इंद्र-विहार में रेस्टोरेंट की अवैध बिल्डिंग गिरने की घटना के अगले दिन 8 फरवरी को नगर निगम ने उस बिल्डिंग के आसपास की 5 बिल्डिंग को अवैध निर्माण मानते हुए नोटिस जारी किए। दो दिन का समय दिया गया कि अवैध निर्माण को हटाया जाए। निगम की तरफ से नोटिस देकर इतिश्री कर ली गई। इसके बाद निगम की टीम अवैध निर्माण छोड़ शहर में हो रहे अतिक्रमण हटाने में जुट गई। इधर अवैध बिल्डिंग मालिकों की तरफ से न तो अवैध निर्माण हटाए गए न ही निगम ने ध्यान दिया। अब चार दिन बीत जाने के बाद भी जब बिल्डिंग मालिकों की तरफ से अवैध निर्माण हटाने को लेकर कोई काम नहीं हुआ तो गुरुवार को नगर निगम की टीम ने मौके पर पहुंच कर बिल्डिंगों को सीज कर दिया। नगर निगम ने सीज की कार्रवाई तो कर दी लेकिन अभी भी ये तय नहीं है कि आगे क्या एक्शन निगम लेगा। निगम की तरफ से इन बिल्डिंगों को गिराया जाएगा या मालिकों को और समय दिया जाएगा। दूसरी बिल्डिंग के भी गिरने का खतरा वही जो बिल्डिंग गिरी थी उससे सटी हुई बिल्डिंग की दीवार भी क्षतिग्रस्त है। सीढ़ियों से ऊपर जाने का रास्ता क्षतिग्रस्त हुआ हुआ है। इस भवन को भी नगर निगम ने असुरक्षित माना था लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। हालांकि निगम अधिकारियों का कहना है कि इस बिल्डिंग मलिक ने खुद ही बिल्डिंग तोड़ने के लिए समय मांगा है। बिल्डिंग को खाली करवा दिया गया है और अब कुछ एक मजदूर जो अंदर अस्थाई निर्माण थे उनको हटाने का काम कर रहे हैं। जिस बिल्डिंग की वजह से हादसा वो सीज वही जी मुरादाबाद रेस्टोरेंट की बिल्डिंग की वजह से हादसा हुआ था नगर निगम ने उसे सीज तो कर दिया लेकिन यह बिल्डिंग भी जर्जर है। ऐसे में इस बिल्डिंग के भी गिरने की आशंका बनी हुई है। लेकिन निगम का इस ओर कोई ध्यान नहीं है।


