मोतिहारी में आशा कार्यकर्ताओं ने किया CS ऑफिस का घेराव:चार सूत्री मांगों को लेकर सौंपा ज्ञापन, वेतन लंबित होने का आरोप

मोतिहारी में आशा कार्यकर्ताओं ने किया CS ऑफिस का घेराव:चार सूत्री मांगों को लेकर सौंपा ज्ञापन, वेतन लंबित होने का आरोप

मोतिहारी में गुरुवार को बड़ी संख्या में आशा कार्यकर्ताओं ने अपनी चार सूत्री मांगों को लेकर सिविल सर्जन (सीएस) कार्यालय का घेराव किया। उन्होंने एकजुट होकर प्रदर्शन किया और बाद में सिविल सर्जन डॉ. दिलीप कुमार को एक ज्ञापन सौंपा, जिसमें अपनी मांगों से अवगत कराया। आशा कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि उन्हें एएनएम और अन्य स्वास्थ्य कर्मियों द्वारा प्रताड़ित किया जाता है, जिससे उन्हें काम करने में कठिनाई होती है। उन्होंने यह भी बताया कि पिछले छह महीनों से उनका वेतन लंबित है, जिसके कारण उन्हें आर्थिक संकट का सामना करना पड़ रहा है। कार्यकर्ताओं ने लंबित वेतन के शीघ्र भुगतान की मांग की। ”स्वास्थ्य व्यवस्था की रीढ़ होने के बावजूद मूलभूत सुविधाएं नहीं मिल रही” प्रदर्शनकारी आशा कार्यकर्ताओं की प्रमुख मांगों में बैठने के लिए अस्थायी कार्यालय की व्यवस्था, बकाया वेतन का तत्काल भुगतान, कार्यस्थल पर सम्मानजनक व्यवहार सुनिश्चित करना और उन्हें सरकारी कर्मचारी का दर्जा देना शामिल है। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य व्यवस्था की रीढ़ होने के बावजूद उन्हें मूलभूत सुविधाएं नहीं मिल रही हैं। अस्थायी कार्यालय की व्यवस्था 2 से 3 दिनों के भीतर कर दी जाएगी ज्ञापन सौंपने के बाद सिविल सर्जन डॉ. दिलीप कुमार ने आशा कार्यकर्ताओं को आश्वासन दिया कि बैठने के लिए अस्थायी कार्यालय की व्यवस्था 2 से 3 दिनों के भीतर कर दी जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि अन्य मांगों को उच्च अधिकारियों के पास भेजा जाएगा ताकि उन पर आवश्यक कार्रवाई हो सके। सीएस के आश्वासन के बाद आशा कार्यकर्ता शांत होकर अपने कार्यस्थलों पर लौट गईं। आशा कार्यकर्ताओं ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो वे भविष्य में फिर से आंदोलन करने को बाध्य होंगी। फिलहाल, प्रशासन के आश्वासन के बाद स्थिति सामान्य हो गई है। मोतिहारी में गुरुवार को बड़ी संख्या में आशा कार्यकर्ताओं ने अपनी चार सूत्री मांगों को लेकर सिविल सर्जन (सीएस) कार्यालय का घेराव किया। उन्होंने एकजुट होकर प्रदर्शन किया और बाद में सिविल सर्जन डॉ. दिलीप कुमार को एक ज्ञापन सौंपा, जिसमें अपनी मांगों से अवगत कराया। आशा कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि उन्हें एएनएम और अन्य स्वास्थ्य कर्मियों द्वारा प्रताड़ित किया जाता है, जिससे उन्हें काम करने में कठिनाई होती है। उन्होंने यह भी बताया कि पिछले छह महीनों से उनका वेतन लंबित है, जिसके कारण उन्हें आर्थिक संकट का सामना करना पड़ रहा है। कार्यकर्ताओं ने लंबित वेतन के शीघ्र भुगतान की मांग की। ”स्वास्थ्य व्यवस्था की रीढ़ होने के बावजूद मूलभूत सुविधाएं नहीं मिल रही” प्रदर्शनकारी आशा कार्यकर्ताओं की प्रमुख मांगों में बैठने के लिए अस्थायी कार्यालय की व्यवस्था, बकाया वेतन का तत्काल भुगतान, कार्यस्थल पर सम्मानजनक व्यवहार सुनिश्चित करना और उन्हें सरकारी कर्मचारी का दर्जा देना शामिल है। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य व्यवस्था की रीढ़ होने के बावजूद उन्हें मूलभूत सुविधाएं नहीं मिल रही हैं। अस्थायी कार्यालय की व्यवस्था 2 से 3 दिनों के भीतर कर दी जाएगी ज्ञापन सौंपने के बाद सिविल सर्जन डॉ. दिलीप कुमार ने आशा कार्यकर्ताओं को आश्वासन दिया कि बैठने के लिए अस्थायी कार्यालय की व्यवस्था 2 से 3 दिनों के भीतर कर दी जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि अन्य मांगों को उच्च अधिकारियों के पास भेजा जाएगा ताकि उन पर आवश्यक कार्रवाई हो सके। सीएस के आश्वासन के बाद आशा कार्यकर्ता शांत होकर अपने कार्यस्थलों पर लौट गईं। आशा कार्यकर्ताओं ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो वे भविष्य में फिर से आंदोलन करने को बाध्य होंगी। फिलहाल, प्रशासन के आश्वासन के बाद स्थिति सामान्य हो गई है।  

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