मधेपुरा में फार्मर रजिस्ट्री के लिए आयोजित विशेष शिविर में सहयोग नहीं करने वाले 38 कॉमन सर्विस सेंटर संचालकों की मान्यता रद कर दी गई है। इस संबंध में जिला सूचना एवं जनसंपर्क कार्यालय द्वारा जारी पत्र में बताया गया है कि किसानों के हित में फार्मर रजिस्ट्री को लेकर विशेष अभियान चलाया था, लेकिन संबंधित सीएससी संचालकों ने इसमें अपेक्षित सक्रियता नहीं दिखाई। इसे गंभीर लापरवाही मानते हुए यह सख्त कार्रवाई की गई है। प्रशासन की कार्रवाई की जद में कुमारखंड, चौसा, आलमनगर, ग्वालपाड़ा, पुरैनी, शंकरपुर, गम्हरिया, मुरलीगंज, किशनगंज, बिहारीगंज एवं मधेपुरा प्रखंड के सीएससी संचालक आए हैं। फार्मर रजिस्ट्री अभियान राज्य सरकार की प्राथमिकता वाली योजना है, जिसका उद्देश्य जिले के अधिक से अधिक किसानों का पंजीकरण कर उनका एक समेकित डेटाबेस तैयार करना है। कुछ संचालकों के सहयोग नहीं करने से अभियान प्रभावित ताकि किसानों को कृषि से जुड़ी सरकारी योजनाओं का लाभ समय पर और पारदर्शी तरीके से मिल सके। इसी उद्देश्य से जिले के विभिन्न प्रखंडों में विशेष शिविर आयोजित किए गए थे, जहां ऑनलाइन पंजीकरण की अहम जिम्मेदारी सीएससी संचालकों को दी गई थी, लेकिन कुछ संचालकों के सहयोग नहीं करने से अभियान प्रभावित हुआ। किसी भी प्रकार की उदासीनता या लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि किसानों के हित से जुड़े कार्यों में किसी भी प्रकार की उदासीनता या लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। भविष्य में भी यदि कोई संचालक सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में रुचि नहीं दिखाता है, तो उसके विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी। जिला प्रशासन ने यह भी बताया है कि फार्मर रजिस्ट्री के लिए 15 फरवरी तक विशेष कैंप का आयोजन जारी रहेगा। मधेपुरा में फार्मर रजिस्ट्री के लिए आयोजित विशेष शिविर में सहयोग नहीं करने वाले 38 कॉमन सर्विस सेंटर संचालकों की मान्यता रद कर दी गई है। इस संबंध में जिला सूचना एवं जनसंपर्क कार्यालय द्वारा जारी पत्र में बताया गया है कि किसानों के हित में फार्मर रजिस्ट्री को लेकर विशेष अभियान चलाया था, लेकिन संबंधित सीएससी संचालकों ने इसमें अपेक्षित सक्रियता नहीं दिखाई। इसे गंभीर लापरवाही मानते हुए यह सख्त कार्रवाई की गई है। प्रशासन की कार्रवाई की जद में कुमारखंड, चौसा, आलमनगर, ग्वालपाड़ा, पुरैनी, शंकरपुर, गम्हरिया, मुरलीगंज, किशनगंज, बिहारीगंज एवं मधेपुरा प्रखंड के सीएससी संचालक आए हैं। फार्मर रजिस्ट्री अभियान राज्य सरकार की प्राथमिकता वाली योजना है, जिसका उद्देश्य जिले के अधिक से अधिक किसानों का पंजीकरण कर उनका एक समेकित डेटाबेस तैयार करना है। कुछ संचालकों के सहयोग नहीं करने से अभियान प्रभावित ताकि किसानों को कृषि से जुड़ी सरकारी योजनाओं का लाभ समय पर और पारदर्शी तरीके से मिल सके। इसी उद्देश्य से जिले के विभिन्न प्रखंडों में विशेष शिविर आयोजित किए गए थे, जहां ऑनलाइन पंजीकरण की अहम जिम्मेदारी सीएससी संचालकों को दी गई थी, लेकिन कुछ संचालकों के सहयोग नहीं करने से अभियान प्रभावित हुआ। किसी भी प्रकार की उदासीनता या लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि किसानों के हित से जुड़े कार्यों में किसी भी प्रकार की उदासीनता या लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। भविष्य में भी यदि कोई संचालक सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में रुचि नहीं दिखाता है, तो उसके विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी। जिला प्रशासन ने यह भी बताया है कि फार्मर रजिस्ट्री के लिए 15 फरवरी तक विशेष कैंप का आयोजन जारी रहेगा।


