हिण्डौनसिटी. 22 माह के लंबे अरसे से बंद पड़े सरस डेयरी प्लांट में आखिरकार दुग्ध प्रसंस्करण की गतिविधियां फिर से शुरू हो गई। बुधवार को पाश्चुरीकरण सिस्टम चालू होने के साथ ही दूध से क्रीम निकालने का कार्य प्रारंभ हुआ। गुरुवार को इसी क्रीम से घी तैयार किया जाएगा।
सरस डेयरी में बुधवार को पहले दिन सवाईमाधोपुर डेयरी प्लांट में पैकिंग और विपणन के लिए भेजे गए लगभग 5 हजार लीटर दूध से क्रीम निकाली गई। फिलहाल हिण्डौन डेयरी प्लांट में विपणन के लिए भेजे जाने वाले दूध की क्रीम से ही घी बनाया जाएगा। अधिशेष दूध को अवशीतलन कर मूल रूप में भीलवाड़ा डेयरी भेजा जाएगा। अनुमान है कि प्लांट में प्रतिदिन करीब 300 किलोग्राम घी तैयार होगा।अभी शहर में स्थानीय प्लांट से दूध की पैङ्क्षकग और विपणन में समय लगेगा। ऐसे में डीलर तय कर शहर में दूध की आपूर्ति अभी सवाईमाधोपुर प्लांट से की जाएगी। गौरतलब है कि वर्ष 2015 से संचालित सवाईमाधोपुर-करौली जिला दुग्ध उत्पादक सहकारी संघ का हिण्डौन डेयरी प्लांट मई 2024 में कम्प्रेशर खराब होने से बंद हो गया था। इसके बाद अक्टूबर 2024 में एक कम्प्रेशर चालू कराया गया, लेकिन बॉयलर खराब होने से पाश्चुरीकरण ठप पड़ गया। स्थिति बिगडऩे पर 1 जनवरी 2025 से तत्कालीन प्रबंध संचालक ने दुग्ध संग्रहण रोककर प्लांट को बंद कर दिया। करीब 11 माह बाद दिसम्बर 2025 में ग्रामीण समितियों को सक्रिय कर दूध की आपूर्ति फिर से शुरू की गई।
इनका कहना है
डेयरी संघ के हिण्डौन प्लांट में दूध का पश्चुरीकरण और क्रीम निकालने का कार्य शुरू हो गया है। फिलहाल प्लांट में घी तैयार किया जाएगा। क्षेत्र में सरस दूध की आपूर्ति सवाईमाधोपुर प्लांट से दी जाएगी।
सुरेश कुमार सेन, प्रबंध संचालक सवाई माधोपुर-करौली जिला दुग्ध उत्पादक सहकारी संघ, सवाईमाधोपुर


