नवादा सदर अस्पताल निर्माण धीमा, 15 करोड़ का भुगतान लंबित:डीएम ने जल्द पूरा करने और हस्तांतरण करने का सख्त निर्देश दिया

नवादा जिला पदाधिकारी रवि प्रकाश की अध्यक्षता में समाहरणालय में आयोजित विकास कार्यों की समीक्षा बैठक में सदर अस्पताल के नए भवन निर्माण की धीमी गति पर गंभीर चिंता व्यक्त की गई। जिला पदाधिकारी ने कार्य में तेजी लाने और स्वास्थ्य विभाग को समय पर हस्तांतरण सुनिश्चित करने के सख्त निर्देश दिए। BMSICL द्वारा प्रस्तुत रिपोर्ट में बताया गया कि ठेकेदार को लगभग 15 करोड़ रुपये का भुगतान लंबित है, जिसके कारण संसाधन और मानवबल की कमी आई है। इससे निर्माण कार्य की गति काफी धीमी हो गई है। जिला पदाधिकारी ने अभियंताओं से इस संबंध में सवाल किया और उच्च स्तर पर समन्वय स्थापित कर भुगतान शीघ्र कराने का निर्देश दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि वर्तमान सदर अस्पताल का कुछ हिस्सा आगामी RO-RO (या संबंधित) निर्माण से प्रभावित होगा। इसलिए, बुधौल में निर्माणाधीन 200 बेड वाले नए सदर अस्पताल का काम तेजी से पूरा कर स्वास्थ्य विभाग को जल्द से जल्द हस्तांतरित किया जाए। यह अस्पताल बिहार का सबसे बड़ा सदर अस्पताल बनेगा, जिसमें आईसीयू और डायलिसिस जैसी आधुनिक सुविधाएं होंगी। बैठक में 22 प्री-फैब्रिकेटेड हेल्थ एंड वेलनेस सेंटरों की स्थिति की भी समीक्षा की गई। 17 स्थानों पर काम प्रगति पर है, लेकिन 5 जगहों पर भूमि उपलब्ध न होने के कारण निर्माण रुका हुआ है। डीएम ने अंचल अधिकारियों को तत्काल भूमि चिन्हित कर निर्माण कार्य शुरू कराने का निर्देश दिया। BSEIDC के तहत शिक्षा विभाग की योजनाओं में लंबित कार्यों की बाधाएं दूर करने और गुणवत्ता सुनिश्चित करने के आदेश भी दिए गए। भवन प्रमंडल की विभिन्न परियोजनाओं, जैसे प्रखंड भवन, नरहट में 100 बेड का छात्रावास और अटल कला भवन (जो एक सप्ताह में शुरू होगा), में प्रगति लाने पर जोर दिया गया। मुख्यमंत्री क्षेत्र विकास योजना, सांसद निधि, कब्रिस्तान घेराबंदी और सामुदायिक भवन आदि की अद्यतन स्थिति भी ली गई। जिला पदाधिकारी ने सभी अभियंताओं को चेतावनी दी कि सरकारी प्राथमिकता वाली योजनाओं में किसी भी प्रकार की देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी और समय-सीमा के भीतर कार्यों को पूरा करना सुनिश्चित किया जाए। बैठक में सिविल सर्जन, जिला शिक्षा पदाधिकारी, डीपीएम स्वास्थ्य सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे। नवादा जिला पदाधिकारी रवि प्रकाश की अध्यक्षता में समाहरणालय में आयोजित विकास कार्यों की समीक्षा बैठक में सदर अस्पताल के नए भवन निर्माण की धीमी गति पर गंभीर चिंता व्यक्त की गई। जिला पदाधिकारी ने कार्य में तेजी लाने और स्वास्थ्य विभाग को समय पर हस्तांतरण सुनिश्चित करने के सख्त निर्देश दिए। BMSICL द्वारा प्रस्तुत रिपोर्ट में बताया गया कि ठेकेदार को लगभग 15 करोड़ रुपये का भुगतान लंबित है, जिसके कारण संसाधन और मानवबल की कमी आई है। इससे निर्माण कार्य की गति काफी धीमी हो गई है। जिला पदाधिकारी ने अभियंताओं से इस संबंध में सवाल किया और उच्च स्तर पर समन्वय स्थापित कर भुगतान शीघ्र कराने का निर्देश दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि वर्तमान सदर अस्पताल का कुछ हिस्सा आगामी RO-RO (या संबंधित) निर्माण से प्रभावित होगा। इसलिए, बुधौल में निर्माणाधीन 200 बेड वाले नए सदर अस्पताल का काम तेजी से पूरा कर स्वास्थ्य विभाग को जल्द से जल्द हस्तांतरित किया जाए। यह अस्पताल बिहार का सबसे बड़ा सदर अस्पताल बनेगा, जिसमें आईसीयू और डायलिसिस जैसी आधुनिक सुविधाएं होंगी। बैठक में 22 प्री-फैब्रिकेटेड हेल्थ एंड वेलनेस सेंटरों की स्थिति की भी समीक्षा की गई। 17 स्थानों पर काम प्रगति पर है, लेकिन 5 जगहों पर भूमि उपलब्ध न होने के कारण निर्माण रुका हुआ है। डीएम ने अंचल अधिकारियों को तत्काल भूमि चिन्हित कर निर्माण कार्य शुरू कराने का निर्देश दिया। BSEIDC के तहत शिक्षा विभाग की योजनाओं में लंबित कार्यों की बाधाएं दूर करने और गुणवत्ता सुनिश्चित करने के आदेश भी दिए गए। भवन प्रमंडल की विभिन्न परियोजनाओं, जैसे प्रखंड भवन, नरहट में 100 बेड का छात्रावास और अटल कला भवन (जो एक सप्ताह में शुरू होगा), में प्रगति लाने पर जोर दिया गया। मुख्यमंत्री क्षेत्र विकास योजना, सांसद निधि, कब्रिस्तान घेराबंदी और सामुदायिक भवन आदि की अद्यतन स्थिति भी ली गई। जिला पदाधिकारी ने सभी अभियंताओं को चेतावनी दी कि सरकारी प्राथमिकता वाली योजनाओं में किसी भी प्रकार की देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी और समय-सीमा के भीतर कार्यों को पूरा करना सुनिश्चित किया जाए। बैठक में सिविल सर्जन, जिला शिक्षा पदाधिकारी, डीपीएम स्वास्थ्य सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।  

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