भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के खिलाफ दिये नोटिस का विषय सदन में उठाया और इस पर चर्चा कराने की मांग की, विपक्ष के हंगामे के कारण सदन की कार्यवाही दिन भर के लिए स्थगित कर दी गई। वहीं, राज्यसभा में केंद्रीय बजट 2026-27 पर हुई सामान्य चर्चा का वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने जवाब दिया। वित्त मंत्री सीतारमण ने राज्यसभा में सांसदों से अपनी अपनी राज्य सरकारों से बजट में घोषित योजनाओं में शामिल होने का आग्रह करने को कहा। उन्होंने कहा कि बजट में उठाए गए कदम एक मजबूत और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण के प्रति हमारे संकल्प को साबित करते हैं। निर्मला सीतारमण ने विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं में व्यय कटौती के विपक्ष के आरोपों का खंडन किया।
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सीतारमण ने कहा कि हम एक सशक्त शिक्षा से रोजगार और उद्यम स्थायी समिति की स्थापना कर रहे हैं जो यह सुनिश्चित करेगी कि हमारे युवा सेवा क्षेत्र के लिए तैयार हों, जहां हमारा लक्ष्य 2047 तक वैश्विक बाजार का लगभग 10% हिस्सा हासिल करना है। हमने अगले पांच वर्षों में 1 लाख संबद्ध स्वास्थ्य पेशेवरों को तैयार करने का लक्ष्य रखा है, और इस योजना के लिए अगले 12 महीनों के लिए कुल 1,000 करोड़ रुपये का आवंटन किया गया है। विकसित भारत के तहत गठित उच्च स्तरीय बैंकिंग समिति बैंकिंग क्षेत्र की व्यापक समीक्षा करेगी और इसे भारत के विकास के अगले चरण के अनुरूप ढालेगी। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार का कोष कोई मुफ्त का पैसा नहीं है। यह हर भारतीय नागरिक की मेहनत से कमाई गई धनराशि है। हम समय सीमा पूरी करने के लिए इस धन को व्यर्थ नहीं करेंगे। हमारी प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी है और हम उसी का पालन करते हैं।
लोकसभा ने औद्योगिक संबंध संहिता (संशोधन) विधेयक, 2026 को पारित किया। केंद्रीय श्रम मंत्री मनसुख मांडविया ने कहा कि पहले खदान में काम करने वाले या सीवरेज साफ करने वाले श्रमिकों के लिए, कम से कम 10 कामगार वाले कंपनी के मजदूरों को ESIC में इलाज की सुविधा थी। लेबर कोड में खतरे वाले क्षेत्र के कामगार, यदी 10 से कम भी हों तो ESIC में ट्रीटमेंट की सुविधा मिलेगी। इस विधेयक में युवाओं को नियुक्ति पत्र देने की गारंटी दी गई है। हर उस युवा को, जिसे नौकरी मिलेगी, हर हाल में उसको नियुक्ति पत्र देना होगा। उन्होंने कहा कि आज तक ऐसा होता था कि कोई 5 साल तक काम करता था, तभी उसे ग्रेच्युटी मिलती थी। अब लेबर कोड में एक साल काम करने पर भी ग्रेच्युटी की गारंटी है।
राज्यसभा की कार्यवाही
कांग्रेस अध्यक्ष और राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे ने बृहस्पतिवार को कार्यस्थलों पर जाति आधारित भेदभाव को लेकर उच्च सदन में चिंता जताई और सरकार से ऐसे मामलों की समयबद्ध जांच का आग्रह किया। शून्यकाल के दौरान यह मुद्दा उठाते हुए खरगे ने कहा कि ओडिशा में एक समुदाय के लोग अपने बच्चों को दलित आंगनवाड़ी कार्यकर्ता द्वारा बनाए गये भोजन का सेवन नहीं करने दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि आंगनवाड़ी केंद्र बच्चों के शारीरिक और संज्ञानात्मक विकास की नींव हैं।
सरकार ने बृहस्पतिवार को राज्यसभा को बताया कि ई-कॉमर्स कंपनियों के लिए काम करने वाले लोगों और ‘गिग’ कर्मचारियों की सामाजिक सुरक्षा के लिए उसने 12 कंपनियों से समझौते किए हैं ताकि उन्हें ईपीएफओऔर ईएसआईसी के दायरे में लाया जा सके। श्रम एवं रोजगार राज्य मंत्री शोभा करंदलाजे ने उच्च सदन में प्रश्नकाल के दौरान पूरक सवालों के जवाब में यह जानकारी दी।
प्रधानमंत्री कार्यालय में राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह ने बृहस्पतिवार को राज्यसभा को बताया कि देश का परमाणु ऊर्जा क्षेत्र पहले सुरक्षा, तब उत्पादन के सिद्धांत का पालन करता है। उन्होंने कुडनकुलम परमाणु ऊर्जा संयंत्र से जुड़ी सुरक्षा संबंधी चिंताओं को दूर करने का प्रयास करते हुए यह बात कही।
देश में हर दिन दुर्घटनाओं में घायल होने वाले लोगों में से कई की समय पर उपचार न मिलने से मौत होने पर चिंता जताते हुए राज्यसभा में इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग के हारिस बीरन ने बृहस्पतिवार को कहा कि बढ़ती असंवेदनशीलता सभ्य समाज के माथे पर एक धब्बा है। उन्होंने यह मुद्दा उठाते हुए कहा कि असंवेदनशीलता की यह स्थिति है कि गोवा में सड़क हादसे में घायल एक युवक की मौत होने के बाद, उसकी मदद के लिए गए पुलिसकर्मी पर पीड़ित का सामान गायब करने के आरोप में मुकदमा दर्ज किया गया है।
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राज्यसभा में केरल से भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) सदस्य ए ए रहीम ने सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों में कामकाजी परिस्थितियों को लेकर बृहस्पतिवार को गंभीर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि पिछले दशक में काम से संबंधित तनाव, उत्पीड़न और कार्यस्थल पर दुर्व्यवहार के कारण लगभग 500 बैंक कर्मचारियों ने आत्महत्या कर ली।


