दरभंगा में आम हड़ताल के समर्थन में राष्ट्रीय एम्बुलेंस कर्मचारी संघ (ऐक्टू) ने आज काला दिवस मनाया। अलग-अलद थाना क्षेत्रों के दोनार चौक, मिर्जापुर और भंडार चौक पर प्रदर्शन करते हुए सड़क जाम कर दिया। संघ के बैनर तले डीएमसीएच इकाई के कर्मियों ने काली पट्टी बांधकर विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शन का नेतृत्व जिलाध्यक्ष दयानन्द शर्मा, रामाशीष महतो और विक्रम कुमार ने किया।
इस अवसर पर आयोजित सभा को संबोधित करते हुए खेग्रामस के राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य देवेन्द्र कुमार ने केंद्र सरकार की श्रम नीति की आलोचना करते हुए कहा कि 44 श्रम कानूनों को खत्म कर 21 नवंबर 2025 को चार श्रम संहिता लागू करना मजदूर विरोधी कदम है, जिससे कॉरपोरेट हितों को बढ़ावा मिल रहा है। ग्रामीण रोजगार योजनाओं को कमजोर किया उन्होंने आरोप लगाया कि मनरेगा जैसी ग्रामीण रोजगार योजनाओं को कमजोर किया जा रहा है, जिससे गरीब मजदूरों के सामने रोजगार संकट खड़ा हो गया है। देवेन्द्र कुमार ने कहा कि आशा, आंगनबाड़ी, रसोईया, जीविका, कुरियर, एम्बुलेंस कर्मी, टीकाकर्मी, संविदा, मानदेय और ठेका कर्मियों का भुगतान कई महीनों से लंबित है, जिससे संगठित और असंगठित दोनों क्षेत्रों के कामगारों में भारी नाराजगी है। संघ नेताओं ने सरकार से मजदूर हितों की रक्षा, लंबित भुगतान शीघ्र करने और चार श्रम कोड वापस लेने की मांग की। आंगनबाड़ी सेविकाओं का जोरदार प्रदर्शन आंगनबाड़ी सेविकाओं ने पोलो मैदान से जुलूस निकालकर अखिल भारतीय राष्ट्रव्यापी हड़ताल के समर्थन में प्रदर्शन किया। सेविकाओं ने सड़क पर उतरकर नारेबाजी की और अपनी मांगें रखीं। उन्होंने आंगनबाड़ी सेविका और सहायिकाओं को सरकारी कर्मचारी का दर्जा देने, न्यूनतम वेतनमान लागू करने और लंबित मानदेय का तत्काल भुगतान करने की मांग की।
प्रदर्शन के दौरान “नीतीश कुमार हाय-हाय”, “मोदी सरकार मुर्दाबाद” जैसे नारे लगाए गए। बड़ी संख्या में आंगनबाड़ी सेविकाएं प्रदर्शन में शामिल रहीं। भंडार चौक पर सड़क जाम, दुष्कर्म मामलों के खिलाफ गुस्सा दूसरी ओर, कटहलबाड़ी के पास प्रदर्शनकारियों ने बांस-बल्ला लगाकर टायर जलाते हुए सड़क जाम कर दिया। हाल ही में विश्वविद्यालय थाना क्षेत्र के एक मुहल्ले और बहादुरपुर थाना क्षेत्र के एक गांव में नाबालिग के साथ दुष्कर्म की घटनाओं को लेकर लोगों में आक्रोश था। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि ऐसे जघन्य अपराधों में देरी नहीं, बल्कि कार्रवाई और शीघ्र सजा सुनिश्चित करने के लिए सख्त कानून बनाए जाने चाहिए, ताकि अपराधियों में भय पैदा हो और समाज को न्याय मिल सके। प्रदर्शनकारियों ने आरोपियों को कड़ी सजा देने की मांग करते हुए नारेबाजी की है। इन्होंने कहा है कि “इंसाफ दो”, “दरभंगा पुलिस हाय-हाय”, “दुष्कर्मियों को फांसी दो”। विश्वविद्यालय थानाध्यक्ष सुधीर कुमार मौके पर पहुंचे और प्रदर्शनकारियों को समझा कर सड़क जाम हटवाया। कुछ देर बाद यातायात बहाल कर दिया गया। प्रदर्शनकारी कामेश्वर यादव ने कहा कि संसद में ऐसा कानून बनाया जाए, जिससे दुष्कर्म मामलों में आरोपियों को जल्द से जल्द फांसी की सजा मिले। प्रदर्शनकारी बिल्टू कुमार ने कहा कि बहादुरपुर और विश्वविद्यालय थाना क्षेत्र की घटनाओं में आरोपियों पर शीघ्र कठोर कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए। एसडीपीओ राजीव कुमार ने बताया कि स्थिति पूरी तरह सामान्य है। पुलिस ने लोगों को समझाकर जाम हटा लिया है और मामले में कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया था घटना के दिन ही । उन्होंने आश्वस्त किया कि कानून के तहत आरोपी को जल्द सजा दिलाने की प्रक्रिया जारी है और लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है। दरभंगा में आम हड़ताल के समर्थन में राष्ट्रीय एम्बुलेंस कर्मचारी संघ (ऐक्टू) ने आज काला दिवस मनाया। अलग-अलद थाना क्षेत्रों के दोनार चौक, मिर्जापुर और भंडार चौक पर प्रदर्शन करते हुए सड़क जाम कर दिया। संघ के बैनर तले डीएमसीएच इकाई के कर्मियों ने काली पट्टी बांधकर विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शन का नेतृत्व जिलाध्यक्ष दयानन्द शर्मा, रामाशीष महतो और विक्रम कुमार ने किया।
