महापौर महंत गिरीशपति त्रिपाठी ने स्वच्छता को जन-जन की मुहिम बनाने की आवश्यकता जताई है। वह स्वच्छ सर्वेक्षण 2025-26 की दृष्टिगत स्वच्छ भारत मिशन नगरी के तत्वावधान में कल्याण मंडप ‘मंगलम’ में आयोजित मंडलीय कार्यशाला को बतौर मुख्य अतिथि संबोधित कर रहे थे। उन्होंने दीप प्रज्वलित कर कार्यशाला का उद्घाटन किया।
मुख्य अतिथि ने कहा कि स्वच्छता सर्वेक्षण केवल प्रतिस्पर्धा नहीं, बल्कि शहरों को स्वच्छ, सुंदर और स्वस्थ बनाने का अभियान है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि डोर-टू-डोर कूड़ा संग्रहण, स्रोत पर कचरा पृथक्करण, सिंगल यूज प्लास्टिक पर नियंत्रण तथा सार्वजनिक स्थलों की नियमित सफाई पर विशेष ध्यान दिया जाए। उन्होंने कहा कि स्वच्छता को लेकर वातावरण बनाने की जरूरत है। जब हर व्यक्ति स्वच्छता के लिए गंभीर होगा तो हर हाल में नगर की रैंकिंग ऊपर आएगी।
नगर आयुक्त जयेंद्र कुमार ने कहा कि पान अथवा तंबाकू की पीच स्वच्छता पर धब्बा है। उन्होंने अधिकारियों को अपने कार्यालय से स्वच्छता की मुहिम छेड़ने का सुझाव दिया। उन्होंने ठोस अपशिष्ट प्रबंधन, स्लम एरिया में सफाई, डोर-टू-डोर नियमित जाने, स्कूलों एवं सार्वजनिक स्थलों पर डस्टबिन का प्रबंध करने जैसे विषयों पर विस्तार से चर्चा की।
कार्यशाला का संचालन सहायक नगर आयुक्त गुरुप्रसाद पांडेय ने किया। अपर आयुक्त भारत भार्गव के नेतृत्व में अयोध्या मंडल के सभी नगर निगम, नगर पालिका एवं नगर पंचायतों के अधिशासी अधिकारी, सफाई निरीक्षक, स्वच्छता ब्रांड एंबेसडर तथा संबंधित विभागों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।
कार्यशाला का उद्देश्य स्वच्छता सर्वेक्षण के नवीन मानकों, रैंकिंग प्रक्रिया एवं मूल्यांकन बिंदुओं की विस्तृत जानकारी देना तथा नगर निकायों को बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रेरित करना रहा। अतिथियों एवं प्रतिभागियों का स्वागत नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. आरएम शुक्ल की अगुवाई में किया गया। इस मौके पर विशेषज्ञों ने पावर पॉइंट प्रस्तुति के माध्यम से सर्वेक्षण के विभिन्न घटकों सर्विस लेवल प्रोग्रेस, सर्टिफिकेशन एवं नागरिक फीडबैक की विस्तार से जानकारी दी। जीवीपी (गार्बेज वल्नरेबल प्वाइंट) मुक्त शहर बनाने, कचरा प्रसंस्करण क्षमता बढ़ाने तथा कम्पोस्टिंग एवं रीसाइक्लिंग को बढ़ावा देने पर जोर दिया गया।
कार्यशाला में अधिकारियों ने अपने-अपने नगरों की वर्तमान स्थिति प्रस्तुत की और चुनौतियों पर चर्चा की। अंत में सभी निकायों ने स्वच्छता सर्वेक्षण 2025-26 में बेहतर रैंकिंग प्राप्त करने के लिए समन्वित प्रयास करने का संकल्प लिया। महापौर एवं नगर आयुक्त ने परिसर में पौधरोपण भी किया। यह एक जीरो वेस्ट प्लास्टिक मुक्त इवेंट था, जिसमें प्लास्टिक का प्रयोग नहीं किया गया। खाने के लिए बगास का कप- प्लेट व चम्मच का इस्तेमाल किया गया। इस जीरो वेस्ट प्लास्टिक फ्री इवेंट के प्रमाणन के लिए अवध विश्वविद्यालय से पर्यावरण विभाग के प्रोफेसर संजीव श्रीवास्तव अपनी प्रशिक्षु टीम के साथ उपस्थित रहे।
निदेशालय की टीम सहायक निदेशक स्थानीय नगरीय निकाय लखनऊ एवं आईसी एक्सपर्ट डॉ. सीमा सिंह,
मुख्य प्रशिक्षक जिओ स्टेट नवनीत कुमार शामिल रहे।
मंडल की पांच जिलों के कुल 38 अधिशासी अधिकारी, मंडलीय कार्यक्रम प्रबंधक वैभव पांडेय, पांच जनपदों के जिला कार्यक्रम प्रबंधक सम्मिलित रहे। व्यवस्था में नगर निगम के अवर अभियंता जलकल जयकुमार एवं मुख्य सफाई निरीक्षक राजेश झा का सहयोग रहा।


