प्रयागराज RPF ने ‘ऑपरेशन आहट’ के तहत सतर्कता और तत्परता दिखाते हुए प्रयागराज जंक्शन से एक नाबालिग किशोरी को अपहरणकर्ता के चंगुल से मुक्त कराया। आरोपी युवक को गिरफ्तार कर बिहार पुलिस के जांच अधिकारी को विधिवत सुपुर्द कर दिया गया है। इस कार्रवाई की बालिका के परिजनों और बिहार पुलिस ने सराहना की है। यह कार्रवाई 10 फरवरी 2026 को हुई, जब थाना भगवानपुर, जिला सारण (बिहार) में दर्ज अपहरण के एक मामले (मुकदमा संख्या 129/2026) की जांच अधिकारी उप निरीक्षक अमृता कुमारी ने प्रभारी निरीक्षक अमित कुमार मीणा को सूचना दी। उन्होंने बताया कि एक युवक नाबालिग लड़की का अपहरण कर प्रयागराज की ओर आया है और उसकी लोकेशन प्रयागराज जंक्शन के आसपास मिल रही है। सूचना मिलते ही प्रभारी निरीक्षक अमित कुमार मीणा के निर्देश पर उप निरीक्षक ओम प्रकाश, उप निरीक्षक गौरव और महिला हेड कांस्टेबल ऊषा मौर्या की टीम ने जंक्शन परिसर में सघन तलाशी अभियान चलाया। लोकेशन बार-बार बदलने के कारण टीम ने प्लेटफॉर्म पर खड़ी ट्रेनों और संदिग्ध स्थानों की गहन जांच की। उपलब्ध फोटो के आधार पर, टीम ने यात्री आश्रय स्थल संख्या-04 में भीड़ के बीच छिपे एक युवक और किशोरी को पहचान कर हिरासत में ले लिया। बिहार की जांच अधिकारी ने वीडियो कॉल के माध्यम से दोनों की पहचान की पुष्टि की। पूछताछ में किशोरी ने अपना नाम तनु कुमारी (15 वर्ष), निवासी सारण, बिहार बताया। आरोपी ने अपना नाम शाहनवाज अहमद (19 वर्ष), निवासी पश्चिमी चंपारण, बिहार बताया। प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया कि युवक किशोरी को गोवा ले जाने की योजना बना रहा था। RPF पोस्ट पर आवश्यक कानूनी कार्रवाई के बाद बालिका के परिजनों को सूचना दी गई और चाइल्ड लाइन प्रयागराज को भी अवगत कराया गया। किशोरी को चाइल्ड लाइन प्रतिनिधि सीमा पाल और नीतीश कुमार को विधिवत सौंप दिया गया, जबकि आरोपी को निगरानी में रखा गया। 11 फरवरी 2026 को बिहार पुलिस की जांच अधिकारी उप निरीक्षक अमृता कुमारी प्रयागराज पहुंचीं। उप निरीक्षक ओम प्रकाश द्वारा आरोपी शाहनवाज अहमद को विधिवत सुपुर्द कर दिया गया, जिसके बाद बिहार पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर अग्रिम विधिक कार्रवाई शुरू कर दी।


