कैमूर के भभुआ में गुरुवार को राष्ट्रीय जनता दल (राजद) और किसान मोर्चा के कार्यकर्ताओं ने एकता चौक पर केंद्र सरकार तथा अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का पुतला दहन कर विरोध प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने मोदी सरकार द्वारा अमेरिका के साथ किए गए कथित समझौते को किसानों के लिए ‘घातक’ बताया। राजद नेता अजीत सिंह ने मौके पर कहा कि केंद्र सरकार ने अमेरिका के साथ जो समझौता किया है, वह देशहित के खिलाफ है और इसकी पूरी जानकारी जनता से छिपाई जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि बिजली जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में भी ऐसे प्रावधान किए गए हैं, जिनसे किसानों को भारी नुकसान होगा। भारतीय उत्पादों पर 18 प्रतिशत तक कर लगाने की आशंका जताई सिंह ने विशेष रूप से कृषि उत्पादों पर अमेरिकी वस्तुओं को शून्य प्रतिशत टैरिफ देने और भारतीय उत्पादों पर 18 प्रतिशत तक कर लगाने की आशंका जताई। उनके अनुसार, इससे भारतीय किसान बाजार में प्रतिस्पर्धा नहीं कर पाएंगे और उनकी आजीविका खतरे में पड़ जाएगी। प्रदर्शनकारियों ने सरकार से इस समझौते को तत्काल वापस लेने की मांग की। इस विरोध प्रदर्शन में बिरजू पटेल, रविंदर सिंह, सुनील यादव, सुरेश कुमार, रामचंद्र बिंद और बिरेंद्र पासवान सहित दर्जनों कार्यकर्ता शामिल हुए। कैमूर के भभुआ में गुरुवार को राष्ट्रीय जनता दल (राजद) और किसान मोर्चा के कार्यकर्ताओं ने एकता चौक पर केंद्र सरकार तथा अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का पुतला दहन कर विरोध प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने मोदी सरकार द्वारा अमेरिका के साथ किए गए कथित समझौते को किसानों के लिए ‘घातक’ बताया। राजद नेता अजीत सिंह ने मौके पर कहा कि केंद्र सरकार ने अमेरिका के साथ जो समझौता किया है, वह देशहित के खिलाफ है और इसकी पूरी जानकारी जनता से छिपाई जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि बिजली जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में भी ऐसे प्रावधान किए गए हैं, जिनसे किसानों को भारी नुकसान होगा। भारतीय उत्पादों पर 18 प्रतिशत तक कर लगाने की आशंका जताई सिंह ने विशेष रूप से कृषि उत्पादों पर अमेरिकी वस्तुओं को शून्य प्रतिशत टैरिफ देने और भारतीय उत्पादों पर 18 प्रतिशत तक कर लगाने की आशंका जताई। उनके अनुसार, इससे भारतीय किसान बाजार में प्रतिस्पर्धा नहीं कर पाएंगे और उनकी आजीविका खतरे में पड़ जाएगी। प्रदर्शनकारियों ने सरकार से इस समझौते को तत्काल वापस लेने की मांग की। इस विरोध प्रदर्शन में बिरजू पटेल, रविंदर सिंह, सुनील यादव, सुरेश कुमार, रामचंद्र बिंद और बिरेंद्र पासवान सहित दर्जनों कार्यकर्ता शामिल हुए।


