अशोकनगर जिले की नईसराय तहसील में गुरुवार को सरकारी जमीन से अतिक्रमण हटाने की बड़ी कार्रवाई की गई। डुंगासरा रोड और ग्राम आमखेड़ा उर्फ नईसराय में की गई इस कार्रवाई में कुल मिलाकर करीब 50 लाख रुपये मूल्य की शासकीय भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराया गया। संवेदनशीलता को देखते हुए नईसराय, शाढ़ौरा और कदवाया थाने का पुलिस बल तथा वज्र वाहन मौके पर तैनात रहा। डुंगासरा रोड पर एक बीघा जमीन से हटाया कब्जा
तहसीलदार मयंक तिवारी और नायब तहसीलदार अरुण सिंह गुर्जर की मौजूदगी में डुंगासरा रोड स्थित शासकीय भूमि पर कार्रवाई की गई। इस जमीन को लेकर लंबे समय से न्यायालय में मामला लंबित था। कार्रवाई के दौरान पहले जरीब डालकर जमीन की पैमाइश की गई और अतिक्रमण की सीमा चिन्हित की गई। इसके बाद जेसीबी और ट्रैक्टरों की मदद से करीब एक बीघा जमीन पर लगी गेहूं की फसल हटाकर अतिक्रमण समाप्त किया गया और वहां नाली के लिए खुदाई की गई। इस भूमि की बाजार कीमत लगभग 30 से 40 लाख रुपये बताई जा रही है। नईसराय सरपंच प्रतिनिधि रामेंद्र सिंह ने बताया कि इस स्थान पर पानी निकासी के लिए नाली निर्माण प्रस्तावित है और जल्द ही निर्माण कार्य शुरू कराया जाएगा। अतिक्रमणकारी ने उठाए सवाल
अतिक्रमणकारी किसान लखन कुशवाह का कहना है कि यह दूसरी बार कार्रवाई की गई है। उनके अनुसार पहले अतिक्रमण की सीमा अलग बताई गई थी, जबकि इस बार खेत के अंदर तक सीमा तय कर उनकी एक बीघा फसल नष्ट कर दी गई। उन्होंने कार्रवाई पर आपत्ति जताई है। एंटी भू-माफिया अभियान के तहत दूसरी कार्रवाई
अशोकनगर कलेक्टर साकेत मालवीय के निर्देशन में चल रहे एंटी भू-माफिया अभियान के तहत अनुविभागीय अधिकारी ईसागढ़ के मार्गदर्शन में ग्राम आमखेड़ा उर्फ नईसराय में भी कार्रवाई की गई। तहसीलदार मयंक तिवारी, नायब तहसीलदार अरुण सिंह गुर्जर, राजस्व निरीक्षक सुरेंद्र प्रताप सिंह यादव एवं राजस्व अमले ने शासकीय सर्वे क्रमांक 207 (रकबा 0.110 हेक्टेयर) और सर्वे क्रमांक 239/2 (रकबा 0.010 हेक्टेयर) की भूमि से अवैध अतिक्रमण हटाया। आरोप है कि लखन पुत्र तूफान सिंह कुशवाह ने यहां मकान निर्माण और तार फेंसिंग कर कब्जा कर लिया था। ग्राम पंचायत को सौंपी गई भूमि
पुलिस बल और पंचायत विभाग के सहयोग से भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराया गया। प्रशासन के अनुसार इस जमीन का बाजार मूल्य लगभग 50 लाख रुपये है। अतिक्रमण हटाने के बाद भूमि को पानी निकासी की व्यवस्था के लिए ग्राम पंचायत सचिव को सुपुर्द कर दिया गया है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि शासकीय भूमि पर अवैध कब्जा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और आगे भी इस तरह की कार्रवाई जारी रहेगी।


