अमित जानी ने अनुज चौधरी का समर्थन किया:संभल दंगे में बिस्किट बेचने वाले पर सवाल उठाए, बोले- गोली-पत्थर के बीच बिस्किट किसे बेचा

अमित जानी ने अनुज चौधरी का समर्थन किया:संभल दंगे में बिस्किट बेचने वाले पर सवाल उठाए, बोले- गोली-पत्थर के बीच बिस्किट किसे बेचा

संभल की चंदौसी तहसील के बहजोई थाना क्षेत्र के रम्पुरा गांव में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष पर हिंदू सम्मेलन का आयोजन किया गया। इस सम्मेलन में ‘कल्कि संभल’ फिल्म के निर्माता अमित जानी ने एएसपी अनुज चौधरी से जुड़े मामले पर अपनी बात रखी। उन्होंने संभल दंगे के दौरान ‘बिस्किट बेचने वाले’ व्यक्ति की कहानी पर सवाल उठाए। अमित जानी ने पुलिस अधिकारी अनुज चौधरी का समर्थन करते हुए कहा कि एक व्यक्ति की मृत्यु 24 नवंबर 2024 को हुई थी। उन्होंने बताया कि अभी तक यह तय नहीं हुआ है कि गोली किसकी थी और अदालत के अनुसार वह गोली पुलिस की नहीं थी। इसके बावजूद, उन्होंने आरोप लगाया कि एक समुदाय अनुज चौधरी और अन्य पुलिसकर्मियों को फांसी दिलाने पर तुला हुआ है। ‘बिस्किट’ वाली कहानी पर कटाक्ष करते हुए अमित जानी ने इस दावे पर सवाल उठाया कि वह व्यक्ति वहां बिस्किट बेचने आया था। उन्होंने व्यंग्यात्मक लहजे में पूछा, ‘क्या वहां बिस्किट और चाय की दुकान लगी थी? वहां तो दंगा हो रहा था, पत्थर और गोली के बीच ‘मोहम्मद-अल्लाह का बच्चा’ बिस्किट किसको बेच रहा था?’
जानी ने कहा कि एक व्यक्ति के लिए पूरा समुदाय सुप्रीम कोर्ट तक जाने को तैयार है, लेकिन दंगों में मारे गए 184 हिंदुओं के लिए किसी ने चिंता नहीं जताई। उन्होंने लोगों को आत्मचिंतन करने की सलाह दी। अमित जानी ने संभल में कानून-व्यवस्था की स्थिति पर भी बात की। उन्होंने बताया कि संभल में AK-47, SLR और इंसास राइफल के साथ 3000 से अधिक पुलिसकर्मी मौजूद थे। इसके बावजूद, सामने से पत्थर और गोली चलने की घटना हुई, जिसे देखकर 1990 के कश्मीर की याद आ गई। उन्होंने चिंता व्यक्त की कि यदि एसपी और डीएम की मौजूदगी में हजारों पुलिसकर्मियों के सामने लोग पत्थर और गोली चला सकते हैं, तो आम नागरिकों की सुरक्षा का क्या होगा। ​”इसलिए आपको अपनी संस्कृति से जुड़े रहना है। उनका दोगलापन रोज देखो, उसके बाद भी सोते रहो तो गलती तुम्हारी है। लोग कहते हैं कि जब मोदी नहीं रहेंगे, योगी नहीं रहेंगे, तब तुम्हारा क्या होगा? तुम्हें बचाने कौन आएगा?” ​”अगर यह संघ (RSS) न होता, संघ ने अपनी शाखा को कॉलेज में न पहुँचाया होता, अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) न बनाई होती, भारतीय मजदूर संघ न बनाया होता, विश्व हिंदू परिषद (VHP) न बनाया हो तो माफ करना, बुरी बात लगेगी, लेकिन आप भी मस्जिदों के अंदर ‘ला इलाहा इल्लल्लाह’ का कलमा ही पढ़ रहे होते।आप भी हिंदू नहीं होते। आपको बचाने का काम इन्होंने किया है। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि महामंडलेश्वर पूज्य स्वामी देवस्वरूपानंद सरस्वती महाराज, बीजेपी पश्चिम क्षेत्रीय उपाध्यक्ष राजेश सिंघल, पूर्व जिलाध्यक्ष ओमवीर खड़गवंशी, पूर्व जिला महामंत्री भुवनेश राघव, नत्थू सिंह राणा, मंजू दिलेर, मुकेश खड़कबंशी, विपिन राघव सहित सैकड़ो लोग मौजूद रहे।

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