सरकारी क्वार्टर से आरक्षक के परिवार का कब्जा हटाया:दूसरी पत्नी 2 साल से जमाए थी कब्जा; पहली पत्नी ने दी थी जान देने की धमकी

सरकारी क्वार्टर से आरक्षक के परिवार का कब्जा हटाया:दूसरी पत्नी 2 साल से जमाए थी कब्जा; पहली पत्नी ने दी थी जान देने की धमकी

रतलाम के कनेरी स्थित पुलिस लाइन में गुरुवार दोपहर पुलिस ने एक दिवंगत आरक्षक का सरकारी आवास खाली कराया। आरक्षक लक्ष्मण चारेल के निधन के बाद उनकी दूसरी पत्नी जमना चारेल पिछले दो साल से यहां अवैध रूप से रह रही थीं। पुलिस और प्रशासन की टीम ने मौके पर पहुंचकर घर का सामान बाहर निकाला और मकान को सील कर दिया। इस कार्रवाई के दौरान जमकर हंगामा हुआ और आरक्षक की पत्नी व बच्चे रोते रहे। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, आरक्षक लक्ष्मण चारेल का निधन करीब ढाई वर्ष पूर्व बीमारी के चलते हो गया था। उनकी दो पत्नियां हैं। पहली पत्नी मीरा अपने चार बच्चों के साथ गांव में रहती है, जिनका नाम आरक्षक की सेवा पुस्तिका में दर्ज है। वहीं, दूसरी पत्नी जमना चारेल अपने दो बेटों और दो बेटियों के साथ पुलिस क्वार्टर में रह रही थी, लेकिन उनका नाम पुलिस रिकॉर्ड में नहीं है। पहली पत्नी को नहीं मिल पा रहे थे लाभ नियमों के मुताबिक, पहली पत्नी मीरा ही वैध वारिस हैं, लेकिन क्वार्टर खाली न होने के कारण उन्हें आरक्षक के निधन के बाद मिलने वाले विभागीय लाभ नहीं मिल पा रहे थे। परेशान होकर पहली पत्नी ने पुलिस को आवेदन देकर चेतावनी दी थी कि यदि उन्हें न्याय नहीं मिला तो वे जहर खाकर जान दे देंगी। इसके बाद पुलिस प्रशासन हरकत में आया। सामान बाहर निकालकर सील किया मकान पुलिस ने बताया कि दूसरी पत्नी को पिछले दो साल में कई बार मकान खाली करने का नोटिस दिया गया, लेकिन उन्होंने कब्जा नहीं छोड़ा। इसके बाद अधिकारियों ने एक कमेटी बनाकर गुरुवार को मकान खाली करवाया। आरआई मोहन भर्रावत, तहसीलदार ऋषभ ठाकुर, कमेटी अध्यक्ष ट्रैफिक डीएसपी आनंद स्वरूप सोनी, सैलाना एसडीओपी नीलम बघेल, नामली थाना प्रभारी गायत्री सोनी और सूबेदार मोनिका सिंह चौहान पुलिस फोर्स और फायर ब्रिगेड के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिसकर्मियों ने खुद घर का सामान उठाकर बाहर रखा। 6 महीने ही रह सकते हैं क्वार्टर में पुलिस अधिकारियों के अनुसार, किसी भी पुलिसकर्मी के निधन के बाद परिजनों को सरकारी क्वार्टर में रहने की सुविधा केवल 6 माह तक मिलती है। यहां दो साल से ज्यादा समय हो चुका था। एक सप्ताह की दी वैकल्पिक व्यवस्था आरआई मोहन भर्रावत ने बताया कि परिजनों को कई बार मकान खाली करने के लिए नोटिस दिया है। परिवार के रहने के लिए एक सप्ताह तक रहने की वैकल्पिक व्यवस्था की है, ताकि वह अपनी अन्य व्यवस्था कर सकें। वहीं, कमेटी अध्यक्ष ट्रैफिक डीएसपी आनंद स्वरूप सोनी ने बताया कि आरक्षक के परिवार के बेदखली की कार्रवाई की गई। मकान आरक्षक लक्ष्मण चारेल के नाम से आवंटित था। उनके परिवार को समय-समय पर नोटिस दिया। कई अवसर मकान खाली करने के लिए दिए। कमेटी बनाकर मकान को खाली करवाया है।

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