इस अवसर पर आयोजित सभा को संबोधित करते हुए खेग्रामस के राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य देवेन्द्र कुमार ने केंद्र सरकार की श्रम नीति की आलोचना करते हुए कहा कि 44 श्रम कानूनों को खत्म कर 21 नवंबर 2025 को चार श्रम संहिता लागू करना मजदूर विरोधी कदम है, जिससे कॉरपोरेट हितों को बढ़ावा मिल रहा है। ग्रामीण रोजगार योजनाओं को कमजोर किया उन्होंने आरोप लगाया कि मनरेगा जैसी ग्रामीण रोजगार योजनाओं को कमजोर किया जा रहा है, जिससे गरीब मजदूरों के सामने रोजगार संकट खड़ा हो गया है। देवेन्द्र कुमार ने कहा कि आशा, आंगनबाड़ी, रसोईया, जीविका, कुरियर, एम्बुलेंस कर्मी, टीकाकर्मी, संविदा, मानदेय और ठेका कर्मियों का भुगतान कई महीनों से लंबित है, जिससे संगठित और असंगठित दोनों क्षेत्रों के कामगारों में भारी नाराजगी है। संघ नेताओं ने सरकार से मजदूर हितों की रक्षा, लंबित भुगतान शीघ्र करने और चार श्रम कोड वापस लेने की मांग की। आंगनबाड़ी सेविकाओं का जोरदार प्रदर्शन आंगनबाड़ी सेविकाओं ने पोलो मैदान से जुलूस निकालकर अखिल भारतीय राष्ट्रव्यापी हड़ताल के समर्थन में प्रदर्शन किया। सेविकाओं ने सड़क पर उतरकर नारेबाजी की और अपनी मांगें रखीं। उन्होंने आंगनबाड़ी सेविका और सहायिकाओं को सरकारी कर्मचारी का दर्जा देने, न्यूनतम वेतनमान लागू करने और लंबित मानदेय का तत्काल भुगतान करने की मांग की।
प्रदर्शन के दौरान “नीतीश कुमार हाय-हाय”, “मोदी सरकार मुर्दाबाद” जैसे नारे लगाए गए। बड़ी संख्या में आंगनबाड़ी सेविकाएं प्रदर्शन में शामिल रहीं। भंडार चौक पर सड़क जाम, दुष्कर्म मामलों के खिलाफ गुस्सा दूसरी ओर, कटहलबाड़ी के पास प्रदर्शनकारियों ने बांस-बल्ला लगाकर टायर जलाते हुए सड़क जाम कर दिया। हाल ही में विश्वविद्यालय थाना क्षेत्र के एक मुहल्ले और बहादुरपुर थाना क्षेत्र के एक गांव में नाबालिग के साथ दुष्कर्म की घटनाओं को लेकर लोगों में आक्रोश था। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि ऐसे जघन्य अपराधों में देरी नहीं, बल्कि कार्रवाई और शीघ्र सजा सुनिश्चित करने के लिए सख्त कानून बनाए जाने चाहिए, ताकि अपराधियों में भय पैदा हो और समाज को न्याय मिल सके। प्रदर्शनकारियों ने आरोपियों को कड़ी सजा देने की मांग करते हुए नारेबाजी की है। इन्होंने कहा है कि “इंसाफ दो”, “दरभंगा पुलिस हाय-हाय”, “दुष्कर्मियों को फांसी दो”। विश्वविद्यालय थानाध्यक्ष सुधीर कुमार मौके पर पहुंचे और प्रदर्शनकारियों को समझा कर सड़क जाम हटवाया। कुछ देर बाद यातायात बहाल कर दिया गया। प्रदर्शनकारी कामेश्वर यादव ने कहा कि संसद में ऐसा कानून बनाया जाए, जिससे दुष्कर्म मामलों में आरोपियों को जल्द से जल्द फांसी की सजा मिले। प्रदर्शनकारी बिल्टू कुमार ने कहा कि बहादुरपुर और विश्वविद्यालय थाना क्षेत्र की घटनाओं में आरोपियों पर शीघ्र कठोर कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए। एसडीपीओ राजीव कुमार ने बताया कि स्थिति पूरी तरह सामान्य है। पुलिस ने लोगों को समझाकर जाम हटा लिया है और मामले में कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया था घटना के दिन ही । उन्होंने आश्वस्त किया कि कानून के तहत आरोपी को जल्द सजा दिलाने की प्रक्रिया जारी है और लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है।


