बांका में अवैध नर्सिंग होम पर छापेमारी:एक्सपायरी दवाएं बरामद, चार कमरे किए गए सील, आशा कार्यकर्ता के विरुद्ध होगी कार्रवाई

बांका में अवैध नर्सिंग होम पर छापेमारी:एक्सपायरी दवाएं बरामद, चार कमरे किए गए सील, आशा कार्यकर्ता के विरुद्ध होगी कार्रवाई

बांका जिला पदाधिकारी नवदीप शुक्ला के निर्देश पर सिविल सर्जन द्वारा गठित टीम ने बुधवार को अमरपुर शहर में अवैध जांच घर एवं नर्सिंग होम के खिलाफ व्यापक छापेमारी अभियान चलाया। इस दौरान शहर के पुरानी चौक स्थित निरंजन मेडिकल हॉल में संचालित एक अवैध नर्सिंग होम को सील कर दिया गया। यह कार्रवाई बुधवार शाम तक जारी रही। जांच के दौरान टीम को नर्सिंग होम के दो कमरों से विभिन्न कंपनियों की बड़ी मात्रा में एक्सपायरी दवाएं बरामद हुई। जब टीम पुरानी चौक स्थित उक्त नर्सिंग होम पहुंची,तो मुख्य द्वार अंदर से बंद मिला। गेट के बाहर एक महिला रानी देवी रोती हुई मिलीं, जिन्होंने खुद को भागलपुर जिला के कजरैली थाना क्षेत्र अंतर्गत करहरिया गांव निवासी कमलेश्वरी यादव की पत्नी बताया। प्रसव का आश्वासन देकर लिया पैसा रानी देवी ने जानकारी दी कि उनकी भाभी प्रीति देवी को प्रसव पीड़ा होने पर गांव की आशा कार्यकर्ता बेला देवी उन्हें निरंजन मेडिकल हॉल स्थित डॉ. आभा कुमारी के नर्सिंग होम लाई थीं। पीड़िता के अनुसार, 9 फरवरी को दोपहर करीब तीन बजे डॉक्टर ने सुरक्षित प्रसव का आश्वासन देते हुए 30 हजार रुपए लिए। उसी रात प्रीति देवी ने एक पुत्र को जन्म दिया। परिजनों का आरोप है कि अगले दिन डॉक्टर ने नवजात शिशु को परिजनों को सौंपते हुए भागलपुर रेफर कर दिया।जब परिजन नवजात को लेकर भागलपुर पहुंचे, तो वहां चिकित्सकों ने शिशु को मृत घोषित कर दिया।इसके बाद जब वे अमरपुर नर्सिंग होम लौटे, तो उन्हें अंदर प्रवेश नहीं करने दिया गया। डॉक्टर और संचालक का फोन ऑफ मामले की गंभीरता को देखते हुए बांका सदर अस्पताल के चिकित्सा प्रभारी डॉ. शैलेन्द्र कुमार एवं अमरपुर रेफरल अस्पताल की चिकित्सा प्रभारी डॉ. दीप्ति सिन्हा ने संबंधित डॉक्टर और संचालक से संपर्क करने का प्रयास किया, लेकिन दोनों के मोबाइल फोन स्विच ऑफ मिले। अंततः पुलिस की सहायता से टीम ने नर्सिंग होम का पिछला दरवाजा खुलवाया और अंदर प्रवेश कर जांच की। जांच के दौरान कई अनियमितताएं सामने आईं। नर्सिंग होम में डॉ. एस.के. सिन्हा, स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. ए. प्रवीण, हड्डी रोग विशेषज्ञ ए.के. सिंह, दंत रोग विशेषज्ञ डॉ. ऋषि कुमार, डॉ. निशांत शेखर एवं डॉ. एन. शारूकी के नाम से केबिन व बोर्ड लगे मिले, लेकिन मौके पर कोई चिकित्सक उपस्थित नहीं था। टीम ने नर्सिंग होम में पूर्व से भर्ती मरीजों कटोरिया गांव की बीबी स्वीटी, चकसिया गांव की प्रीति देवी, गोविंदपुर गांव की मनीषा कुमारी तथा भागलपुर जिला के लोदीपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत माछीपुर गांव निवासी आंचल कुमारी को सुरक्षित प्रसव के लिए एंबुलेंस से अस्पताल भेजा।
