भागलपुर शहर में वाहनों की नंबर प्लेट पर नाम, उपनाम या अन्य विशेष शब्द लिखवाने की बढ़ती प्रवृत्ति के विरोध में कार्मिक संघ ने एक अनोखा प्रदर्शन किया। इस माध्यम से प्रशासन और आम जनता का ध्यान नियमों के उल्लंघन की ओर आकर्षित करने का प्रयास किया गया। थार पर रंगबाज लिखवा जताया विरोध विरोध प्रदर्शन के तहत जनार्दन प्रसाद सिंह नामक थार वाहन (नंबर BR10 AP 7322) की नंबर प्लेट पर प्रतीकात्मक रूप से “रंगबाज” शब्द लिखवाया गया। यह प्रदर्शन कार्मिक संघ के अध्यक्ष प्रतीक झुनझुनवाला के नेतृत्व में हुआ। संघ के उपाध्यक्ष मनीष कुमार ने कहा कि शहर में कई वाहन चालक अपनी गाड़ियों पर नाम, जाति, उपनाम और अन्य आकर्षक शब्द लिखवाकर नियमों का उल्लंघन कर रहे हैं। मनीष कुमार ने स्पष्ट किया कि यह कदम किसी व्यक्ति विशेष के खिलाफ नहीं है, बल्कि नियमों के समान पालन और व्यवस्था की मांग को लेकर उठाया गया है। उन्होंने कहा कि जब तक अन्य वाहन चालक अपनी गाड़ियों से अनधिकृत शब्द नहीं हटाते, तब तक वे भी अपने वाहन से “रंगबाज” शब्द नहीं हटाएंगे। इस अनोखे प्रदर्शन के बाद मामला शहर में चर्चा का विषय बन गया। सोशल मीडिया पर लोग इस पर प्रतिक्रिया दे रहे हैं, जिसमें कुछ इसे सही कदम मान रहे हैं और कुछ इसे दिखावा बता रहे हैं। मोटर वाहन अधिनियम के विशेषज्ञों के अनुसार, वाहनों की नंबर प्लेट पर किसी भी प्रकार की अनधिकृत लिखावट नियमों का उल्लंघन है। उनका कहना है कि यदि प्रशासन सख्ती दिखाए, तो ऐसी प्रवृत्तियों पर रोक लगाई जा सकती है। अब यह देखने की बात है कि प्रशासन इस मामले में क्या रुख अपनाता है और वाहनों पर अनधिकृत लिखावट के खिलाफ ठोस कार्रवाई की जाती है या नहीं। भागलपुर शहर में वाहनों की नंबर प्लेट पर नाम, उपनाम या अन्य विशेष शब्द लिखवाने की बढ़ती प्रवृत्ति के विरोध में कार्मिक संघ ने एक अनोखा प्रदर्शन किया। इस माध्यम से प्रशासन और आम जनता का ध्यान नियमों के उल्लंघन की ओर आकर्षित करने का प्रयास किया गया। थार पर रंगबाज लिखवा जताया विरोध विरोध प्रदर्शन के तहत जनार्दन प्रसाद सिंह नामक थार वाहन (नंबर BR10 AP 7322) की नंबर प्लेट पर प्रतीकात्मक रूप से “रंगबाज” शब्द लिखवाया गया। यह प्रदर्शन कार्मिक संघ के अध्यक्ष प्रतीक झुनझुनवाला के नेतृत्व में हुआ। संघ के उपाध्यक्ष मनीष कुमार ने कहा कि शहर में कई वाहन चालक अपनी गाड़ियों पर नाम, जाति, उपनाम और अन्य आकर्षक शब्द लिखवाकर नियमों का उल्लंघन कर रहे हैं। मनीष कुमार ने स्पष्ट किया कि यह कदम किसी व्यक्ति विशेष के खिलाफ नहीं है, बल्कि नियमों के समान पालन और व्यवस्था की मांग को लेकर उठाया गया है। उन्होंने कहा कि जब तक अन्य वाहन चालक अपनी गाड़ियों से अनधिकृत शब्द नहीं हटाते, तब तक वे भी अपने वाहन से “रंगबाज” शब्द नहीं हटाएंगे। इस अनोखे प्रदर्शन के बाद मामला शहर में चर्चा का विषय बन गया। सोशल मीडिया पर लोग इस पर प्रतिक्रिया दे रहे हैं, जिसमें कुछ इसे सही कदम मान रहे हैं और कुछ इसे दिखावा बता रहे हैं। मोटर वाहन अधिनियम के विशेषज्ञों के अनुसार, वाहनों की नंबर प्लेट पर किसी भी प्रकार की अनधिकृत लिखावट नियमों का उल्लंघन है। उनका कहना है कि यदि प्रशासन सख्ती दिखाए, तो ऐसी प्रवृत्तियों पर रोक लगाई जा सकती है। अब यह देखने की बात है कि प्रशासन इस मामले में क्या रुख अपनाता है और वाहनों पर अनधिकृत लिखावट के खिलाफ ठोस कार्रवाई की जाती है या नहीं।


