज कराई। थाना प्रभारी जितेंद्र सिंह ने बताया कि आईटी एक्ट के तहत प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है और साइबर सेल की मदद से ठगों की तलाश की जा रही है।