नर्सिंग होम के चार कमरों को किया सील जिला से निर्देश मिलने के बाद मजिस्ट्रेट सह प्रखंड कल्याण पदाधिकारी गौतम कुमार के नेतृत्व में नर्सिंग होम के चार कमरों को सील कर दिया गया।चिकित्सा प्रभारी डॉ. शैलेन्द्र कुमार ने बताया कि नर्सिंग होम के लाइसेंस, चिकित्सकों के प्रमाण पत्र एवं अन्य कागजातों की जांच कर रिपोर्ट जिला प्रशासन को भेजी जाएगी। जिला स्तर से निर्देश मिलने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। आशा कार्यकर्ता के विरुद्ध होगी कार्रवाई अमरपुर रेफरल अस्पताल की चिकित्सा प्रभारी ने बताया कि एक मरीज ने चकसिया गांव की आशा कार्यकर्ता द्वारा नर्सिंग होम भेजे जाने की बात कही है। मामले की सत्यापन के बाद संबंधित आशा कार्यकर्ता के विरुद्ध विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी। छापेमारी के दौरान जहां अवैध जांच घर और नर्सिंग होम में अफरा-तफरी का माहौल देखा गया, वहीं नर्सिंग होम सील होने के बाद शहर में चर्चाओं का बाजार गर्म है। इस अभियान में अस्पताल प्रबंधक ऋषि कुमार, स्वास्थ्य प्रबंधक यशराज, स्वास्थ्य कर्मी मिथिलेश कुमार, अभिषेक कुमार घोष, दारोगा राकेश कुमार, पीटीसी सतीश कुमार सहित अन्य पुलिस पदाधिकारी एवं कर्मी मौजूद थे। बांका जिला पदाधिकारी नवदीप शुक्ला के निर्देश पर सिविल सर्जन द्वारा गठित टीम ने बुधवार को अमरपुर शहर में अवैध जांच घर एवं नर्सिंग होम के खिलाफ व्यापक छापेमारी अभियान चलाया। इस दौरान शहर के पुरानी चौक स्थित निरंजन मेडिकल हॉल में संचालित एक अवैध नर्सिंग होम को सील कर दिया गया। यह कार्रवाई बुधवार शाम तक जारी रही। जांच के दौरान टीम को नर्सिंग होम के दो कमरों से विभिन्न कंपनियों की बड़ी मात्रा में एक्सपायरी दवाएं बरामद हुई। जब टीम पुरानी चौक स्थित उक्त नर्सिंग होम पहुंची,तो मुख्य द्वार अंदर से बंद मिला। गेट के बाहर एक महिला रानी देवी रोती हुई मिलीं, जिन्होंने खुद को भागलपुर जिला के कजरैली थाना क्षेत्र अंतर्गत करहरिया गांव निवासी कमलेश्वरी यादव की पत्नी बताया। प्रसव का आश्वासन देकर लिया पैसा रानी देवी ने जानकारी दी कि उनकी भाभी प्रीति देवी को प्रसव पीड़ा होने पर गांव की आशा कार्यकर्ता बेला देवी उन्हें निरंजन मेडिकल हॉल स्थित डॉ. आभा कुमारी के नर्सिंग होम लाई थीं। पीड़िता के अनुसार, 9 फरवरी को दोपहर करीब तीन बजे डॉक्टर ने सुरक्षित प्रसव का आश्वासन देते हुए 30 हजार रुपए लिए। उसी रात प्रीति देवी ने एक पुत्र को जन्म दिया। परिजनों का आरोप है कि अगले दिन डॉक्टर ने नवजात शिशु को परिजनों को सौंपते हुए भागलपुर रेफर कर दिया।