महाराष्ट्र के अमरावती जिले से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। यहां के चांदूर तहसील में एक 16 वर्षीय नाबालिग छात्रा के साथ पांच युवकों ने पिछले सात महीनों तक सामूहिक दुष्कर्म (Gangrape) किया। इस अमानवीय कृत्य के कारण पीड़िता तीन महीने की गर्भवती हो गई है। पुलिस ने इस मामले में पांचों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
बदनामी की धमकी देकर किया रेप
जानकारी के मुताबिक, 7 जुलाई 2025 को जब नाबालिग पीड़िता स्कूल से घर लौट रही थी, तब साईनाथ (18) और अजिंक्य (18) नाम के दो युवकों ने उसे रास्ते में रोका। उन्होंने पीड़िता को धमकी दी कि उसके अन्य लड़कों के साथ संबंध हैं और वे उसे बदनाम कर देंगे। बदनामी के डर से घबराई छात्रा को वे एक सुनसान जगह पर ले गए और पहली बार उसके साथ दुष्कर्म किया। पीड़िता ने बदनामी के डर से घटना के बारे में किसी को नहीं बताया।
7 महीने तक बनाया हवस का शिकार
पहली घटना के बाद आरोपियों का हौसला बढ़ गया। इसके बाद कार्तिक, साहिल और संकेत नाम के अन्य युवकों ने भी अलग-अलग समय पर छात्रा को अपनी हवस का शिकार बनाया। यह अत्याचार 6 फरवरी 2026 तक लगातार चलता रहा। आरोपियों ने उसके साथ कई बार दुष्कर्म किया। आरोपी लगातार छात्रा को जान से मारने और बदनाम करने की धमकी देते रहे, जिसके कारण उसने किसी को कुछ नहीं बताया।
तबीयत बिगड़ने पर हुआ खुलासा
फरवरी के पहले सप्ताह में जब छात्रा की तबीयत बिगड़ी, तब उसे डॉक्टर के पास ले जाया गया। मेडिकल जांच में यह चौंकाने वाली बात सामने आई कि वह तीन महीने की गर्भवती है। इसके बाद परिजनों ने उसे विश्वास में लेकर पूछताछ की, तो छात्रा ने आपबीती सुनाई। परिजनों की शिकायत पर चांदूर रेलवे पुलिस ने 9 फरवरी की देर रात मामला दर्ज किया।
सभी आरोपी पुलिस की गिरफ्त में
पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तुरंत कार्रवाई की। सबसे पहले कार्तिक (21) और संकेत (22) को गिरफ्तार किया गया। इसके बाद फरार चल रहे अन्य तीन आरोपियों साईनाथ, अजिंक्य और साहिल को भी पुलिस ने कुछ ही घंटों में दबोच लिया। आरोपियों के खिलाफ पॉक्सो (POCSO), सामूहिक दुष्कर्म और एट्रोसिटी कानून के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस आगे की जांच कर रही है।


