‘मोदी मजदूरों के खिलाफ कानून बना रहे’- रामनरेश:मधुबनी में संयुक्त ट्रेड यूनियन का आक्रोश मार्च, केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ प्रोटेस्ट

‘मोदी मजदूरों के खिलाफ कानून बना रहे’- रामनरेश:मधुबनी में संयुक्त ट्रेड यूनियन का आक्रोश मार्च, केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ प्रोटेस्ट

मधुबनी शहर में गुरुवार दोपहर संयुक्त ट्रेड यूनियन के राष्ट्रीय आह्वान पर एक प्रतिरोध मार्च निकाला गया। इस मार्च का नेतृत्व सीपीआई के जिला सचिव मिथिलेश झा, सीपीएम जिला सचिव मनोज कुमार यादव और मयंक कुमार ने किया। यह जुलूस मधुबनी टाउन क्लब मैदान से शुरू हुआ और शहर की मुख्य सड़क से होते हुए समाहरणालय स्थित डॉ. अंबेडकर स्थल पर एक सभा में तब्दील हो गया। प्रदर्शन के दौरान वामपंथी नेताओं ने केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। सभा को संबोधित करते हुए सीपीआई के राज्य सचिव रामनरेश पांडे ने कहा कि देश गंभीर संकट के दौर से गुजर रहा है और गरीब लोग और गरीब होते जा रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री मोदी मजदूरों के खिलाफ कानून बना रहे हैं, जो निंदनीय है। पांडे ने मजदूर विरोधी चार लेबर कोड, ग्रामीण विरोधी बीबी जी रामजी कानून, मनरेगा को खत्म करने की साजिश, बीज अधिनियम 25, शांति अधिनियम 25, बिजली विधेयक 25 और अमेरिका के साथ की गई डील को किसान-मजदूर विरोधी बताया। उन्होंने कहा कि ये कानून भारत के किसान-मजदूरों को तबाही के कगार पर धकेलने वाले हैं। उन्होंने मोदी सरकार पर पूंजीपतियों के पक्ष में तानाशाही रवैया अपनाने और अमेरिकी साम्राज्यवाद के आगे नतमस्तक होने का आरोप लगाया। पांडे ने यह भी कहा कि सरकार आम जनता की सामाजिक सुरक्षा खत्म कर रही है और मजदूरों की आम हड़ताल को खत्म करने की साजिश रच रही है। नेताओं ने कंपनी मालिकों के पक्ष में कानून बनाने, बारह घंटे काम की अनिवार्यता, स्थायी नौकरियों को समाप्त करने और कॉन्ट्रैक्ट पर काम करने वाले मजदूरों की नौकरी की कोई सीमा तय न होने जैसे मुद्दों पर भी सरकार की आलोचना की। उन्होंने इसे देश के लिए बेहद खतरनाक बताया। वक्ताओं ने कहा कि भारत की जनता अमेरिकी साम्राज्यवाद के खिलाफ लड़ती रही है, लेकिन प्रधानमंत्री मोदी बड़े घरानों के लिए काम कर रहे हैं। सभा को सीपीआई के सत्यनारायण राय, रामचंद्र शर्मा, दिनेश भगत, राज श्री किरण, मनोज मिश्र, सूर्य नारायण महतो, मंतोर देवी, सीताराम ठाकुर, सीपीएम के रामजी यादव, दिलीप झा, गणपति झा, शशिभूषण प्रसाद, बाबूलाल महतो, बिंदू यादव, सोनधारी यादव, राकेश कुमार पांडेय और राम नारायण वरनैत सहित कई अन्य नेताओं ने भी संबोधित किया। मधुबनी शहर में गुरुवार दोपहर संयुक्त ट्रेड यूनियन के राष्ट्रीय आह्वान पर एक प्रतिरोध मार्च निकाला गया। इस मार्च का नेतृत्व सीपीआई के जिला सचिव मिथिलेश झा, सीपीएम जिला सचिव मनोज कुमार यादव और मयंक कुमार ने किया। यह जुलूस मधुबनी टाउन क्लब मैदान से शुरू हुआ और शहर की मुख्य सड़क से होते हुए समाहरणालय स्थित डॉ. अंबेडकर स्थल पर एक सभा में तब्दील हो गया। प्रदर्शन के दौरान वामपंथी नेताओं ने केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। सभा को संबोधित करते हुए सीपीआई के राज्य सचिव रामनरेश पांडे ने कहा कि देश गंभीर संकट के दौर से गुजर रहा है और गरीब लोग और गरीब होते जा रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री मोदी मजदूरों के खिलाफ कानून बना रहे हैं, जो निंदनीय है। पांडे ने मजदूर विरोधी चार लेबर कोड, ग्रामीण विरोधी बीबी जी रामजी कानून, मनरेगा को खत्म करने की साजिश, बीज अधिनियम 25, शांति अधिनियम 25, बिजली विधेयक 25 और अमेरिका के साथ की गई डील को किसान-मजदूर विरोधी बताया। उन्होंने कहा कि ये कानून भारत के किसान-मजदूरों को तबाही के कगार पर धकेलने वाले हैं। उन्होंने मोदी सरकार पर पूंजीपतियों के पक्ष में तानाशाही रवैया अपनाने और अमेरिकी साम्राज्यवाद के आगे नतमस्तक होने का आरोप लगाया। पांडे ने यह भी कहा कि सरकार आम जनता की सामाजिक सुरक्षा खत्म कर रही है और मजदूरों की आम हड़ताल को खत्म करने की साजिश रच रही है। नेताओं ने कंपनी मालिकों के पक्ष में कानून बनाने, बारह घंटे काम की अनिवार्यता, स्थायी नौकरियों को समाप्त करने और कॉन्ट्रैक्ट पर काम करने वाले मजदूरों की नौकरी की कोई सीमा तय न होने जैसे मुद्दों पर भी सरकार की आलोचना की। उन्होंने इसे देश के लिए बेहद खतरनाक बताया। वक्ताओं ने कहा कि भारत की जनता अमेरिकी साम्राज्यवाद के खिलाफ लड़ती रही है, लेकिन प्रधानमंत्री मोदी बड़े घरानों के लिए काम कर रहे हैं। सभा को सीपीआई के सत्यनारायण राय, रामचंद्र शर्मा, दिनेश भगत, राज श्री किरण, मनोज मिश्र, सूर्य नारायण महतो, मंतोर देवी, सीताराम ठाकुर, सीपीएम के रामजी यादव, दिलीप झा, गणपति झा, शशिभूषण प्रसाद, बाबूलाल महतो, बिंदू यादव, सोनधारी यादव, राकेश कुमार पांडेय और राम नारायण वरनैत सहित कई अन्य नेताओं ने भी संबोधित किया।  

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