जब परिजन नवजात को लेकर भागलपुर पहुंचे, तो वहां चिकित्सकों ने शिशु को मृत घोषित कर दिया।इसके बाद जब वे अमरपुर नर्सिंग होम लौटे, तो उन्हें अंदर प्रवेश नहीं करने दिया गया। डॉक्टर और संचालक का फोन ऑफ मामले की गंभीरता को देखते हुए बांका सदर अस्पताल के चिकित्सा प्रभारी डॉ. शैलेन्द्र कुमार एवं अमरपुर रेफरल अस्पताल की चिकित्सा प्रभारी डॉ. दीप्ति सिन्हा ने संबंधित डॉक्टर और संचालक से संपर्क करने का प्रयास किया, लेकिन दोनों के मोबाइल फोन स्विच ऑफ मिले। अंततः पुलिस की सहायता से टीम ने नर्सिंग होम का पिछला दरवाजा खुलवाया और अंदर प्रवेश कर जांच की। जांच के दौरान कई अनियमितताएं सामने आईं। नर्सिंग होम में डॉ. एस.के. सिन्हा, स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. ए. प्रवीण, हड्डी रोग विशेषज्ञ ए.के. सिंह, दंत रोग विशेषज्ञ डॉ. ऋषि कुमार, डॉ. निशांत शेखर एवं डॉ. एन. शारूकी के नाम से केबिन व बोर्ड लगे मिले, लेकिन मौके पर कोई चिकित्सक उपस्थित नहीं था। टीम ने नर्सिंग होम में पूर्व से भर्ती मरीजों कटोरिया गांव की बीबी स्वीटी, चकसिया गांव की प्रीति देवी, गोविंदपुर गांव की मनीषा कुमारी तथा भागलपुर जिला के लोदीपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत माछीपुर गांव निवासी आंचल कुमारी को सुरक्षित प्रसव के लिए एंबुलेंस से अस्पताल भेजा।
नर्सिंग होम के चार कमरों को किया सील जिला से निर्देश मिलने के बाद मजिस्ट्रेट सह प्रखंड कल्याण पदाधिकारी गौतम कुमार के नेतृत्व में नर्सिंग होम के चार कमरों को सील कर दिया गया।चिकित्सा प्रभारी डॉ. शैलेन्द्र कुमार ने बताया कि नर्सिंग होम के लाइसेंस, चिकित्सकों के प्रमाण पत्र एवं अन्य कागजातों की जांच कर रिपोर्ट जिला प्रशासन को भेजी जाएगी। जिला स्तर से निर्देश मिलने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। आशा कार्यकर्ता के विरुद्ध होगी कार्रवाई अमरपुर रेफरल अस्पताल की चिकित्सा प्रभारी ने बताया कि एक मरीज ने चकसिया गांव की आशा कार्यकर्ता द्वारा नर्सिंग होम भेजे जाने की बात कही है। मामले की सत्यापन के बाद संबंधित आशा कार्यकर्ता के विरुद्ध विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी। छापेमारी के दौरान जहां अवैध जांच घर और नर्सिंग होम में अफरा-तफरी का माहौल देखा गया, वहीं नर्सिंग होम सील होने के बाद शहर में चर्चाओं का बाजार गर्म है। इस अभियान में अस्पताल प्रबंधक ऋषि कुमार, स्वास्थ्य प्रबंधक यशराज, स्वास्थ्य कर्मी मिथिलेश कुमार, अभिषेक कुमार घोष, दारोगा राकेश कुमार, पीटीसी सतीश कुमार सहित अन्य पुलिस पदाधिकारी एवं कर्मी मौजूद थे।  

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