किशनगंज में ‘अपार’ कार्ड का 66% काम पूरा:DM ने 28 फरवरी तक लक्ष्य पूरा करने के दिए निर्देश, 3,70,562 कार्ड बनाने का लक्ष्य निर्धारित

किशनगंज में ‘अपार’ कार्ड का 66% काम पूरा:DM ने 28 फरवरी तक लक्ष्य पूरा करने के दिए निर्देश, 3,70,562 कार्ड बनाने का लक्ष्य निर्धारित

किशनगंज जिले में स्कूली बच्चों के लिए केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी ‘अपार’ कार्ड योजना पर तेजी से काम चल रहा है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत, जिले में 28 फरवरी 2026 तक शत-प्रतिशत ‘अपार’ कार्ड बनाने का लक्ष्य रखा गया है। अब तक कुल लक्ष्य का 66 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है। शैक्षणिक सत्र 2025-26 के लिए सरकारी और निजी स्कूलों को मिलाकर कुल 3,70,562 कार्ड बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। 28 जनवरी तक के आंकड़ों के अनुसार, 2,44,790 कार्ड बन चुके हैं। यह योजना कक्षा 1 से 12वीं तक के सभी छात्र-छात्राओं के लिए है। छात्र-छात्राओं के बनाए जाए ‘अपार’ कार्ड हाल ही में जिलाधिकारी (डीएम) विशाल राज ने शिक्षा विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक कर कार्य की प्रगति की समीक्षा की। डीएम ने स्पष्ट निर्देश दिए कि जिन छात्र-छात्राओं के आधार कार्ड बने हुए हैं, उनके ‘अपार’ कार्ड प्राथमिकता के आधार पर बनाए जाएं। उन्होंने चेतावनी दी कि कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और निर्धारित समय सीमा के भीतर सभी बच्चों को ‘वन नेशन, वन स्टूडेंट आईडी’ से जोड़ा जाए। गलतियों के कारण पोर्टल डेटा नहीं कर रहा स्वीकार अभियान की धीमी गति के पीछे तकनीकी त्रुटियां सामने आ रही हैं। शिक्षकों के अनुसार, कुछ बच्चों के आधार कार्ड और जन्म प्रमाण पत्र में दर्ज नाम अलग-अलग हैं। इसके अलावा, अभिभावकों के नाम की वर्तनी (स्पेलिंग) में गलतियों के कारण पोर्टल डेटा स्वीकार नहीं कर रहा है। इन त्रुटियों को सुधारने की प्रक्रिया में समय लग रहा है, जिससे पंजीकरण की रफ्तार प्रभावित हो रही है। यह ‘अपार’ कार्ड एक ‘डिजिटल आईडी’ है, जिसे ‘वन नेशन, वन स्टूडेंट आईडी’ के नाम से भी जाना जाता है। इसमें छात्र की शैक्षणिक योग्यता, खेलकूद की उपलब्धियां और अन्य कौशल का पूरा रिकॉर्ड डिजिटल रूप में सुरक्षित रहता है। किशनगंज जिले में स्कूली बच्चों के लिए केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी ‘अपार’ कार्ड योजना पर तेजी से काम चल रहा है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत, जिले में 28 फरवरी 2026 तक शत-प्रतिशत ‘अपार’ कार्ड बनाने का लक्ष्य रखा गया है। अब तक कुल लक्ष्य का 66 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है। शैक्षणिक सत्र 2025-26 के लिए सरकारी और निजी स्कूलों को मिलाकर कुल 3,70,562 कार्ड बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। 28 जनवरी तक के आंकड़ों के अनुसार, 2,44,790 कार्ड बन चुके हैं। यह योजना कक्षा 1 से 12वीं तक के सभी छात्र-छात्राओं के लिए है। छात्र-छात्राओं के बनाए जाए ‘अपार’ कार्ड हाल ही में जिलाधिकारी (डीएम) विशाल राज ने शिक्षा विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक कर कार्य की प्रगति की समीक्षा की। डीएम ने स्पष्ट निर्देश दिए कि जिन छात्र-छात्राओं के आधार कार्ड बने हुए हैं, उनके ‘अपार’ कार्ड प्राथमिकता के आधार पर बनाए जाएं। उन्होंने चेतावनी दी कि कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और निर्धारित समय सीमा के भीतर सभी बच्चों को ‘वन नेशन, वन स्टूडेंट आईडी’ से जोड़ा जाए। गलतियों के कारण पोर्टल डेटा नहीं कर रहा स्वीकार अभियान की धीमी गति के पीछे तकनीकी त्रुटियां सामने आ रही हैं। शिक्षकों के अनुसार, कुछ बच्चों के आधार कार्ड और जन्म प्रमाण पत्र में दर्ज नाम अलग-अलग हैं। इसके अलावा, अभिभावकों के नाम की वर्तनी (स्पेलिंग) में गलतियों के कारण पोर्टल डेटा स्वीकार नहीं कर रहा है। इन त्रुटियों को सुधारने की प्रक्रिया में समय लग रहा है, जिससे पंजीकरण की रफ्तार प्रभावित हो रही है। यह ‘अपार’ कार्ड एक ‘डिजिटल आईडी’ है, जिसे ‘वन नेशन, वन स्टूडेंट आईडी’ के नाम से भी जाना जाता है। इसमें छात्र की शैक्षणिक योग्यता, खेलकूद की उपलब्धियां और अन्य कौशल का पूरा रिकॉर्ड डिजिटल रूप में सुरक्षित रहता है।  

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