विधायक अनिल सिंह ने विधानसभा में बिजली का मुद्दा उठाया:समर्थन में उतरे कई अन्य विधायक, सरकार ने दिया विचार का आश्वासन

विधायक अनिल सिंह ने विधानसभा में बिजली का मुद्दा उठाया:समर्थन में उतरे कई अन्य विधायक, सरकार ने दिया विचार का आश्वासन

बिहार विधानसभा में हिसुआ विधायक अनिल सिंह ने बिजली की समस्या को लेकर जोरदार आवाज उठाई। उनके समर्थन में कई अन्य विधायक भी खड़े हुए, जिसके बाद सरकार ने इस मामले पर गंभीरता से विचार करने का आश्वासन दिया है। सदन में विधायकों ने बिजली विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए चक्रवृद्धि ब्याज को पूरी तरह समाप्त करने की मांग की। उनका आरोप था कि बिजली विभाग गरीब उपभोक्ताओं को परेशान कर रहा है और उन पर लाखों रुपये के अनुचित बिल थोपे जा रहे हैं। विधायक अनिल सिंह ने कहा कि आर्थिक रूप से कमजोर लोगों पर भारी-भरकम बिजली बिल थोपना उचित नहीं है, विशेषकर तब जब वे भुगतान करने की स्थिति में नहीं हों। उन्होंने सरकार से इस संबंध में विशेष निर्णय लेने और राहत प्रदान करने की मांग की। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि बिजली विभाग उपभोक्ताओं की समस्याओं के समाधान के लिए शिविर आयोजित नहीं करता है, जिससे लोगों को अनावश्यक परेशानी झेलनी पड़ती है। विधायकों ने चक्रवृद्धि ब्याज माफ करने की मांग दोहराई। शुरुआत में सरकार की ओर से कहा गया कि जिन उपभोक्ताओं ने बिजली का उपयोग किया है, उन्हें भुगतान करना होगा। हालांकि, विधायकों के दबाव के बाद सरकार ने इस मुद्दे पर आए सुझावों पर विस्तार से विचार कर आगे की कार्रवाई करने की बात स्वीकार की है। बिहार विधानसभा में हिसुआ विधायक अनिल सिंह ने बिजली की समस्या को लेकर जोरदार आवाज उठाई। उनके समर्थन में कई अन्य विधायक भी खड़े हुए, जिसके बाद सरकार ने इस मामले पर गंभीरता से विचार करने का आश्वासन दिया है। सदन में विधायकों ने बिजली विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए चक्रवृद्धि ब्याज को पूरी तरह समाप्त करने की मांग की। उनका आरोप था कि बिजली विभाग गरीब उपभोक्ताओं को परेशान कर रहा है और उन पर लाखों रुपये के अनुचित बिल थोपे जा रहे हैं। विधायक अनिल सिंह ने कहा कि आर्थिक रूप से कमजोर लोगों पर भारी-भरकम बिजली बिल थोपना उचित नहीं है, विशेषकर तब जब वे भुगतान करने की स्थिति में नहीं हों। उन्होंने सरकार से इस संबंध में विशेष निर्णय लेने और राहत प्रदान करने की मांग की। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि बिजली विभाग उपभोक्ताओं की समस्याओं के समाधान के लिए शिविर आयोजित नहीं करता है, जिससे लोगों को अनावश्यक परेशानी झेलनी पड़ती है। विधायकों ने चक्रवृद्धि ब्याज माफ करने की मांग दोहराई। शुरुआत में सरकार की ओर से कहा गया कि जिन उपभोक्ताओं ने बिजली का उपयोग किया है, उन्हें भुगतान करना होगा। हालांकि, विधायकों के दबाव के बाद सरकार ने इस मुद्दे पर आए सुझावों पर विस्तार से विचार कर आगे की कार्रवाई करने की बात स्वीकार की है।  

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