Diabetes Reversible: जब हम ‘कैपिटल’ शब्द सुनते हैं, तो बड़ा गर्व महसूस होता है। लेकिन एक ऐसी राजधानी भी है जिसमें भारत कभी अपना नाम नहीं देखना चाहता था, न चाहते हुए भी भारत की दूसरी पहचान बना ‘ग्लोबल डायबिटीज कैपिटल’ नाम। ICMR-INDIAB की रिपोर्ट में जो खुलासे किए हैं, वे भयावह हैं। चौंकाने वाली बात यह भी है कि इस लिस्ट में ‘हृदय प्रदेश’ यानी मध्य प्रदेश की स्थिति भी बेहद नाजुक होती जा रही है। patrika.com की Diabetes Reversible Series Episode 2 में पढ़ें मध्य प्रदेश समेत भारत के हाल पर संजना कुमार की रिपोर्ट…

क्या कहती है आईडीएफ डायबिटीज एटलस 2025-2026 रिपोर्ट
इंटरनेशनल डायबिटीज फेडरेशन (IDF) की 11वें एडिशन(2025-2026) की रिपोर्ट के मुताबिक भारत में हर 7 में से एक वयस्क अब डायबिटीज के साथ जी रहा है। भारत दुनिया में दूसरे नंबर पर बना हुआ है। लेकिन शुगर मरीजों की रफ्तार चीन से भी तेज है।
2050 तक 75% तक बढ़ जाएंगे मामले!
(Diabetes Reversible)हेल्थ एक्सपर्ट और डायटिशियन अंजना गुप्ता कहती हैं कि आधिकारिक तौर पर जारी संख्या पर नजर डाली जाए तो यदि यही रफ्तार बनी रही तो 2050 तक भारत में मरीजों की संख्या 15.6 करोड़ पहुंच जाएगी, ये सिर्फ उन लोगों की संख्या होगी, जिनमें शुगर डायग्नोज की गई होगी।
क्यों भारतीय शरीर है सॉफ्ट टारगेट?
इस रिपोर्ट में हमने पाया कि भारतीयों के पास ‘थ्रिफ्टी जीन’ (Thrifty Gene) होता है। यह जीन हमें अकाल से बचाने के लिए बना था, जो कैलोरी को बचाने का काम करता है। लेकिन आज जब खाने की कमी नहीं है और चलना-फिरना कम हो गया है, तो यही जीन हमारे खून में चीनी का अंबार लगा रहा है। हम 21वीं सदी का खाना, 18वीं सदी के शरीर के लिए खा रहे हैं।
‘दुबलापन’ एक बड़ा छलावा
मध्य प्रदेश समेत भारतीय लोगों में एक खास बात देखी गई है, वे ऊपर से दुबले दिखते हैं, लेकिन उनका पेट निकला होता है। मेडिकल साइंस में ऐसे लोगों को ‘थिन-फैट इंडियन’ कहा गया है। अंगों के आसपास जमी यह विसेरल वसा (Visceral Fat) इंसुलिन को ब्लॉक कर देती है। इसे ऐसे समझें…

कुल मिलाकर हम कह सकते हैं कि भारत में डायबिटीज सिर्फ एक बीमारी नहीं, महामारी (Diabetes Reversible) है। वहीं अगर आप सोचते हैं कि यह राष्ट्रीय स्तर का आंकड़ा है, तो जरा संभलिए.. क्योंकि यहां आप गलत हैं, भारत को शुगर कैपिटल बनाने में हमारे कुछ राज्यों की भूमिका बेहद खतरनाक स्तर पर बढ़ी है। मध्यप्रदेश भी इस ओर तेजी से बढ़ा है। एमपी के ये आंकड़े भयावह हैं…
एमपी को ‘मिठास’ पड़ रही भारी
मध्य प्रदेश में लाइफस्टाइल और खान-पान के प्रति लापरवाही इस बीमारी को खाद-पानी देकर पनपा रही है। हालिया स्वास्थ्य सर्वे (NFHS) और ICMR बताते हैं कि मध्य प्रदेश में लगभग 10% से 12% वयस्क आबादी डायबिटीज (Diabetes Reversible) की गिरफ्त में आ चुकी है।
शहरी इलाकों में बढ़ता खतरा
भोपाल, इंदौर और ग्वालियर में यह आंकड़ा ग्रामीण क्षेत्रों की तुलना में शहरी इलाकों में तेजी से बढ़ रहा है।
चिंता की बात क्या
मध्य प्रदेश में 'अनकंट्रोल्ड डायबिटीज' (HbA1c>9) के मामले राष्ट्रीय औसत से अधिक देखे जा रहे हैं, जिसका मतलब है कि यहां लोगों को पता तो है कि उन्हें शुगर है, लेकिन वे इसे सही ढंग से मैनेज नहीं कर रहे हैं।

मध्य प्रदेश में प्री-डायबिटीज की दर 18% का ग्राफ पार कर गई है, ये इशारा है कि अगले 3 साल में MP टॉप-5 राज्यों में शामिल हो सकता है।
45+ हैं तो आप रहें अलर्ट
अगर आपकी उम्र 45+ है और आपका वजन बढ़ रहा है, तो आप इस 21 करोड़ की लिस्ट में शामिल हो सकते हैं।
मध्य प्रदेश के ये आंकड़े भले ही भयावह हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि लैब टेस्ट से 5 साल पहले ही आपका शरीर अलार्म देने लगता है? गर्दन का कालापन, जिसे आप मैल समझते हैं असल में वो क्या है? Diabetes Reversible Series Episode 3 में हम आपको बताएंगे एमपी की गलियों में छिपे साइलेंट किलर और आपके शरीर के वो 5 अलार्म जो बताते हैं आप पर कसने वाला है शुगर का शिकंजा… संभल जाएं… हेल्द के इस सफर को पूरा करने के लिए जुड़े रहें पत्रिका.कॉम के साथ।


