बरेली। थाना क्योलड़िया क्षेत्र में सामने आया यह मामला किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं है। एक साल से लापता किशोरी का रहस्य जब खुला तो पूरे जिले में सनसनी फैल गई। पुलिस जांच में सामने आया कि किशोरी की बेरहमी से हत्या की गई थी। यही नहीं, इसी साजिश में एक महिला की भी पहले ही हत्या हो चुकी थी। पुलिस ने दो शातिर हत्यारोपियों को गिरफ्तार कर दोहरे हत्याकांड से पर्दा उठा दिया है।
ग्राम सतवन पट्टी निवासी अजीज अहमद की 16 वर्षीय बेटी जनवरी 2025 से लापता थी। महीनों तक परिजन दर-दर भटकते रहे। सितंबर 2025 में जब कैलाश नदी किनारे गन्ने के खेत से चोटी, कपड़े और हड्डियां मिलीं, तो पूरा इलाका दहल उठा। डीएनए जांच ने यह साफ कर दिया कि अवशेष उसी किशोरी के हैं।
मोबाइल ने खोला कातिल का राज
जांच में पुलिस ने मोबाइल कॉल डिटेल खंगाली तो गांव के ही युवक सलीम हुसैन पर शक गहराया। किशोरी से उसकी लगातार बातचीत सामने आई। यहीं से जांच ने खतरनाक मोड़ लिया और हत्या की साजिश का ताना-बाना खुलने लगा। खुद को डॉक्टर बताने वाला आसिम उर्फ अमित उर्फ डॉ बंगाली असल में अपराध की दुनिया का पुराना खिलाड़ी निकला। महिलाओं को फंसाना, धोखा देना और उन्हें रास्ते से हटाना उसकी आदत बन चुकी थी। पुलिस के मुताबिक, उसी ने अपनी पत्नी रजनी की भी 2017 में सलीम के साथ मिलकर हत्या कर दी थी।
पूछताछ में उगले दो हत्याओं के राज
पूछताछ में सलीम ने कबूल किया कि उसने पहले डॉ बंगाली की पत्नी की हत्या में हाथ बंटाया और बाद में अपनी प्रेमिका बनी किशोरी की भी गला दबाकर हत्या कर दी। शव को खेत में फेंक दिया गया और सबूत मिटाने के लिए खोपड़ी तक नदी में बहा दी गई। दोनों आरोपी पश्चिम बंगाल भागने की तैयारी में थे। भौआ बाजार के पास पैसे के इंतजार में खड़े थे, तभी पुलिस टीम ने दबिश देकर दोनों को धर दबोचा।
संगीन धाराओं में केस, लंबा आपराधिक इतिहास
दोनों आरोपियों पर हत्या, अपहरण और साक्ष्य मिटाने जैसी गंभीर धाराएं लगी हैं। सलीम और डॉ बंगाली पर पहले से ही लूट, डकैती, अपहरण और पॉक्सो जैसे कई संगीन मुकदमे दर्ज हैं। इस सनसनीखेज खुलासे को पुलिस की बड़ी सफलता माना जा रहा है। दोहरे हत्याकांड के खुलासे के बाद पूरे इलाके में दहशत और सन्नाटा पसरा है। गांव में मातम और गुस्से का माहौल बना हुआ है।


